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शंखनाद

असम में हिंसक झड़प, महंत की मौत के बाद के वीडियो में सबूत! देखें शंखनाद

23 सितंबर 2021

महंत नरेंद्र गिरि की मौत का सच हर कोई जानना चाहता है. मृत्यु का ये पूरा मामला सवालों की धुरी पर बहुत तेजी से नाच रहा है. इन सबके बीच एक ऐसा वीडियो सामने आ गया है. जिसने और ज्यादा शक और ज्यादा सस्पेंस बना दिया है. वहीं, असम के दरांग में अवैध अतिक्रमण को लेकर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक झड़प हुई. जिसमें 2 लोगों की मौत हुई. वहीं कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. राहुल गाँधी ने असम सरकार पर हमला करते हुए इसे प्रायोजित हिंसा बताया है. इस दौरान एक झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है. जिसमें एक शख्स एक प्रदर्शनकारी के शव के साथ बर्बरता करता नजर आ रहा है. देखें

नरेंद्र गिरी मौत मामला: देखें 48 घंटे में पुलिस को मिले कितने अहम सबूत

22 सितंबर 2021

नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में बलबीर गिरि को प्रयागराज के बाघंबरी मठ का उत्तराधिकारी घोषित किया है. बलबीर गिरि को महंत नरेंद्र गिरि ने अपना उत्तराधिकारी बताया, सुसाइड नोट में नरेंद्र गिरि ने बाघंबरी मठ के लोगों से बलबीर गिरि का समर्थन करने को कहा है. बलवीर गिरी इस समय निरंजनी अखाड़े के उप महंत है और हरिद्वार के बिल्केश्वर महादेव मंदिर की व्यवस्था का संचालन करते हैं और जिम्मेदार पद पर है. महंत नरेंद्र गिरि जब अपने शिष्य आनंद गिरि से नाराज हो गए थे तो उन्होंने जो 10 साल पहले वसीयत आनंद गिरी के नाम की थी उसको उन्होंने रद्द कर दिया था और उनकी जगह पर बलबीर गिरी जी के नाम पर वसीयत कर दी थी. देखें

नरेंद्र गिरि की मौत में ब्लैमेलिंग का एंगल, देखें प्रयागराज के बाघंबरी मठ से शंखनाद

21 सितंबर 2021

महंत नरेंद्र गिरी की मौत ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है. मौत की वजहों को लेकर पुलिस जांच कर रही है. नेताओं के आने का तांता लगा हुआ है. वहीं, महंत की मौत के सुसाइड नोट में अब ब्लैकमेलिंग का बड़ा मामला सामने आया है. अपने सुसाइड नोट में नरेंद्र गिरि ने ब्लैमेलिंग वाले उस राज का जिक्र किया है. जिसके चलते उन्हें आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा. वहीं अपने शिष्य आनंद गिरी पर कई संगीन आरोप लगाए हैं. देखें शंखनाद.

अखाड़ा परिषद के महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध हालात में मौत, फंदे से लटका मिला शव

20 सितंबर 2021

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की प्रयागराज में मौत हो गई. उनका शव का बाघम्बरी मठ में एक कमरे में फंदे से लटका हुआ था. पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई है और जांच कर रही है. बता दें कि महंत नरेंद्र गिरी संगम तट पर स्थित लेटे हनुमान मंदिर के महंत थे. कुछ दिन पहले उनका अपने शिष्य आनंद गिरि के बीच विवाद हुआ था. आनंद गिरि को अखाड़ा परिषद और मठ बाघम्बरी गद्दी के पदाधिकारी के पद से हटा दिया गया था. इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी किए थे. बाद में इसी साल मई में दोनों के बीच सुलह हो गई थी. आनंद गिरी ने अपने गुरु नरेंद्र गिरी का पैर पकड़कर मांगी थी. इसके बाद नरेंद्र गिरी ने आनंद गिरी को माफ कर दिया था. बता दें कि अखाड़ा परिषद देश के धार्मिक संतों की एक बहुत बड़ी गद्दी है, अखाड़ा परिषद देश में मौजूद सभी अखाड़ों का मुख्य संगठन है. देखें ये एपिसोड.

पंजाब: सीएम के लिए चरणजीत सिंह चन्नी बने कांग्रेस की पहली पसंद

19 सितंबर 2021

पंजाब में कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं को पछाड़ मुख्यमंत्री पद की रेस में चरणजीत सिंह चन्नी सबसे आगे निकल चुके हैं. चरणजीत सिंह को निर्विरोध विधायक दल का नेता चुना गया है. चरणजीत अब सोमवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. राज्य में पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि कोई दलित नेता मुख्यमंत्री बने. चरणजीत के नाम पर मुहर लगने के बाद, घर पर जश्न का माहौल है. परिवारजन-समर्थकों की जमावड़ा लगा हुआ है. कांग्रेस की इस दांव से विपक्षी दल अकाली दल, आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी हैरान है. देखें वीडियो.

कैप्टन अमरिंदर: सिद्धू को सीएम बनाना राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा

18 सितंबर 2021

कांग्रेस के नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. तो दूसरी ओर विधायक दल के बैठक में फैसला हुआ है कि सोनिया गांधी नए सीएम को चुनेंगे. तो कैप्टन ने ये भी साफ कर दिया है कि नवजोत सिंह सिद्धू को अगर कांग्रेस चेहरा बनाती है तो वो इसका विरोध करेंगे. अमरिंदर ने सिद्धू को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा का दोस्त बताया है. कैप्टन ने तो कहा- सिद्धू को सीएम बनाना राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है. देखें वीडियो.

शंखनाद: पीएम मोदी बोले- अफगानिस्तान में कट्टरता से शांति को खतरा

17 सितंबर 2021

शुक्रवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन के 21वीं बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया. इस दौरान शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों को पीएम मोदी ने विशेष मैसेज दिया. पीएम ने कहा- अफगानिस्तान के हालात चुनौतीपूर्ण हैं. इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और ट्रस्ट डेफिसिट से संबंधित है. और इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ता हुआ कट्टरता है. अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इस चुनौती को स्पष्ट कर दिया. पीएम जब अपना भाषण दे रहे थे तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी सुन रहे थे. देखें वीडियो.

विराट के बाद टीम इंडिया की अगुआई करेंगे रोहित शर्मा? देखें शंखनाद

16 सितंबर 2021

विराट कोहली ने आज गुरुवार को ऐलान किया कि वह अक्टूबर-नवंबर में संयुक्त अरब अमीरात में टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारत के टी20 टीम की कप्तानी छोड़ देंगे. हालांकि स्टार बल्लेबाज ने साफ किया कि वह टेस्ट और वनडे क्रिकेट में भारत का नेतृत्व करना जारी रखेंगे. साथ ही विराट कोहली ने कहा कि उन्होंने मुख्य कोच रवि शास्त्री और रोहित शर्मा सहित कई साथियों से सलाह लेने के बाद यह फैसला किया. कोहली ने यह भी कहा कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह को अपने फैसले से अवगत करा दिया है. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.

UP में भाईजान, अब्बाजान के बाद चचाजान की एंट्री, आखिर क्यों मचा घमासान?

15 सितंबर 2021

जान है तो सियासी जहान है. यूपी की सियासत में अब यही नारा बुलंद है. अब्बा जान भाईजान के बाद अब सियासत में चच्चा जान और अम्मीजान की एंट्री हो चुकी है. राकेश टिकैत ने ओवैसी को बीजेपी का चचाजान बताया है. जिस पर अब घमासान मच चुका है. बात किसान आंदोलन की थी लेकिन ओवैसी को बीच में लाकर राकेश टिकैत उस लिस्ट में शामिल हो गए हैं जिसमें जान नाम की पॉलिटिक्स चल रही है. पहले अल्लाहु अकबर का नारा और अब चचाजान, जिसने पूरे किसान आंदोलन को सियासी बना दिया है. यूपी का चुनाव सिर्फ लखनऊ की सियासत नहीं तय करता, ये दिल्ली की गद्दी का फैसला भी करता है. यहां सारे हथकड्डे अपनाए जाते हैं. आजकल यहां हिंदू मुसलमान का खेल चल रहा है, जिसमें जान वाला ट्रैंड चल रहा है. देखिए शंखनाद का ये एपिसोड.

शंखनाद: UP में अब्बाजान पर सियासी घमासान, किसे नफा, किसे नुकसान?

14 सितंबर 2021

राजनीति में हर शब्द के अपने-अपने अर्थ होते हैं. अगर सूबा चुनावी हो तो किसी शब्द पर आर-पार की जंग छिड़ सकती है. कुछ ऐसा ही हाल इस वक्त यूपी में राजनीति का है, जहां सियासी घमासान में अब्बाजान छाए हुए हैं. कोई अब्बाजान जैसे शब्द के बहाने योगी आदित्यनाथ पर सवाल उठा रहा है तो कोई इसे बीजेपी की धर्म वाली राजनीति का रूप बता रहा है. सीएम योगी आदित्यनाथ की बोली से अब्बाजान वाला तंज निकला तो ये ध्रुवीकरण वाली सियासत की धुरी बन गया. तो ऐसे में सवाल ये है कि क्या अब्बाजान वाली सियासी तान यूपी में असर दिखाएगी और अब्बाजान वाली इस तान से किसको कितना नफा नुकसान होगा. देखिए शंखनाद का ये एपिसोड.

शंखनाद: पटेल के कंधे पर हाईकमान का हाथ, नए सीएम पर जिम्मेदारी बड़ी

13 सितंबर 2021

चुनाव से करीब 15 महीने पहले गुजरात को मुख्यमंत्री के तौर पर नया चेहरा मिल गया है. अमित शाह और बीजेपी शासित पांच सूबों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में भूपेंद्र पटेल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. नए सीएम भूपेंद्र पटेल को पता है कि गुजरात में बीजेपी के विजय अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उनके पास वक्त कम है और उनकी चुनौतियां ज्यादा है. लेकिन बड़ी बात ये है कि भूपेंद्र पटेल पर पीएम मोदी का भरोसा है. आज शपथग्रहण में गृहमंत्री अमित शाह ने पीठ-थपथपाकर भूपेंद्र पटेल को संदेश दिया कि मिशन गुजरात में उनका हाथ भूपेंद्र पटेल के साथ है. देखिए शंखनाद का ये एपिसोड.

न कोई बड़ा पद, न कभी सरकार में मंत्री, देखें भूपेंद्र पटेल के सीएम बनने की इनसाइड स्टोरी

12 सितंबर 2021

गुजरात में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और इससे पहले पार्टी को नया पटेल मिल गया है. विजय रुपाणी के इस्तीफे के 24 घंटे में गुजरात के नए मुख्यमंत्री पर फैसला हो गया है. बीजेपी ने एक बार फिर चौंकाते हुए भूपेंद्र पटेल को राज्य का अगला CM चुना है. चौंकाया इसलिए, क्योंकि पहली बार विधायक बने पटेल का नाम मुख्यमंत्री की रेस में एक बार भी सामने नहीं आया था. चर्चा अलग-अलग नामों की थी लेकिन बीजेपी ने बिल्कुल नए चेहरे को गुजरात का सीएम बना दिया. शंखनाद में आपको बताएंगे भूपेंद्र पटेल के सीएम बनने की इनसाइड स्टोरी. इसके अलावा बात करेंगे बीजेपी के पाटीदार दांव की भी. देखिए ये एपिसोड.

क्या 2022 की तैयारी में हुई विजय रुपाणी की विदाई? देखें शंखनाद

11 सितंबर 2021

गुजरात में विजय रूपाणी का हटाने का दांव बीजेपी ने खेला है. इसकी एक बड़ी वजह जातीय समीकरण भी है. गुजरात में पाटीदार नेताओं का बोलबाला रहा है और रूपाणी इस समाज से नहीं आते, जिसका असर पिछले चुनाव में भी दिखा था. 2012 के चुनाव में जहां बीजेपी ने 115 सीटे मोदी के नेतृत्व में हासिल की थी. वहीं 2017 में आंकड़ा 100 के नीचे पहुंच गया था. जिसके बाद रूपाणी के सीएम ना बनने की अटकलें तेज हो गई थीं. क्या विजय रूपाणी को पद से हटाना एंटी इंकम्बेंसी कम करने की कोशिश है या ये गुजरात की वही सियासी परंपरा है, जिसके तहत अब तक नरेंद्र मोदी को छोड़कर बीजेपी का कोई भी सीएम पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया है. देखें शंखनाद.

सुधरा नहीं तालिबान, सरकार बनाने के बाद आ रहे फरमान! देखें शंखनाद

09 सितंबर 2021

तालिबान के सत्ता में आने के साथ ही फरमानों और पहरों का काला दौर शुरू हो गया है. इसकी सबसे ज्यादा मार महिलाओं पर पड़ रही है. महिलाओं के लिए पर्दा जरूरी कर दिया गया है. उनके विरोध-प्रदर्शनों पर पाबंदी लगाई जा रही है. कोशिश यही है कि किसी भी तरह महिलाओं की आवाज दबा दी जाए. तालिबान को सत्ता संभालने के बाद कुछ समझ नहीं आ रहा. यहां तक कि उसने एक लड़ाके को अफगानिस्तान की सेंट्रल बैंक का गवर्नर तक बना दिया है. दुनिया का शायद ही कोई ऐसा दफ्तर होगा जहां का मुखिया इस तरह काम करता है. टेबल पर लैपटॉप भी है और पूरी तरह लोडेड ऑटोमैटिक राइफल भी. तालिबान के इस आतंकी अर्थशास्त्री का बायोडाटा देखकर आप और भी हैरान हो जाएंगे. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.