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Lakhimpur Violence Case: मंत्री के बेटे पर मुश्किल भारी, सियासत जारी! देखें शंखनाद

Lakhimpur Violence Case: मंत्री के बेटे पर मुश्किल भारी, सियासत जारी! देखें शंखनाद

लखीमपुर में हुई हिंसा से उठी सियासी लपटों ने आधे हिंदुस्तान को अपनी चपेट में ले लिया है, किसानों का हितैषी होने की होड़ लग गई है, कहीं मौन प्रदर्शन हो रहा है, तो कहीं भारत बंद का आह्वान, कहीं तख्तियां लहराई जा रही हैं, तो कहीं नारेबाजी हो रही है. इन सबके बीच लखीमपुर कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र को कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, एसआईटी के सामने चुनौती होगी कि वो इन्हीं तीन दिनों में लखीमपुर कांड का सच सामने लाए, क्योंकि गृहराज्य मंत्री के बेटे होने का मसला, चुनावी रंग में रंगे यूपी में बेहद गर्म है. लखीमपुर कांड का मुख्य आरोपी आशीष मिश्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जब कोर्ट में पेश हुआ, तो उसे नहीं लगा होगा कि उससे सवाल जवाब का सख्त सिलसिला शुरु होने वाला है. लखीमपुर कांड की जांच कर रही एसआईटी ने आशीष मिश्रा के लिए 14 दिन की रिमांड की मांग की. 14 दिन तो नहीं मगर आशीष मिश्र को कोर्ट ने तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया. इन्हीं तीन दिनों में एसआईटी लखीमपुर कांड का सारा सच उगलवाना चाहेगी. देखें शंखनाद का ये एपिसोड.

The politics has intensified over the violence in Lakhimpur. At some places, there is a silent demonstration, while the other places witnessed Bharat Bandh. Amidst all this, the court has sent Ashish Mishra, the main accused of the Lakhimpur incident, on police remand for three days, the challenge before the SIT will be to bring out the truth of the Lakhimpur incident in these three days because of the issue of being the son of the Minister of State for Home. Watch this episode of Shankhnaad.

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