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इंदौर IET हुड़दंग: फाइनल एग्जाम खत्म होते ही बेलगाम हुए भावी इंजीनियर, हॉस्टल में मचाया गदर, तोड़ी पानी की टंकी

इंदौर DAVV के आईईटी इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल में तोड़फोड़ मामले में बड़ा एक्शन लिया जा रहा है. यूनिवर्सिटी प्रबंधन के अनुसार छात्रों के रिजल्ट रुकेंगे और प्लेसमेंट होल्ड होंगे. एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि शिकायत मिलते ही होगी कार्रवाई...

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इंदौर इंजीनियरिंग कॉलेज में फेयरवेल पार्टी के नाम पर टूटी मर्यादाएं.(Photo:Screengrab)
इंदौर इंजीनियरिंग कॉलेज में फेयरवेल पार्टी के नाम पर टूटी मर्यादाएं.(Photo:Screengrab)

इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के अंतर्गत आने वाले इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) कॉलेज के हॉस्टल में रविवार तड़के छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया. फाइनल ईयर की परीक्षाएं समाप्त होने की खुशी में आयोजित की गई एक कथित 'फेयरवेल पार्टी' देखते ही देखते भारी हुड़दंग और तोड़फोड़ में तब्दील हो गई. इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने विश्वविद्यालय प्रबंधन की सुरक्षा और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

वायरल हो रहे वीडियो और कॉलेज सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम रविवार सुबह करीब 4 बजे के आस-पास का है. फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षा समाप्त होने के बाद हॉस्टल परिसर में देर रात एक डांस पार्टी रखी गई थी. वीडियो में दर्जनों छात्र तेज आवाज में बज रहे फिल्मी गानों पर अर्धनग्न (बिना कपड़ों के) होकर नाचते और चिल्लाते नजर आ रहे हैं.

सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़
कोर्स पूरा होने और कॉलेज से विदाई की सनक में छात्रों ने हॉस्टल परिसर में रखी टेबल, कुर्सियों और फर्नीचर को तोड़ डाला. हद तो तब हो गई जब हुड़दंगियों ने हॉस्टल में लगी पानी की टंकी को भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया.  देखें VIDEO:- 

कुलगुरु ने सख्त एक्शन के निर्देश
इस गंभीर मामले को लेकर जब देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति (कुलगुरु) डॉ. आरके सिंघई से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने घटना की आधिकारिक पुष्टि की. उन्होंने माना कि यह वीडियो आईईटी (IET) कॉलेज के हॉस्टल का ही है और इसमें दिख रहे हुड़दंगी फाइनल ईयर के ही छात्र हैं.

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घटना का वीडियो वायरल होते ही कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघई और रजिस्ट्रार प्रज्वल खरे एक्टिव मोड में आ गए. उनके निर्देश पर आईईटी के निदेशक डॉ. प्रतोष बंसल ने रात में ही रामानुजन हॉस्टल का दौरा किया.

मंजर देख हैरान हुए अफसर
निरीक्षण के दौरान हॉस्टल के हर कमरे की खिड़कियों के कांच टूटे मिले. परिसर में डीजे प्लेयर, सजावट सामग्री और बुरी तरह क्षतिग्रस्त किए गए फर्नीचर बिखरे पड़े थे. यहां तक कि पानी के स्टोरेज टैंक को भी पूरी तरह तोड़ दिया गया था. देखें VIDEO:- 

जीरो टॉलरेंस पर चोट
निदेशक बंसल ने स्वीकार किया कि आईईटी के इतिहास में ऐसी शर्मनाक घटना पहले कभी नहीं हुई. वीडियो को देखकर हॉस्टल के भीतर भारी नशाखोरी और शराब के इस्तेमाल की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, जबकि पूरे यूनिवर्सिटी कैंपस में मादक पदार्थों को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति लागू है. अब इसकी भी जांच होगी कि हॉस्टल के अंदर नशा कैसे सप्लाई हुआ. देखें VIDEO:- 

रिजल्ट, नौकरी और जुर्माना 
निदेशक डॉ. प्रतोष बंसल ने बताया कि अनुशासनात्मक समिति की इमरजेंसी बैठक बुलाई गई है, जो सोमवार शाम को कुलगुरु को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपेगी. शुरुआती तौर पर ये कड़े फैसले लिए गए हैं:

हुड़दंग में शामिल सभी फाइनल ईयर के छात्रों का फाइनल रिजल्ट तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाएगा.

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जिन छात्रों का देश-विदेश की नामचीन कंपनियों में कैंपस प्लेसमेंट हो चुका है, उन कंपनियों को विश्वविद्यालय की ओर से इस कृत्य की आधिकारिक जानकारी (ब्लैकलिस्ट नोट) भेजी जा रही है, जिससे उनका प्लेसमेंट फिलहाल होल्ड हो जाएगा.

नुकसान की पूरी भरपाई के लिए छात्रों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा और उनके माता-पिता को कॉलेज बुलाकर उनके बेटों की करतूत दिखाई जाएगी.

वीडियो पर पुलिस का बड़ा बयान 
हॉस्टल में मचे इस बवाल का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलने के बाद इंदौर पुलिस ने भी मामले का संज्ञान लिया है. इंदौर के एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने इस वायरल वीडियो पर पुलिस का रुख साफ करते हुए कहा, "शुरुआती जांच और साइबर सेल के इनपुट के आधार पर यह वीडियो पूरी तरह से आईईटी (IET) कैंपस के हॉस्टल का ही साबित हुआ है. हालांकि, यूनिवर्सिटी या कॉलेज प्रबंधन की तरफ से अभी तक पुलिस विभाग के पास कोई लिखित शिकायत या एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए आवेदन नहीं पहुंचा है. जैसे ही हमें किसी भी प्रकार की शिकायत सौंपी जाती है, पुलिस तुरंत केस दर्ज कर हुड़दंगियों और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई करेगी." 

कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि यूनिवर्सिटी इस मामले में पुलिस कंप्लेंट करती है, तो छात्रों के खिलाफ शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के तहत गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज हो सकता है, जिससे छात्रों को जेल भी जाना पड़ सकता है और उनके पासपोर्ट व सरकारी नौकरी के वेरिफिकेशन का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो सकता है.

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