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श्‍वेतपत्र

श्वेतपत्र: बिहार चुनाव में क्या है जनता का मूड?

25 अक्टूबर 2020

बिहार में चुनाव है, इसलिए हर तरफ वादों की बौछार है. चुनावों की दो तस्वीरें होती हैं. एक वो तस्वीर होती है, जिसे सत्ता पक्ष दिखाना चाहता है, दूसरी तस्वीर वो होती है, जो हकीकत में जमीन पर नजर आती है. गांव से शहर तक लोगों के लिए वे मुद्दे कौन से हैं, जो निर्णाय होगें? कोरोना की जिम्मेदारियों ने रूप रंग बदल लिया लेकिन चुनावी मैदान के तेवर नहीं बदले. नवरात्रि के कठिन उपवास के दौरान भी पीएम मोदी चुनावी मैदान में एनडीए का रथ हांकते रहे. देखिए चुनाव में क्या है बिहार की जनता का मूड, श्वेतपत्र में, श्वेता के साथ.

श्वेतपत्र: बिहार चुनाव में किसका पड़ला पड़ेगा भारी?

17 अक्टूबर 2020

बिहार में चुनाव होने वाला है. कोरोना काल में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब कहीं पर व्यापक स्तर पर मतदान हो रहा है. पहली बार ऐसा भी हो रहा है कि चुनाव में न तो लालू यादव हैं, न ही राम विलास पासवान का चेहरा. एक तरफ लालू यादव की विरासत संभाल रहे तेजस्वी यादव का चेहरा है, वहीं दूसरी तरफ राम विलास पासवान के निधन के बाद चिराग पासवान हैं, जिनकी सीएम नीतीश कुमार से खटपट हो गई है. यह भी पहली बार हो रहा है कि खुद पीएम मोदी नीतीश कुमार के चुनाव प्रचार के लिए चुनावी समर में उतर रहे हैं. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि बिहार चुनाव में वोटर किसके साथ हैं, देखिए श्वेता सिंह के साथ.

श्वेतपत्र: प्रशासनिक भेदभाव ने रेप की जांच को बनाया तमाशा?

04 अक्टूबर 2020

16 दिसंबर 2012 में हुए निर्भया कांड ने देशभर को झकझोर दिया था. देश में सियासतदान एकजुट होकर, बलात्कार के खिलाफ कठोर कानून बनाने को एकमत हो गए थे. कानून बना, निर्भया के दोषियों को फांसी हुई लेकिन क्या बलात्कार रुके? देश के हर कोने में कई न कोई नई निर्भया नजर आती है. यह किसकी असफलता है? यह किसके मुंह पर तमाचा है? क्यों नहीं इस देश में महिलाएं सुरक्षित हैं. किसी बेटी के खिलाफ ऐसी हरकत हो तो क्या चाहिए, सियासत या हमेशा के लिए अपराधियों के लिए नासूर बन जाए. हाथरस पीड़िता के साथ क्या हुआ? आज इन्हीं सवालों पर देखिए श्वेतपत्र, श्वेता के साथ.

श्वेतपत्र: भारत कोरोना वैक्सीन और दवा बनाने के करीब?

23 मई 2020

देश भर में कोरोना के मामले 1.25 लाख के पार पहुंच गया है. कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया. लेकिन लॉकडाउन हमेशा रह नहीं सकता. कोरोना से बचने के लिए 2 ही रास्ते हैं. पहला कि हम कितना एहतियात बरते हैं और दूसरा जल्द से जल्द कोई इलाज ढूंढ कर निकालें. भारत में वैक्सीन और दवाइयों को लेकर अलग-अलग शोध चल रही हैं. श्वेता सिंह ने अलग-अलग वैज्ञानिक से मिलकर और प्रयोगशालाऔं में जाकर पता करने की कोशिश कि क्या कोरोना वायरस का इलाज भारत में जल्द मिलने वाला है. देखें श्वेतपत्र.

जानिए, बिना लक्षण वाले कोरोना के मरीज देश के लिए कितना बड़ा सरदर्द?

26 अप्रैल 2020

दुनियाभर में दहशत फैला चुका कोराना संक्रमण भारत में भी जानलेवा साबित हो चुका है. कोराना वायरस से भारत में अब तक 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. सभी राज्य सरकारें कोरोना से लड़ने के लिए युद्धस्तर पर तैयार हैं. ये लड़ाई एक ऐसे दुश्मन के खिलाफ है जो नज़र नहीं आता, जिससे कैसे लड़ना है कोई नहीं जानता, जिसको कैसे हराना है कोई नहीं जानता. इस बीच कोरोना वायरस के बिना लक्षण वाले मरीजों के कई मामले सामने आए हैं. ऐसे मरीजों को एसिम्पटोमैटिक मरीज कहा जाता है. ऐसे मरीज जिनमें कोई लक्षण नहीं है वह न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं. आजतक के स्पेशल शो में हम आपको कोरोना से जुड़े कई सवालों का जवाब देंगे. देखिए श्वेतपत्र.

क्या भारत को मिल चुका है कोरोना वैक्सीन का फॉर्मूला?

19 अप्रैल 2020

भारत और कोरोना की जो लड़ाई चल रही है, इसके लिए जो कोशिशें की जा रहीं हैं क्या वो पर्याप्त हैं. इस लड़ाई में हम बाकी देशों के मुकाबले कितना आगे हैं? क्या हम वाकई लोगों की जान बचा पा रहे हैं. इस पर देखें ये खास एपिसोड, श्वेतपत्र.

कोरोना वायरस की वैक्सीन से कितने कदम दूर है विज्ञान?

13 अप्रैल 2020

दुनिया भर में कोरोना वायरस की वजह से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक एक लाख 4 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. जबकि 17 लाख से ज्यादा संक्रमित हैं. कोरोना वायरस के इलाज के लिए पूरी दुनिया में किस तरह के शोध चल रहे हैं. COVID-19 की वैक्सीन को लेकर विज्ञान ने कहां तक सफलता हासिल की है. वो कौनसे उपचार के तरीके हैं जिनका इस्तामाल किया जा रहा है. ऐसी ही तमाम वैज्ञानिक रिपोर्ट्स के आधार पर देखिए श्वेतपत्र.

श्वेतपत्र: भारत में कौन है कोरोना का 'जीरो पेशेंट'?

14 मार्च 2020

दुनिया भर में दहशत फैला चुका कोराना वायरस भारत में भी जानलेवा साबित हो चुका है. कोराना वायरस से भारत में अब तक 2 लोगों की मौत हुई है. सभी राज्य सरकारें अब इससे लड़ने के लिए युद्धस्तर पर तैयार हैं. ये लड़ाई एक ऐसे दुश्मन के खिलाफ है जो नज़र नहीं आता, जिससे कैसे लड़ना है कोई नहीं जानता, जिसको कैसे हराना है कोई नहीं जानता. दुनिया के नक्शे पर मौजूद लगभग हर देश में इस दुश्मन ने दस्तक दे दी है. एक वायरस के ख़िलाफ़ छिड़ चुकी है जंग. आज तक के स्पोशल शो श्वेतपत्र में जानें कोराना वायरस से जुड़े हर एक सवाल का जवाब.

यहां जानें कोरोना वायरस से जुड़े हर सवाल का जवाब

07 मार्च 2020

चीन से शुरु हुआ कोरोना का कोहराम पूरी दुनिया के लिए खतरा बन चुका है. लेकिन लंबे चौड़े आंकड़ों के बावजूद इस बीमारी से लड़ा जा सकता है, और बचा जा सकता है. क्योंकि कोरोना वायरस का तो अब तक कोई उपचार बना ही नहीं, इसलिए इस बिमारी से लड़ने के लिए आपके पास दो ही हथियार हैं. जानकारी और बचाव. आज कोरोना वायरस से जुड़ी हर ज़रूरी जानकारी हम आपको देंगे. आपके मन में जो भी सवाल उठ रहे हैं उसका हर एक जवाब आपको बताएंगे. क्योंकि कोरोना वायरस से हम सबको मिलकर लड़ना है. पेश है आज के दौर में इंसानों के इस सबसे बड़े दुश्मन कोरोना वायरस पर श्वेतपत्र.

श्वेतपत्र: एग्जिट पोल के आंकड़ों का इशारा, दिल्ली में केजरीवाल दोबारा

08 फरवरी 2020

आंकड़ों का इशारा, दिल्ली में केजरीवाल दोबारा. एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक दिल्ली में न तो बीजेपी का आक्रामक प्रचार काम आया और न ही कांग्रेस की दलीलें. दिल्ली की जनता एक बार फिर से केजरीवाल पर विश्वास करती दिख रही है. वीडियो में देखें कि क्यों एग्ज़िट पोल फिर से ऐलान करते प्रतीत हो रहे हैं कि 5 साल दिल्ली में फिर से केजरीवाल?

श्वेतपत्र: देखिए, दिल्ली की चुनावी हवा का विश्लेषण

02 फरवरी 2020

कहने के लिए तो दिल्ला एक पूर्ण राज्य भी नहीं है लेकिन जिस तरह की लड़ाई दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने के लिए चल रही है वो अपने आप में अप्रत्याशित है. आज श्वेतपत्र में आपको समूचे दिल्ली का हाल दिखाएंगे. लेकिन अगर दिल्ली लगभग बंधक नजर आती है तो उसको कारणों और उसके असर का भी विश्लेषण करना जरूरी हो जाता है. दो पक्षों में बटी नजर आ रही दिल्ली की राजनीति के हर सवाल का जवाब तलाशेंगे श्वेतपत्र में, देखिए वीडियो.