सिरसा में बाबा की रंगीन गुफाओं की जांच का पहला चरण पूरा हुआ. इस दौरान वहां से कई रंगीन कहानियां बाहर आईं, मगर अंदर से एक कहानी ऐसी बाहर आई है जिसे जो भी सुन रहा है वही सर पीट रहा है. ये कहानी है बाबा के करवा चौथ की, बाबा अपने डेरे में करवा चौथ मनाता था. अपनी पत्नी के साथ या पत्नी के लिए नहीं बल्कि तमाम साध्वियों के साथ उनके लिए.