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शंखनाद

पलायन पर सियासत! कैराना से होकर जायेगा लखनऊ का रास्ता? देखें शंखनाद

22 जनवरी 2022

मुद्दा पलायन का हो तो यूपी की सियासत में तस्वीर कैराना की आती है. सियासत हिंदुत्व की हो तो कैराना से पलायन हुए परिवार सियासी चेहरे बन जाते हैं. बीजेपी कैराना की इसी नब्ज को पकड़ती है जिसके लिए अखिलेश यादव को वो जिम्मेदार ठहराती है. जिस राजनीतिक सोच से बीजेपी ने 2017 में पश्चिमी यूपी का किला फतह किया था उसका गढ़ कैराना है. कैराना से निकला संदेश इस क्षेत्र की 136 सीटों का भाग्य तय कर सकता है. लिहाजा मोदी के सबसे बड़े सेनापति अमित शाह ने महीनों पहले ही संदेश का मजमून तैयार कर लिया था. कैराना में हिंदु परिवारों के पलायन का मुद्दा उठाने वाले बीजेपी सांसद हुकुमदेव सिंह अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनकी आवाज की गूंज अभी भी बीजेपी की चुनावों सभाओं में पुरजोर सुनाई देती है. देखें शंखनाद.

योगी Vs अखिलेश Vs प्रियंका: यूपी में चुनाव में आर-पार, देखें शंखनाद

21 जनवरी 2022

सियासत में चेहरे का अपना ही अलग खेल होता है. मुद्दों पर कई बार चेहरे भारी पड़ जाते हैं. यूपी में कांग्रेस की कमान संभाल रही प्रियंका ने अब खुद को यूपी कांग्रेस का चेहरा बताया है. इशारे में ही सही मगर प्रियंका गांधी बताती हैं कि यूपी में कांग्रेस का चेहरा वही हैं. यूपी में कांग्रेस कार्यकर्ता काफी अरसे से मांग कर रहे हैं कि प्रियंका को यूपी का चेहरा बनाया जाए, इससे कांग्रेस को फायदा होगा. अब कांग्रेस को कितना फायदा होगा ये तो समय बताएगा मगर प्रियंका को लेकर तस्वीरें साफ हैं. देखें शंखनाद.

करहल से चुनाव लड़ेंगे अखिलेश यादव! देखें होगा कितान फायदा

20 जनवरी 2022

राजनीति में सबसे बड़ा सत्य विजय होती है इसीलिए अपने हिस्से में जीत दर्ज करने के लिए हर दांव आजमाया जाता है, ऐसा ही दांव यूपी की सीएम योगी आदित्यनाथ ने आजमाया, सुरक्षित सीट चुनी, अपने गृहनगर गोरखपुर की. ऐसा ही दांव डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने आजमाया. अपने गृहनगर की सीट चुनकर और अब ऐसा ही दांव आजमा रहे हैं अखिलेश यादव, खुलकर तो उन्होंने नहीं कहा मगर माना जा रहा है कि अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी की पारंपरिक सीट मैनपुरी से चुनाव लड़ेंगे यानि लौट के उम्मीदवारी घर को आई. देखें शंखनाद.

शंखनाद: अखिलेश या योगी, पूर्वांचल से होगा यूपी का अगला सीएम!

19 जनवरी 2022

बीतती तारीखों के साथ उत्तर प्रदेश का चुनावी समर दिलचस्प होता जा रहा है. टिकटों के बंटवारे को लेकर घमासान जारी है. आज उम्मीद की जा रही थी कि बीजेपी अपनी दूसरी लिस्ट जारी कर देगी. वहीं सहयोगियों के साथ सीटों के बंटवारे का एलान होगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. अखिलेश यादव दूसरी लिस्ट जारी नहीं कर पा रहे हैं. अपर्णा यादव बीजेपी में शामिल हुईं लेकिन सीट को लेकर घमासान जारी है. अखिलेश यादव ने चुनाव लड़ने का एलान किया. लेकिन सीट पर सस्पेंस जारी है. आज हम इसी हाफ टिकट के खेल को आपको समझाएंगे. जहां सीटों के बंटवारे, सीटों के चयन और उम्मीदवारों को लेकर घमासान जारी है. खबर है कि अखिलेश यादव भी अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे लेकिन सीट का एलान नहीं हुआ है. आखिर क्या है अखिलेश की हाफ टिकट का खेल. देखें

पंजाब में 'मान' को सम्मान और ED की छापेमारी, देखें शंखनाद

18 जनवरी 2022

पंजाब में आम आदमी पार्टी ने अपने सीएम चेहरे का एलान कर दिया है. पब्लिक सर्वे के बाद आम आदमी पार्टी का दावा है कि भगवंत मान पंजाब की जनता की पहली पसंद है. वहीं, यूपी में जारी छापेमारी की सियासत अब पंजाब तक पहुंच गई है. जहां सीएम चन्नी के करीबियों के ठिकानों पर ईडी ने शिकंजा कसा है तो विरोधियों ने बीजेपी पर हमले तेज कर दिए. इसके अलावा एक ओर मुस्लिम और हिंदुत्व की जंग वोट बैंक में तब्दील करने की कोशिश हर पार्टी अपने एजेंडे के साथ कर रही है तो वहीं अब दागी उम्मीदवारों का मुद्दा भी गरम हो रहा है. हर पार्टी के दामन में दाग है. हर पार्टी में दागी उम्मीदवारों का बोलबाला है लेकिन दूसरे के दाग किसी को अच्छे नहीं लग रहे है. देखें शंखनाद.

पश्चिम यूपी में किसान देंगे किसका साथ? देखें शखंनाद

17 जनवरी 2022

उत्तर प्रदेश के चुनावी रण को जीतने के लिए अब कसमें उठाई जा रही हैं, सौंगध ली जा रही है, ऐसी ही एक सौगंध ली है अखिलेश यादव ने. उन्होंने अन्न संकल्प लिया है, अखिलेश का ये अन्न संकल्प किसानों के इर्द-गिर्द घूम रहा है. अन्न संकल्प के सहारे वो यूपी में किसानों को साधने में लगे हैं, उनका संकल्प पूरा होगा या नहीं ये तो दस मार्च को मालूम चलेगा मगर अखिलेश के हर वार पर बीजेपी की ओर से करारा प्रहार किया जा रहा है. आज शंखनाद में बात किसानों के इर्द-गिर्द हो रही राजनीति की.

UP के रण में चलने लगे तीखे तीर, अब दंगों के आरोप वाला दांव!

16 जनवरी 2022

उत्तर प्रदेश का चुनाव सिर्फ लोकतंत्र का उत्सव नहीं है, बल्कि लोगतंत्र की भावनाओं का भूचाल भी होता है. जीत को अपने पाले में लाने के लिए हर दल ने पूरा दमखम लगा दिया है, तमन्नाओं के तीर फेंके जा रहे हैं, मगर देखना है कि किसके तीर के तकदीर में सत्ता तक पहुंचने की ताकत है. बीजेपी हो या सपा, राजनीति के धरम कांटे पर दोनों दल अपनी सियासी ताकत को तोल रहे हैं, और एक दूसरे के खिलाफ जमकर बोल रहे हैं. कोई कहता है कि इनके दावे तो छलावे हैं कोई कहता है हमारे सच्चे दावे हैं. शंखनाद में देखें कैसे तेज हुई उत्तर प्रदेश में सियासी लड़ाई.

कोरोना के चलते नहीं लगेगा रैलियों का रेला, देखें शंखनाद

15 जनवरी 2022

चुनाव आयोग ने रैलियों पर रोक की अवधि बढ़ा दी है. चुनाव आयोग ने तारीखों के ऐलान के साथ ही साफ कर दिया था कि कोरोना गाइडलाइन के साथ वो कोई समझौता नहीं कर सकते हैं. 15 तारीख को दोबारा मंथन की बात थी, जहां चुनाव आयोग ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए रैली पर प्रतिबंध जारी रखा है. छह दिन में कोरोना के ट्रेंड पर नजर डालें तो चुनाव वाले दो बड़े राज्य उत्तर प्रदेश और पंजाब में ही कोरोना बेतहाशा बढ़ा है. उत्तर प्रदेश में 8 जनवरी को 6401 केस आए थे, जो 14 जनवरी तक बढ़कर 15975 हो गए, यानी इनमें 150 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. ऐसे ही पंजाब में 8 जनवरी को 3560 केस दर्ज किए गए थे, जो 14 जनवरी को 7552 हो गए, यानी इनमें 112 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. देखें शंखनाद.

अखिलेश संग बीजेपी के बागियों का 'मेला', समाजवादी को कितना फायदा?

14 जनवरी 2022

आज समाजवादी पार्टी ने नाम भले ही वर्चुअल रैली का दिया हो लेकिन कहीं ना कहीं ये शक्ति प्रदर्शन था, जिसमें बीजेपी के बागी नेता शामिल हुए. अब सवाल खड़ा होता है कि जिस धमाके की बात स्वामी प्रसाद मौर्य कर रहे थे उस धमाके में कितना दम है? आखिर इस बगावत से बीजेपी का कितना घाटा होने वाला है और अखिलेश का कितना फायदा? कल तक अखिलेश के साथ फोटो में खिंचवाने वाले बागी चेहरे आज मंच पर साथ नजर आए. अखिलेश यादव इसे बीजेपी का खेला और समाजवादी पार्टी में मेला बता रहे हैं. देखें शंखनाद.

बीकानेर एक्सप्रेस हादसे का शिकार, जानें क्या है ट्रेन का रूट

13 जनवरी 2022

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के मैनगुड़ी में बीकानेर एक्सप्रेस पटरी से उतर गई है. इस हादसे में कई सवारियों के घायल होने की खबर है. ट्रेन की 12 बोगियां पटरी से उतर गईं. सूचना मिलते ही रेलवे और पुलिस प्रशासन समेत जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और राहत कार्य शुरू कर दिया है. हादसे के शिकार लोगों को ट्रेन की बोगियों से निकालने के बाद स्थानीय अस्पताल भेजा जा रहा है. बीकानेर एक्सप्रेस बीकानेर से गुवाहाटी जाती है, जो करीब 48 घंटे का वक्त लेती है. इस सफर में 34 स्टेशन पड़ते हैं, जिसमें कई बड़े और अहम स्टेशन हैं. देखें शंखनाद.

यूपी में तेज हुआ 'दल-बदल', कैसे खिलेगा कमल? देखें शंखनाद

12 जनवरी 2022

उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल आया हुआ है. जोड़ तोड़ वाली आजमाइश हो रही है, किसी के कुनबे टूट रहे हैं, किसी के अपने छूट रहे हैं. स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद मंत्री दारा सिंह और बीजेपी के कई विधायकों ने पार्टी का साथ छोड़ दिया. उधर समाजवादी पार्टी का साथ छोड़कर मुलायम सिंह के समधी बीजेपी में आ गए. गजब की आवाजाही है, वो भी मतदान के सिर्फ एक महीने पहले. सवाल है कि ये टूटने और जुड़ने का खेल आगे कहां तक खेला जाएगा क्योंकि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा है कि यूपी में मेला होबे. इसी पर देखिए शंखनाद का ये एपिसोड.

चुनाव के पहले स्वामी प्रसाद मौर्य के जाने से बीजेपी को कितना घाटा? देखें शंखनाद

11 जनवरी 2022

स्वामी प्रसाद मौर्य जो पहले दलितों के मसीहा बने, फिर राष्ट्रवादी और अब समाजवादी के. तो क्या स्वामी प्रसाद मौर्य समाजवादी हो गए हैं? वो स्वामी जिन्हें यूपी की सियासत का मौसम वैज्ञानिक माना जाता है, जो हवा का रूख देखकर पाला बदलते हैं, आज वही स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी का दामन छोड़कर यूपी की सियासत में हड़कंप मचा दिया है. क्या है स्वामी प्रसाद मौर्य का पूरा खेल? क्या स्वामी प्रसाद मौर्य का अपना पद से इस्तीफे देना बीजेपी को नुकसान पहुंचा सकता है. विधान सभा आने में बस कुछ ही दिन रह गए हैं और ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्य का भाजपा का साथ छोड़ देना और सपा का हाथ थाम लेना चुनाव में लाएगा बड़ा बदलाव. देखें शंखनाद का ये एपिसोड.

शंखनाद: यूपी चुनाव में कौन किस पर '20', किसे मिलेगी जीत?

09 जनवरी 2022

उत्तर प्रदेश में चुनाव हो और हिंदू-मुसलमान न हो ऐसा कतई नहीं हो सकता है. इसीलिए एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के चुनावी रण में हिंदू-मुसलमान वाला दांव आजमाया जा रहा है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस बार का चुनाव 80 फीसदी बनाम 20 फीसदी वाला होगा. तो क्या BJP को ये लगता है कि यूपी में 19 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम मतदाता बीजेपी के साथ नहीं जाता है या फिर वो BJP को पसंद नहीं करते. आपको बता दें एक दिन पहले ही यूपी में आदर्श आचार संहिता लगी है. चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी विवादित बयान न दिए जाएं जिससे आचारसंहिता की हदें टूटे. देखें शंखनाद का ये एपिसोड.

कोरोना की पाबंदियों के बीच होंगे चुनाव, किस पार्टी को मिलेगी जीत?

08 जनवरी 2022

चुनावी शंखनाद शुरू हो चुका है. चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में चुनाव का ऐलान कर दिया है. नेताओं ने कमर कस ली है. वहीं कई पाबंदियां लागू हो चुकी हैं. सबके अपने दावे हैं, सबके अपने वादे हैं. इस बार मतदाताओं की संख्या बढ़ी है. ऐसे में कोरोना और मतदाताओं की संख्या को देखते हुए चुनाव आयोग ने पूरा प्लान तैयार किया है. चुनाव आयोग की तारीखों के ऐलान के बाद देश के सबसे बड़े सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रया भी सामने आई है. देखें कैसे तारीखों के ऐलान के बाद शुरू हुआ बयानों का दौर.