वो गांव का ओझा था, एक रात उसने एक सपना देखा. उसने अपने सपने की बात गांववालों को बताई और गांववालों ने उसकी बात पर यकीन कर लिया लेकिन उस ओझा के अंधे-विश्वास की खातिर जब गांववालों ने रात में पूजा की तो उन्होंने ओझा के ही कहने पर एक नौजवान की बलि दे दी.