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काम और जीवन नहीं, बस जीवन और जीवन

आजकल मैं देखता हूँ कि ‘भगवान का शुक्र है कि आज शुक्रवार है’ की संस्कृति आ गई है. इसका मतलब है कि लोग सप्ताह में पांच दिन मरे रहते हैं और और सिर्फ सप्ताहांत पर जीते हैं. यह जीने का अच्छा तरीका नहीं है. आपको सातों दिन जीना चाहिए.

सद्गगुरु के विचार सद्गगुरु के विचार

प्रश्न: कोई व्यक्ति काम और जीवन, और खासकर परिवार और बच्चों के बीच संतुलन कैसे कायम करता है? 

सद्गुरु: आपके काम को जीना होगा और आपको जीवन पर काम करना होगा. काम और जीवन जैसी कोई चीज नहीं होती; यह बस जीवन और जीवन है.

आजकल मैं देखता हूँ कि ‘भगवान का शुक्र है कि आज शुक्रवार है’ की संस्कृति आ गई है. इसका मतलब है कि लोग सप्ताह में पांच दिन मरे रहते हैं और और सिर्फ सप्ताहांत पर जीते हैं. यह जीने का अच्छा तरीका नहीं है. आपको सातों दिन जीना चाहिए.

आज समाज में जिसे मजा या मस्ती माना जाता है, उसके और काम के बीच अंतर बहुत ज्यादा तीखा है - खासकर अमेरिकी समाज में. कुछ लोग शुक्रवार की सुबह, अपनी पैंट के नीचे, समुद्रतट पर पहनी जाने वाली नेकर पहनकर ऑफिस जाते हैं. जब वे शाम को पार्किंग स्थल से निकलते हैं, तो अपनी पैंट उतार देते हैं, क्योंकि वे शुक्रवार शाम को अपनी औपचारिक पैंट-शर्ट के बजाय ‘सी-बीच’ के कपड़ों में दिखना चाहते हैं! 

ऐसा मुख्यतया इसलिए है क्योंकि लोग अपने काम को झेल रहे हैं. जो इंसान काम के आनंद को जानता है वह छुट्टी नहीं चाहेगा. मेरे लिए, मेरा काम एक प्रेम प्रसंग है. अगर मैं दिन में बीस घंटे काम करूं, तो मुझे ऐसा नहीं लगता कि मुझसे कुछ छिन गया है. अगर आप निरंतर उसको बनाने में लगे रहते हैं, जिसकी आप परवाह करते हैं, फिर आप चाहे कार्यस्थल पर हों या सड़क पर हों, आपको हमेशा लगेगा कि आप छुट्टी मना रहे हैं. यह शरीर कभी-कभी थोड़ा आराम चाहता है, लेकिन अगर आपको काम से अवकाश चाहिए, तो इसका मतलब है कि आप कुछ ऐसा कर रहे हैं जिसकी आप वाकई परवाह नहीं करते. अगर आप कुछ ऐसा कर रहे हैं जिसकी आप वाकई परवाह करते हैं, तो आप अवकाश क्यों लेना चाहेंगे? मैं तो चाहूँगा कि दिन में 48 घंटे हों, अगर वह संभव हो, पर एक रहस्यदर्शी को भी अतिरिक्त समय नहीं दिया जाता!

परिवार या काम - जीवन को स्पर्श करना

एक महत्वपूर्ण चीज लोग यह कर सकते हैं कि विभिन्न चीजें जो आप कार्यस्थल पर कर रहे हैं, उस पर परिवार के साथ चर्चा करें. इससे एक बिलकुल अलग स्तर का भरोसा पैदा होता है, और आप नहीं जानते कि आपके परिवार से क्या अंतर्दृष्टि मिल सकती है. ये वो लोग हैं जो आपके काम के बाहरी दर्शक हैं, लेकिन ये वो लोग हैं जिन पर आप भरोसा करते हैं, और जो आपसे प्रेम करते हैं और आपको सफल होते देखना चाहते हैं. उनकी सलाह बहुत कीमती हो सकती है. सलाह आपकी पत्नी से आ सकती है, आपके पांच साल के बच्चे से आ सकती है, आप नहीं जानते. मैं जानता हूँ कि लोग अपने काम के बारे में बातचीत को परिवार से दूर रखना चाहते हैं, लेकिन मैं कहूंगा कि यह एक गलती है. काम के बारे में बातचीत बड़ी दिलचस्प क्यों नहीं हो सकती, अगर आप कोई ऐसी चीज बना रहे हैं जिसकी आप परवाह करते हैं. परिवार भी इसमें शामिल हो सकता है, और जब आप घर पर हैं, हालांकि आप अपने हाथों से असल में काम न कर रहे हों, पर फिर भी आप कल या भविष्य के बारे में सोच रहे होंगे और योजना विकसित कर रहे होंगे.

लोग अपने जीवन को बांट देने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि आप सोचते हैं कि काम आप बस पैसे के लिए करते हैं और परिवार आप जीवन को छूने के लिए चलाते हैं. लेकिन इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप कितना पैसा कमाते हैं, अगर आप पाते हैं कि जो आप करते हैं, उसने आपके पति, पत्नी या बच्चों को नहीं छुआ, तो अचानक हर चीज बेमानी लगती है. आप अपने जीवन में कहीं न कहीं चाहते हैं कि आपके द्वारा की गई गतिविधियां लोगों को स्पर्श करें. इस पहलू को सिर्फ परिवार तक ही सीमित रहने की जरूरत नहीं है. यह जीवन के हर क्षेत्र में फैल सकता है. मिसाल के लिए, अगर आपको कोई फिल्म बनानी हो, तो क्या आप इसे ऐसे बनाना चाहेंगे कि कोई भी इसे नहीं देखना चाहे. या एक ऐसा घर बनाना चाहते हैं जिसमें कोई नहीं रहना चाहता. आप ऐसी चीज नहीं बनाना चाहते जो कोई भी इस्तेमाल नहीं करना चाहता. कुछ तरीकों से, आप लोगों के जीवन को छूना चाहते हैं. 

काम बस उस पैसे के बारे में नहीं है जो आप प्राप्त करते हैं. यह उस सौभाग्य के बारे में है जो आपको कुछ बनाने के लिए दिया गया है. पैसा अपने जीवन को चलाने का साधन मात्र है, सिर्फ उस हद तक, जितना जरूरी हो. हालांकि, आपसे जो करने को कहा गया है, उस संदर्भ में आपको हमेशा खुद का आंकलन करना चाहिए. आपको दी जाने वाली जिम्मेदारी का स्तर क्या है? खुद के लिए और अपने आस-पास हर किसी के लिए, आपके पास सचमुच लाभप्रद चीज बनाने के लिए क्या अवसर है. दुनिया में आप जो भी काम करते हैं, वह आपके लिए सचमुच लाभप्रद तभी होगा अगर आप लोगों के जीवन को गहराई से छू पाते हैं. 

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