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Rajasthan: बिना अध्यापकों के ये कॉलेज, बच्चे कैसे करे पढ़ाई, देखें दस्तक

Rajasthan: बिना अध्यापकों के ये कॉलेज, बच्चे कैसे करे पढ़ाई, देखें दस्तक

देश में हर साल करीब एक करोड़ युवा ग्रेजुएट हो जाते हैं. लेकिन नौकरी सबको नहीं मिलती. इसके दो कारण होते हैं. पहला कारण रोजगार के मौके सरकार की तरफ से पैदा ना करना. दूसरा कारण होता है रोजगार लेने लायक शिक्षा ही नहीं देना. ये नौबत कैसे आती है. इसलिए राजस्थान की कहानी देखते हैं. जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कहते नहीं थकते कि उन्होंने 150 से ज्यादा कॉलेज खोल दिए .लेकिन मुख्यमंत्री जी जहां कॉलेज खोले हैं, वहां टीचर भी तो दीजिए. टीचर होंगे नहीं तो बच्चे पढ़ेंगे क्या. पढ़ेंगे नहीं तो नौकरी पाएंगे क्या ?

Every year about one crore youth become graduates in the country. But not everyone employed. There are two reasons for this. The first one is the government does not work on creating employment opportunities on behalf of the government. The second one is the quality of education the government is providing youth. Rajasthan Chief Minister gave a statement that he has opened more than 150 colleges in the states. But what’s its reality know in Dustak.

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