इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध का सोमवार को दसवां दिन है. इजरायली आर्मी और हमास के बीच जंग जारी है. इसके साथ ही इजरायल में फंसे भारतीयों को निकालने का सिलसिला भी लगातार जारी है. राजस्थान में शेखावाटी के लक्ष्मणगढ़ इलाके की रहने वाली आंचल चौधरी इजरायल से वापस लौटी है. वो पीएचडी करने के लिए इजरायल गई थी. उसने वहां के हालात की रूह कंपा देने वाली सच्चाई बताई है.
आंचल बताती है, वो जिस हॉस्टल में रहती थी, उसके पास ही फिलिस्तान की सीमा है. आतंकी हॉस्टल के पास भी पहुंच चुके थे. उसे और हॉस्टल में साथ रहने वाले अन्य लोगों को पता चल चुका था कि आतंकियों की इजरायल की सेना के साथ मुठभेड़ शुरू हो चुकी है. सभी ने खुद को हॉस्टल में ही कैद कर लिया.
'अधिकारी व्हाट्सएप के जरिए कांटेक्ट कर रहे हैं'
करीब 45 मिनट तक सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चलती रही. गनीमत रही कि सेना ने वहां सभी आतंकियों को मार गिराया. भारतीय दूतावास से संपर्क करने के बाद अब आंचल सुरक्षित वापस लौटी है. उसका कहना है कि जिन इलाकों में ज्यादा खतरा है, वहां रहने वाले भारतीयों से भारतीय दूतावास के अधिकारी व्हाट्सएप के जरिए कांटेक्ट कर रहे हैं.
इतना ही नहीं इजरायल में कहीं मिसाइल अटैक होने वाला होता है तो उसके पहले ही अलर्ट आ जाता है. जगह-जगह शेल्टर होम भी लगा दिए गए हैं. अगर, हमले के दौरान कोई बाहर रह जाता है तो इन शेल्टर में जाकर शरण ले सकता है.
'इजरायल आर्मी वन ऑफ द बेस्ट आर्मी है'
उनसे कहा कि हम लोगो को भरोसा था कि इजरायल गवर्मेंट हमें कुछ होने नहीं देगी. इजरायल आर्मी वन ऑफ द बेस्ट आर्मी है. हमले के दौरान हमें इंडियन गवर्नमेंट के लिंक आए और हमने फॉर्म भरे. कुछ ही देर में कंफर्मेशन आ गया. इंडियन गवर्नमेंट ने बहुत क्विक एक्शन लिया है. सरकार ने ऑपरेशन अजय शुरू करके बहुत अच्छा किया है.
'भारत सरकार और इजरायल का शुक्रिया'
आंचल की मां ने कहा कि बेटी इजरायल के वेस्ट बैंक स्थित एरियल यूनिवर्सिटी में न्यूरोसाइंस की स्कॉलर है. 7 अक्टूबर को उसने 10:30 से 11:00 के बीच कॉल किया. उसने बताया कि मम्मी फ्रेंड के घर के आगे मिसाइल गिरी है. लेकिन इतने बड़े हमले की अचानक से किसी को उम्मीद नहीं थी. जब तक बेटी नहीं आई हम लोग टीवी के आगे ही बैठे रहे. ऑपरेशन अजय के मैं भारत सरकार और इजरायल का शुक्रिया अदा करती हूं.