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रामनवमी जुलूस हिंसा पर बोले खरगोन के MP, दंगाइयों के खिलाफ ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए

मध्य प्रदेश के खरगोन से बीजेपी सांसद गजेंद्र पटेल ने रामनवमी जुलूस के दौरान हुई हिंसा को लेकर कहा है कि दंगाइयों को ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए. उन्होंने यह बयान एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिया.

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खरगोन सांसद ने दिया भड़काऊ बयान
खरगोन सांसद ने दिया भड़काऊ बयान
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रामनवमी जुलूस में हिंसा को लेकर खरगोन सांसद ने दिया भड़काऊ बयान
  • सांसद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

मध्य प्रदेश के खरगोन में सांसद गजेंद्र पटेल ने रामनवमी जुलूस में हुई हिंसा पर भड़काऊ बयान दिया है. खरगोन से बीजेपी के सांसद गजेंद्र पटेल ने कहा है कि हिंसा के विरोध में पूरे हिंदू समाज को एकजुट होकर दंगाइयों के खिलाफ ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए. अब सांसद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

गजेंद्र पटेल ने यह बयान खरगोन के कसरावद में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए दिया. खरगोन जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर कसरावद में सांसद खाटू श्याम के भजन संध्या कार्यक्रम में शामिल हुए थे. 

सांसद ने धार्मिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, 'हजारों राम भक्तों पर फूल बरसाने की बजाय पत्थर फेंका गया है. अब ये ध्यान रखना है, बाबा का आशीर्वाद है यहां कसरावद के नौजवान बैठे हैं, संकल्प मन में लेना है, 'ये भारत मां का देश है, हम धर्म के आधार पर जीते हैं. यदि पत्थर तुमने बरसाए हैं तो हम भी संत सनातन धर्म के लोग हैं, ईंट का जवाब पत्थर से देने के लिए तैयार रहना, आज बाबा की भक्ति का अवसर है ज्यादा बात नहीं करूंगा.' 

सांसद गजेंद्र पटेल ने ऑडियो को लेकर कहा- हां मैंने संबोधित किया था राम जी के जुलूस पर फूल की बजाय लोग पत्थर फेंक रहे हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

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खरगोन में रामनवमी के मौके पर क्या हुआ था?

बता दें कि खरगोन में 10 अप्रैल को रामनवमी में जुलूस निकलने के दौरान हिंसा हुई थी. इस हिंसा में उपद्रवियों ने भारी नुकसान पहुंचाया था.

जिला प्रशासन के एक सर्वे में सामने आया था कि हिंसा से आंशिक रूप से 4 दुकानों को नुकसान पहुंचा, जबकि 7 दुकानें पूरी तरह जला दी गईं. वहीं 70 मकानों को आंशिक रूप से और 10 मकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया. इसके अलावा 6 चार पहिया वाहन और 22 दोपहिया वाहन पूरी तरह जलाकर राख कर दिए गए. 

खरगोन प्रशासन के मुताबिक हिंसा में कुल 50 लोग घायल हुए थे. घायलों में एसपी सहित 6 पुलिस के जवान भी शामिल थे. एसडीएम के मुताबिक हिंसा में संभावित 2 करोड़ की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था. इसके बाद शिवराज सरकार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे.

राज्य सरकार के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया था जिसको लेकर खूब राजनीति हुई थी.

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