मध्य प्रदेश विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश होते ही यह साफ हो गया कि सरकार ने इस बार ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक प्रतीकों के संगम पर खासा ध्यान दिया है. वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा के बजट भाषण में योजनाओं के नाम से लेकर उनके विजन तक, मुख्यमंत्री मोहन यादव का कृष्ण प्रेम साफ तौर पर नजर आया.
द्वारिका योजना
शहरी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने ‘द्वारिका योजना’ की घोषणा की है. अगले तीन साल में इस योजना पर 5 हज़ार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके तहत शहरों में आवास निर्माण, सड़कों की मरम्मत, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और नगरीय निकायों की संरचना को मजबूत करने जैसे काम किए जाएंगे. सरकार का दावा है कि इससे तेजी से बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित दिशा मिलेगी।
यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना
‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’ के लिए बजट में 700 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है. योजना के तहत आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को टेट्रा पैक में दूध वितरित किया जाएगा. सरकार ने आगामी वित्त वर्ष में 80 लाख छात्रों तक दूध पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.
बजट भाषण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जैसे मां यशोदा ने कृष्ण को दूध-माखन खिलाकर सशक्त बनाया, वैसे ही प्रदेश के बच्चे भी पोषण पाकर मजबूत बनें, सरकार की यही मंशा है.
पिछले साल शुरू हुई थी ‘मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना’
बता दें कि मध्यप्रदेश में पिछले साल से ‘मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना’ भी लागू है. इस योजना के तहत हर जिले में कम से कम 2000 की आबादी और 500 गौवंश वाले एक गांव का चयन कर उसे आत्मनिर्भर मॉडल गांव के रूप में विकसित किए जाने का लक्ष्य है.