मध्य प्रदेश के सागर में वाहन चेकिंग के दौरान बाइक रोकने पर पुलिस और भाजपा पार्षद के बीच बहस हो गई. इस वजह से करीब आधा घंटे तक सड़क पर ड्रामा चलता रहा. इस घटना को वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया. देखते ही देखते कई वीडियो वायरल हुए. इसमें दोनों पक्षों को एक-दूसरे पर गलत बातचीत करने के आरोप लगाते देखा जा सकता है.
बता दें कि बुधवार को दीनदयाल चौराहे के पास एलिवेटेड कॉरिडोर के मोड़ पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी वाहन चेकिंग कर रहे थे. इसी दौरान कॉरिडोर की तरफ से आ रही बगैर नंबर की बाइक को पुलिस ने रोका. इसके बाद गाड़ी के कागज दिखाने के लिए कहा, जो नहीं दिखा पाए. इसी बात को लेकर पुलिस और जनप्रतिनिधियों के बीच जमकर बहस हुई.
ट्रैफिक एएसआई रामकृष्ण मिश्रा ने कहा कि वाहन में नंबर नहीं होने पर उन लोगों से कागज दिखाने के लिए कहा था. इस पर वो हंगामा करने लगे. कागज न होने पर जब उनसे चालान जमा करने के लिए कहा तो गलत व्यवहार करने लगे. राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की.
एमआइसी सदस्य पार्षद धर्मेंद्र खटीक एक अन्य पार्षद पति विशाल खटीक के साथ थे. धर्मेंद्र ने कहा कि वो तिली अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार को ब्लड देने के लिए जा रहे थे. मगर, पुलिस ने उनकी बाइक रोक ली. पुलिसकर्मी कागज मांगने लगे. उनको स्थिति बताई और कागज घर पर होने की बात कही. ये भी बताया कि हम लोग पार्षद हैं लेकिन पुलिसकर्मी ने अभद्रता की.