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मानवाधिकार पर सियासी पार्टियों की अपनी-अपनी परिभाषा? देखिए हल्ला बोल

मानवाधिकार पर सियासी पार्टियों की अपनी-अपनी परिभाषा? देखिए हल्ला बोल

आइना वही रहता है, चेहरे बदल जाते हैं. 1978 में आई फिल्म शालीमार के गाने की ये लाइन आज भी मौजूं है. घटनाएं एक ही जैसी होती है लेकिन उन्हें देखने वाली नजरें बदल जाती हैं. मानवाधिकार पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भी यही बात कही. पीएम मोदी ने बिना नाम लिए हाल की घटनाओं को लेकर विपक्ष पर करारा हमला किया. अपना अपना मानवाधिकार है और उस मानवाधिकार की अपनी अपनी परिभाषा. बीजेपी पूछ रही है कि कांग्रेस को सिर्फ लखीमपुर खीरी क्यों दिखाई दे रहा है. राजस्थान में दलितों के साथ हो रहा अत्याचार क्यों नहीं दिखता. तो कांग्रेस लखीमपुर खीरी और हाथरस से लेकर पहलू खान तक को लेकर बीजेपी पर सवाल दाग रही है. देखिए हल्ला बोल का ये एपिसोड.

Speaking at an event to mark the 28th Founding Day of the National Human Rights Commission, Prime Minister Narendra Modi said that a 'selective' approach to human rights dents the country's image. PM Modi said, "some people see human rights violations in some incidents but not in others." BJP is asking that why Congress only see Lakhimpur but not the vandalism with Dalits in Rajasthan. Watch this episode of Halla Bol.

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