MP News: ग्वालियर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर 51 कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं. कलेक्टर न्यायालय में सुनवाई के दौरान वैध दस्तावेज पेश न कर पाने पर यह सख्त कार्रवाई की गई. संबंधित एसडीएम को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध कॉलोनी बसाने वालों को अब किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
जिले में अवैध कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गयी है. इस कड़ी में कलेक्टर रुचिका चौहान के न्यायालय ने जिले की नगर परिषदों और ग्रामीण क्षेत्रों में 51 अवैध कॉलोनी काटने की जुर्रत करने वालों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं. संबंधित एसडीएम को इन सबके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिये आदेशित किया गया है.
सुनवाई में नहीं टिक सके कॉलोनाइजर
ग्रामीण क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार जिला कलेक्टर और नगर निगम क्षेत्र में नगर निगम आयुक्त को अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है. कलेक्टर रुचिका चौहान ने अवैध कॉलोनी काटने में लिप्त लोगों को कलेक्टर न्यायालय में सुनवाई का विधिवत और पूरा मौका दिया था, लेकिन कॉलोनी काटने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज पेश न किए जाने पर यह सख्त कार्रवाई की गई है.
इन सख्त धाराओं के तहत होगी कार्रवाई:-
ग्रामीण क्षेत्र: मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत और ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा-61 के तहत एफआईआर.
नगर परिषद क्षेत्र: मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा-292 और 1961 की धारा-339 के साथ मध्यप्रदेश नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 के प्रावधानों के तहत केस.
खसरे पर दर्ज होगी 'अवैध' की पहचान
ग्वालियर निगम कमिश्नर संघ प्रिय का कहना है कि अवैध कॉलोनियों की बसाहट रोकने सख्त कदम उठाये गए है. खसरे के कॉलम नम्बर 12 में भी इसकी जानकारी दर्ज कराई गई है.
साथ ही इन सबके बावजूद यदि कोई कॉलोनाइजर अवैध कॉलोनी काटता है तो उसके प्रकरण बना कर कलेक्टर कोर्ट में भेजे जाएंगे ताकि FIR जैसी सख्त कार्रवाई कराई जा सके.