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वर्दी भी-हमदर्दी भी... रिटायर्ड फौजी ने दलित परिवार पर बरपाया था कहर, जिंदगी-मौत से जूझ रहे घायलों को Police ने दिया खून

Crime News: पुलिस ने मुख्य आरोपी यशवीर सिंह भदौरिया और उसके सहयोगी रंजीत वाल्मीकि को पकड़ लिया है. दोनों पर दलित परिवार धर्मवीर जाटव राजवीर जाटव पर फायरिंग करने का मुकदमा दर्ज है. 

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गोलीकांड के घायलों को पुलिस ने खून दिया.
गोलीकांड के घायलों को पुलिस ने खून दिया.

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ओर सेना के रिटायर्ड फौजी ने दलित परिवार पर गोलियां चलाकर कहर बरपाया, तो वहीं दूसरी ओर पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे घायलों को अपना रक्तदान कर संकट के समय उनकी जान बचाने का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया. 

पुलिस ने मुख्य आरोपी यशवीर सिंह भदौरिया और उसके सहयोगी रंजीत वाल्मीकि को पकड़ लिया है. दोनों पर दलित परिवार धर्मवीर जाटव राजवीर जाटव पर फायरिंग करने का मुकदमा दर्ज है. 

महाराजपुरा थाने के प्रभारी धर्मेंद्र सिंह यादव ने राजवीर को अपना ब्लड देकर उसकी जान बचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया. इसके अलावा आरक्षक नागर सिंह गुर्जर और आरक्षक कुंज बिहारी शर्मा ने भी घायलों की जान बचाने के लिए अपना रक्तदान किया. 

सेना के रिटायर्ड जवान ने मामूली विवाद के चलते सोमवार सुबह पड़ोसी दलित परिवार पर जानलेवा हमला किया था. इसमें तीन लोगों को गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया. इनमें राजवीर और धर्मवीर सिंह की हालत गंभीर थी और इन्हें तत्काल ब्लड चढ़ाने की जरूर डॉक्टरों ने बताई थी. लेकिन परिवार के लोग खून का इंतजाम नहीं कर पा रहे थे. ऐसे में पुलिस ने 'वर्दी भी-हमदर्दी भी' के नारे को चरितार्थ करते हुए घायलों को अपना खून दिया. 

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पुलिस के मुताबिक, यशवीर सिंह भदौरिया पर जम्मू-कश्मीर से अपना पिस्तौल का लाइसेंस बनवाने के बाद इसी पिस्टल से फायरिंग करने का आरोप है. उसने चुनाव आचार संहिता के बाद भी आरोपी ने अपने हथियार को जमा भी नहीं कराया था.

 

 

 

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