राजधानी भोपाल के ईटखेड़ी इलाके में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक स्कूली छात्रा की छोटी सी गलती उसकी जान पर भारी पड़ गई. घर के मंदिर में रखी चूहामार दवाई को भभूत समझकर खाने से 12वीं की छात्रा की मौत हो गई.
कोहेफिजा पुलिस के मुताबिक लांबाखेड़ा इलाके की रहने वाली वैष्णवी सेन 26 जनवरी को घर के मंदिर में पूजा कर रही थी. पूजा के बाद उसने मंदिर में रखा पाउडर भभूत समझकर खा लिया और फिर पढ़ाई करने चली गई.
भभूत समझकर खा ली चूहा मारने वाली दवाई
कुछ देर बाद वैष्णवी को उल्टी होने लगी और उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई. परिवार ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया. हालत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल के बाद हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया. बाद में पता चला कि मंदिर में रखा पाउडर भभूत नहीं बल्कि चूहों को मारने की दवाई थी. पुलिस के अनुसार यह दवाई वैष्णवी की मां ने ही घर में रखी थी. अनजाने में वैष्णवी ने उसे भभूत समझकर खा लिया.
इलाज के दौरान छात्रा की मौत
इलाज के दौरान छात्रा की हालत लगातार गंभीर बनी रही. सोमवार सुबह हमीदिया अस्पताल में उसकी मौत हो गई. घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है. पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. वैष्णवी की 10 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली थीं. परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही ने पूरे घर की खुशियां छीन लीं.