scorecardresearch
 
Advertisement

दंगल: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर POCSO केस, जाएंगे जेल?

दंगल: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर POCSO केस, जाएंगे जेल?

आज का दंगल उत्तर प्रदेश में सत्य सनातन और सियासत की खबर पर है. ये कहानी 18 जनवरी को संगम तट पर स्नान विवाद से शुरू हुई थी, जो अब एफआईआर तक पहुंच गई है. breaking और इस वक्त बड़ी खबर यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पीएम मोदी को लिखा पत्र अविमुक्तेश्वरानंद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग केंद्रीय एजेंसी या स्वतंत्र एजेंसी से जांच करने की मांग प्रयागराज के झूसी थाने में दर्ज पोक्सो मुकदमे की निष्पक्ष जांच की मांग outy पॉक्सो कोर्ट से आदेश के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ 2 नाबालिग बटुकों के यौन शोषण की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया है. प्रयागराज की पुलिस कभी भी शंकराचार्य से पूछताछ करने या गिरफ्तारी करने पहुंच सकती है. ये शिकायत आशुतोष ब्रह्मचारी नाम के एक दूसरे व्यक्ति की ओर से दर्ज कराई गई है. इस बीच राजनीति खुलकर अखाडे में आ चुकी है..कान्गरेस और समाजवादी पार्टी का आरोप है कि अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ राजनीतिक के तहत ये कार्रवाई हो रही है. दोनों दलों के समर्थक अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में आज नारेबाजी करते भी नजर आए. उधर अविमुक्तेश्वरानंद कहते हैं कि यूपी में बढ़ती गौहत्या का मुद्दा उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. सनातन धर्म के सर्वोच्च पीठ पर लांछन लगाया जा रहा है. अविमुक्तेश्वरानंद ने यूपी की पुलिस पर अविश्वास भी जताया है और गैर बीजेपी शासित राज्य की पुलिस से जांच की मांग की है. उधर अखिलेश यादव अलग अफसोस जता रहे हैं कि रामभद्राचार्य पर से धोखाधड़ी का केस वापस करके उन्होंने गलती कर दी थी. क्योंकि खबर है कि शंकराचार्य पर केस कराने वाला शख्स रामभद्राचार्य का ही शिष्य है. तो गंगा तट से शुरू हुई सियासत अब प्रयाग से काशी तक पहुंच चुकी है. इसमें किस धारा में राजनीति के कौन रंग छिपे हैं. ब्राह्मण वोटबैंक से लेकर यूजीसी तक की कितनी सियासत छिपी है. तमाम मुद्दों पर चर्चा करेंगे.

Advertisement
Advertisement