मालेगांव ब्लास्ट मामले में अदालत ने 2008 के धमाके में सभी सात आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. इस धमाके में 6 लोगों की मौत हुई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे. अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष मामले को साबित करने में विफल रहा. देखें इस फैसले पर नेताओं के बयान.