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Afghanistan में लोकतंत्र नहीं, शरीयत कानून, क्या तालिबानी सरकार को दुनिया देगी मान्यता? देखें हल्ला बोल

Afghanistan में लोकतंत्र नहीं, शरीयत कानून, क्या तालिबानी सरकार को दुनिया देगी मान्यता? देखें हल्ला बोल

'बदलाव की गोली, शरीयत की बोली', तलिबान एक ओर अफगानिस्तान में बदलाव की बात कर रहा है तो दूसरी ओर लोगों पर कोड़े और गोलियां बरसा रहा है. तालिबान ने अफगानिस्तान का नाम बदल दिया है और अब सरकार बनाने की तैयारी कर रहा है और ये साफ कर दिया है कि कोई लोकतंत्र नहीं होगा और शरीयत कानून के हिसाब से देश चलेगा. तालिबान न बदला था और न बदलेगा. तालिबान ने भले ही अपने चेहरे पर मुखौटा चढ़ा लिया है लेकिन उसका चेहरा अब भी वही है. काबुल एयरपोर्ट पर लोग जान बचाने के लिए किसी भी हाल में एयरपोर्ट में दाखिल होना चाहते थे. किसी भी हाल में तालिबान के चंगुल से निकल जाना चाहते थे. लेकिन तालिबान के आतंकियों को भला ये कैसे मंजूर होता. सरकार चलाने के लिए तैयार बैठे दहशतगर्दों ने अंधाधुंध गोलिया चलाईं. देखें हल्ला बोल का ये एपिसोड.

The Taliban is talking about change in Afghanistan on the one hand while on the other hand it is lashing and firing bullets at the people. The Taliban has changed the name of Afghanistan and is now preparing to form the government and has made it clear that there will be no democracy and the country will run according to Sharia law. The Taliban had not changed and will not change ever. The Taliban may have put a mask on their face, but their face is still the same. People at Kabul airport wanted to enter the airport at any cost to save their lives. But how would it have been acceptable to the Taliban terrorists? The terrorists sitting ready to run the government fired indiscriminately. Watch this episode of Halla Bol.

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