इंदौर में शादी की खुशियों के बीच एक ऐसा मामला सामने आया जिसने हर किसी को चिंता में डाल दिया. हल्दी की रस्म, जिसे शादी की सबसे शुभ परंपराओं में माना जाता है, वही एक दुल्हन के लिए मुसीबत बन गई. खरगोन जिले के कसरावद की रहने वाली दुल्हन को हल्दी लगते ही गंभीर एलर्जी रिएक्शन हो गया और उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उसे इंदौर के एमवाय अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करना पड़ा.
जानकारी के मुताबिक, शादी की रस्मों के दौरान परिवार की महिलाओं ने दुल्हन को हल्दी लगाई थी. हल्दी लगाने के कुछ ही देर बाद दुल्हन के शरीर पर लाल चकत्ते उभरने लगे. इसके बाद चेहरे और होंठों पर सूजन आ गई. हालत धीरे-धीरे और बिगड़ती चली गई और दुल्हन को सांस लेने में तकलीफ होने लगी. परिवार के लोग घबरा गए और तुरंत उसे इंदौर के एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे.
अस्पताल में डॉक्टरों ने दुल्हन को आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया. राहत की बात यह रही कि समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत में सुधार हुआ और बाद में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. परिजनों ने बताया कि हल्दी रस्म के लिए बाजार से सस्ती और खुली हल्दी खरीदी गई थी. एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर अशोक यादव के मुताबिक, कई बार बाजार में बिकने वाली हल्दी में मिलावट की जाती है.
शादी की खुशियां मातम में बदलते-बदलते बचीं
हल्दी को ज्यादा चमकदार और पीला दिखाने के लिए उसमें सिंथेटिक केमिकल मिलाए जाते हैं, जो शरीर में गंभीर एलर्जी का कारण बन सकते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे केमिकल शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देते हैं. गंभीर मामलों में मरीज ‘एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम’ जैसी खतरनाक स्थिति का भी शिकार हो सकता है.
विशेषज्ञों के अनुसार कई जगह हल्दी में मेटानिल येलो जैसे सिंथेटिक रंग मिलाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक माने जाते हैं. शादी-ब्याह के सीजन में सस्ती और खुली हल्दी की मांग बढ़ने के कारण मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं.
डॉक्टर बोले- मिलावटी हल्दी हो सकती है वजह
खाद्य विभाग के अधिकारी मनीष स्वामी ने लोगों से अपील की है कि शादी या किसी भी आयोजन में खुली हल्दी खरीदने से बचें. उन्होंने सलाह दी कि लोग खड़ी हल्दी खरीदकर घर पर पिसवाएं या भरोसेमंद ब्रांड की हल्दी का इस्तेमाल करें. साथ ही उन्होंने कहा कि मिलावटी हल्दी बेचने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत कार्रवाई की जाएगी. इस घटना के बाद अब बाजार में बिक रहे मसालों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं. लोगों के मन में यह चिंता भी बढ़ गई है कि आखिर शादी जैसी शुभ रस्मों में इस्तेमाल होने वाली हल्दी कब तक मिलावटखोरों के भरोसे रहेगी.