राजस्थान के भिवाड़ी में उस समय हड़कंप मच गया. जब पुलिस ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताने वाले एक फर्जी व्यक्ति को गिरफ्तार किया. आरोपी फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों पर रौब झाड़ता था. आरोपी की पहचान सौरभ कुमार निवासी बागपत उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है. वह अभी दिल्ली में रहता था. बताया जाता है कि फर्जी आईपीएस भिवाड़ी पुलिस के पास पहुंचा और रात को रुकने के लिए होटल की व्यवस्था करने की बात कहने लगा. उसने बताया कि वो एसपीजी में तैनात है और एक स्पेशल मिशन पर आया है. इस पर जब पुलिस को शक हुआ, तो पुलिस ने उससे पूछताछ की और जांच पड़ताल की. इस दौरान युवक फर्जी निकला.
पूछताछ में हुआ पूरे मामले का खुलासा
थाना अधिकारी सचिन शर्मा ने बताया कि एक युवक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर थाने पहुंचा. गाड़ी पर ‘पुलिस’ लिखा हुआ था. गेट पर तैनात संतरी को युवक ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए कहा कि वो एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) में आईजी रैंक पर तैनात है और विशेष मिशन पर है. उसने रात रुकने के लिए वीआईपी कमरे की मांग की. इस पर पुलिस को उस पर शक हुआ.
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जिसके बाद पुलिस ने युवक को केबिन में बैठाकर पूछताछ शुरू की. जांच में सामने आया कि इस नाम का कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है. जब उससे आईडी कार्ड मांगा गया तो उसने फर्जी आईपीएस कार्ड दिखाया. जो पूरी तरह नकली निकला. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी को आईपीएस अधिकारियों की सुविधाओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल की अच्छी जानकारी थी. इसी का गलत फायदा उठाकर उसने फर्जी कार्ड बनवाया और गाड़ी पर ‘पुलिस’ लिखवाकर खुद को बड़ा अधिकारी बताकर कई जगह विशेष सुविधाएं हासिल कीं.
पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है आरोपी
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. एसएचओ सचिन शर्मा ने बताया कि भिवाड़ी पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ से यह बड़ा फर्जीवाड़ा समय रहते सामने आ गया. पुलिस को जब उस पर संदेह हुआ तो दस्तावेजों की गहन जांच की गई. इसके बाद उच्च अधिकारियों से जानकारी जुटाई गई तो पूरा मामला उजागर हो गया.
पुलिस पूछताछ में आरोपी सौरभ कुमार ने स्वीकार किया कि वो पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और उसे आईपीएस अधिकारियों को मिलने वाली सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल की अच्छी जानकारी थी. इसी जानकारी का गलत फायदा उठाते हुए उसने फर्जी आईपीएस कार्ड बनवाया और अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी पर पुलिस लिखवाकर अलग-अलग इलाकों में खुद को बड़ा अधिकारी बताकर धाक जमाता रहा.