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चोरी हो गई, मगर चोर की पहचान कैसे हो? पुलिस ने शहर के 280 CCTV खंगाल डाले, फिर मिला सुराग

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक चोरी की घटना में कोई सुराग नहीं मिल रहा था. शातिर चोर को पकड़ने के लिए पुलिस ने पहले स्पेशल टीम बनाई, फिर शहर के 280 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और साइबर सेल की मदद ली. इसके बाद सुराग मिला तो 22 साल के आरोपी को धर दबोचा.

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280 सीसीटीवी खंगाले, तब मिला सुराग. (Photo: Representational)
280 सीसीटीवी खंगाले, तब मिला सुराग. (Photo: Representational)

मध्य प्रदेश के इंदौर में बीते दिनों एक स्थान पर चोरी हो गई. पुलिस को मामले की शिकायत मिली तो सबसे बड़ी चुनौती ये थी कि चोरी की पहचान कैसे हो? क्योंकि कोई सुरान नहीं मिल रहा था. इसके बाद एक टीम बनी, जिसने तफ्तीश शुरू की. शहर में लगे करीब 280 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल डाले गए. इस दौरान एक सुराग मिला, फिर टेक्निकल टीम की मदद से आरोपी की पहचान हो गई.

जानकारी के अनुसार, शहर में हाल ही में हुई चोरी की घटना के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई. टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की. पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपी की पहचान कैसे की जाए, क्योंकि वारदात के दौरान उसने अपनी पहचान छिपाने की पूरी कोशिश की थी.

जांच के दौरान पुलिस टीम ने इलाके में अलग-अलग जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज जुटाए. कुल मिलाकर लगभग 280 कैमरों की रिकॉर्डिंग को खंगाला गया. पुलिस ने हर फुटेज का एनालिसिस किया. इसी दौरान कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं, जिनके आधार पर पुलिस को एक सुराग मिला.

फुटेज के जरिए स्पष्ट हो गया कि चोरी की वारदात को एक ही व्यक्ति ने अंजाम दिया है. इसके बाद पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली और संदिग्ध की पहचान करने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग शुरू की. साथ ही, स्थानीय मुखबिर को भी एक्टिव किया गया, जिससे पुलिस को आरोपी के बारे में जरूरी जानकारी मिली.

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लगातार कोशिशों के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान वारिश खान के रूप में की, जिसकी उम्र करीब 22 वर्ष है. वह धार जिले के धरमपुरी क्षेत्र की सिंधी कॉलोनी का रहने वाला है. पहचान होने के बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए उसे अरेस्ट कर लिया.

पुलिस का कहना है कि आरोपी के पास से चोरी किए गए सामान की बरामदगी की प्रक्रिया जारी है. शुरुआती पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने इस वारदात के अलावा और किन-किन घटनाओं को अंजाम दिया है. पुलिस को आशंका है कि वह पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा हो सकता है.

इस मामले में डीसीपी कुमार प्रतीक ने बताया कि पूरी कार्रवाई में तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की भूमिका रही. उन्होंने कहा कि शहर में लगे कैमरों का नेटवर्क अपराधियों को पकड़ने में मददगार साबित हो रहा है.

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. उससे जुड़े अन्य मामलों की जांच भी कर रही है. पुलिस का कहना है कि अगर आरोपी के खिलाफ अन्य मामलों में संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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