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क्या लोकतंत्र के खिलाफ हैं अन्ना और रामदेव?

रविवार को संसद ने साठ साल पूरे कर लिए और इस मौके पर जश्न मनाने के लिए रविवार होने के बावजूद एक विशेष सत्र बुलाया गया. इसमें सांसदों ने लोकतंत्र के मजबूत होने पर अपनी-अपनी राय रखी. लेकिन सांसदों के इस बहस में अन्ना हजारे और बाबा रामदेव के आंदोलन की गूंज सुनाई दी.लालू यादव ने लोकसभा में मुद्दा उठाया कि संसद पर सवाल क्यों? इस पर अन्ना ने फिर दोहराया कि संसद में दागी, देश के लिए खतरा हैं.

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