scorecardresearch
 

ट्विशा शर्मा केस: 46 मोबाइल नंबर जांच के घेरे में, क्या कॉल रिकॉर्ड खोलेंगे मौत का राज?

ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में बुधवार को कई अहम घटनाक्रम सामने आए. अदालत ने दूसरी पोस्टमार्टम याचिका खारिज कर दी, जबकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने परिवार को भरोसा दिया कि राज्य सरकार जांच CBI को सौंपने के लिए पत्र लिखेगी. परिवार ने 46 मोबाइल नंबरों का कॉल डाटा और डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग की है.

Advertisement
X
परिवार ने इनके डाटा सुरक्षित रखने की मांग की है. File Photo ITG
परिवार ने इनके डाटा सुरक्षित रखने की मांग की है. File Photo ITG

ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में बुधवार को कई अहम घटनाएं सामने आईं. एक तरफ अदालत ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की याचिका स्वीकार करने से इनकार कर दिया, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए औपचारिक पत्र भेजेगी.

33 वर्षीय ट्विशा शर्मा मॉडलिंग और एक्टिंग से जुड़ी थीं, 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं. परिजनों ने आरोप लगाया है कि विवाह के बाद से उन्हें दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था और मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था.

46 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल सुरक्षित रखने की मांग
इस बीच परिवार ने 46 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डाटा, व्हाट्सऐप और डिजिटल मेटाडाटा सुरक्षित रखने की भी मांग की है. इसमें परिवार, घरेलू कर्मचारी, ड्राइवर, करीबी सहयोगी और घटना से पहले व बाद में जुड़े लोगों के नंबर शामिल हैं.

परिवार ने जांच पर उठाए सवाल
ट्विशा के परिवार ने स्थानीय पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना वजह प्रशासनिक देरी से शव खराब हो सकता है और अहम फॉरेंसिक साक्ष्य नष्ट होने का खतरा है. परिवार ने आरोप लगाया कि जमानत पर बाहर मौजूद मुख्य आरोपी गिरिबाला सिंह ने न्यायिक कार्यालय परिसर का उपयोग कर मीडिया से बातचीत की और मृतका के खिलाफ बयान दिए.

Advertisement

इस पर मृतका के पिता नवनीधि शर्मा ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई सी पटेल को संवैधानिक ज्ञापन सौंपकर गिरिबाला सिंह की अर्ध-न्यायिक पद पर भूमिका की समीक्षा की मांग की है.

FIR और मेडिकल रिपोर्ट में क्या?
परिवार ने कहा कि एफआईआर और प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 'एंटीमॉर्टम हैंगिंग' के साथ शरीर के अन्य हिस्सों पर कई चोटों का भी उल्लेख है. उनका कहना है कि इन तथ्यों ने परिवार के मन में मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है.

पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन
इसी बीच भोपाल में 50 से अधिक पूर्व सैनिक मोटरसाइकिल रैली निकालकर ट्विशा शर्मा को न्याय दिलाने और मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर कराने की मांग करते नजर आए. उल्लेखनीय है कि ट्विशा शर्मा के भाई भारतीय सेना में मेजर हैं.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement