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दिन में सिर्फ 30 मिनट तक सप्लाई, उसमें भी तैरते कीड़े... इंदौर के भागीरथपुरा से ग्राउंड रिपोर्ट

इंदौर के भागीरथपुरा में लोगों की मौत दूषित पानी पीने से हुई थी. पानी की सैंपल रिपोर्ट आ गई है. कल्चर रिपोर्ट में पानी दूषित मिला है. वहीं इस पूरे मामले को लेकर आज तक ने ग्राउंड पर पहुंचकर पड़ताल की.

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भागीरथपुरा के घरों में प्रयोग हो रहे पानी में मिले कीड़े. (Photo: Screengrab)
भागीरथपुरा के घरों में प्रयोग हो रहे पानी में मिले कीड़े. (Photo: Screengrab)

इंदौर में गंदे पानी से मौत का मामला इस वक्त सुर्खियों में है. इसी बीच एक और बड़ी जानकारी सामने आई है. जिसके अनुसार इंदौर के भागीरथपुरा के लगभग सभी घरों में गंदे नाले का पानी आ गया है. क्योंकि नाले की मेन लाइन में लीकेज है और इस लाइन से पानी लीक होकर घर-घर में घुस गया है.

आज तक ने ग्राउंड पर पहुंचकर पड़ताल की. इस दौरान मिला कि घरों में पीने के पानी में नाले का गंदा पानी मिल चुका है और लोग उसी गंदे पानी को पीने ओर नहाने के काम में इस्तेमाल कर रहे हैं. लोगों ने अपने घर में पानी को स्टोर करने के लिए एक होदी (टंकी) खुदवा रखी है. क्योंकि पीने का पानी दिन में सिर्फ आधा घंटा आता है और उस आधे घंटे में भी शुरू का 15 मिनट गंदा पानी आता है. इसलिए पानी को लोग स्टोर करके रखते हैं लेकिन अब इसी पीने के पानी में नाले का पानी मिल गया है.

यह भी पढ़ें: इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर बड़ी कार्रवाई... एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव सस्पेंड

पानी में तैरते दिखे कीड़े

आज तक ने यहां के लोगों के घरों के पानी को चेक किया. इस दौरान लोगों ने जो पानी दिखाया वह परेशान करने वाला था. लोगों ने घर में स्टोर पानी को दिखाया. जिसमें कीड़े तैरते दिखे. लेकिन लोगों के पास कोई ऑप्शन नहीं है और वे सिर्फ यही गंदा पानी पीने को मजबूर हैं. एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब में भागीरथपुरा से लिए गए पानी के नमूनों की जांच की गई, जिसमें यह सामने आया कि पानी में सीवरेज की मिलावट थी.

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प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि सीवरेज का पानी पाइपलाइन में मिलने की जो आशंका थी, वह जांच में सही पाई गई है. जिसमें बताया जा रहा है कि भागीरथपुरा पुलिस चौकी के नीचे से गुजर रही पाइपलाइन लीकेज की वजह से गंदा पानी सप्लाई में मिल रहा था. इसी कारण इलाके के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हुए.

मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र की पाइपलाइन का माइक्रो ऑब्ज़र्वेशन शुरू कर दिया है. पाइपलाइन में लीकेज कहां और कैसे हुआ, इसकी हर एंगल से जांच की जाएगी. 

कमिश्नर का ट्रांसफर, दो सीनियर अधिकारी संस्पेंड


भागीरथपुरा इलाके में पानी दूषित होने से 10 लोगों की मौत के बाद आलोचना झेल रही मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को इंदौर नगर निगम कमिश्नर का ट्रांसफर कर दिया और दो सीनियर अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया.

इससे पहले मोहन सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि सरकार की तरफ से उठाए गए कदम की वजह से अब स्वास्थ्य संकट कंट्रोल में है. नए मामलों में "कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं हुई है. इस मुद्दे पर एक रिव्यू मीटिंग के बाद X पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी जिससे यह हादसा हुआ हो, और सख्त कार्रवाई की जा रही है.

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CM ने कहा कि उन्होंने नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव के "हटाने" (ट्रांसफर) का आदेश दिया है. साथ ही एडिशनल नगर निगम कमिश्नर रोहित सिसोनिया व पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के इंचार्ज सुपरिटेंडेंट इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को भी सस्पेंड करने का आदेश दिया है. इससे पहले शुक्रवार को सरकार ने रितेश इनानी द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) के जवाब में हाई कोर्ट के सामने 40 पेज की स्टेटस रिपोर्ट पेश की.

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