scorecardresearch
 

MP: अब सरकारी बंगलों में नहीं चलेगा कब्जा, सरकार ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को थमाया नोटिस

मध्यप्रदेश में मोहन सरकार ने पात्रता खत्म होने के बावजूद सरकारी बंगलों पर कब्जा जमाए पूर्व मंत्रियों और अफसरों के खिलाफ सख्ती शुरू की है. नोटिस जारी कर बंगला खाली करने के आदेश दिए गए हैं. नहीं मानने पर जबरन बेदखली और 30 गुना किराया वसूला जाएगा.

Advertisement
X
मध्य प्रदेश में सरकारी बंगलों से होगी जबरन बेदखली (File Photo-ITG)
मध्य प्रदेश में सरकारी बंगलों से होगी जबरन बेदखली (File Photo-ITG)

मध्यप्रदेश में सत्ता तो बदल गई, लेकिन सरकारी बंगलों पर जमे रसूखदार अब तक अपनी कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं थे. अब मोहन सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि पद गया, तो बंगला भी छोड़ना पड़ेगा. नियम सबके लिए बराबर हैं, चाहे वह अपनी ही पार्टी का कितना बड़ा नेता क्यों न हो.

पात्रता समाप्त होने के बावजूद सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसदों और आईएएस अफसरों के खिलाफ सरकार ने सख़्त रुख अपनाते हुए बंगला खाली करने के नोटिस भेजे हैं. संपदा संचालनालय ने ऐसे सभी नामों पर नोटिस जारी कर दिए हैं, जो सालों से नियमों को ताक पर रखकर सरकारी बंगलों का सुख भोग रहे थे.

बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वर्गीय प्रभात झा के परिवार को भोपाल के 74 बंगले क्षेत्र में स्थित बी-टाइप आवास खाली करने के लिए 13 जनवरी तक का नोटिस दिया गया है. नोटिस में दो टूक चेतावनी भी दी गयी है कि समय पर बंगला खाली नहीं हुआ, तो प्रशासन बल प्रयोग कर बेदखली करेगा.

पूर्व मंत्री रामपाल सिंह को भी नोटिस

2023 का विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद पूर्व मंत्री रामपाल सिंह ने भी अब तक भोपाल के लिंक रोड-1 पर स्थित अपना सरकारी बंगला (C-15) खाली नहीं किया है. करीब दो साल बीत जाने के बाद भी कब्जा बरकरार है जिसपर प्रशासन ने उन्हें नोटिस थमा दिया है और कहा है कि बंगला स्वेच्छा से खाली करें नहीं तो बल प्रयोग कर कब्जा लिया जायेगा.

Advertisement

यह भी पढ़ें: नए साल पर दिल्ली शिफ्ट हो जाएंगे नितिन नबीन, राजधानी का ये बंगला बनेगा आशियाना

कुर्सी गई, मोह नहीं गया

मध्यप्रदेश में ऐसे नेताओं की फेहरिस्त लंबी है, जिनका पद तो चला गया लेकिन सरकारी बंगले का मोह नहीं छूटा. पूर्व राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, पूर्व सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया तीनों 2023 का विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, लेकिन अब तक उनके पास सरकारी आवास है.

पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने चुनाव ही नहीं लड़ा था लेकिन अभी भी मंत्री रहते जो बंगला आवंटित हुआ था उसमें रह रही हैं. यह सभी बंगले भोपाल के पॉश चार इमली और 74 बंगला इलाकों में हैं.

30 गुना तक किराया वसूलेगी सरकार

विधि विभाग ने सख्त प्रावधानों को मंजूरी दे दी है. नियमों के मुताबिक-

-पहले 3 महीने: सामान्य किराया

-अगले 3 महीने: 10 गुना किराया

-6 महीने बाद भी कब्जा रहा तो: 30 गुना हर्जाना

मतलब साफ है, या तो समय पर बंगला खाली करें, वरना लाखों का जुर्माना भरने के लिए तैयार रहें. सख्ती की आंच सिर्फ नेताओं तक सीमित नहीं रही. प्रशासन ने सुधीर कोचर, अदिति गर्ग, रत्नाकर झा और निधि सिंह समेत 4 आईएएस और 3 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी शासकीय बंगला खाली करने का नोटिस थमा दिया है.

Advertisement

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement