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बरगी क्रूज हादसा: मौत के जबड़े से निकलकर एक साल का हुआ मासूम, ऐसे मनाया जन्मदिन

जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में बचा एक साल का बच्चा सबसे छोटा सर्वाइवर बना. हादसे के अगले दिन उसका पहला जन्मदिन था, जिसे परिवार ने सादगी से मनाया. परिजनों ने मंदिर जाकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और भगवान का शुक्रिया अदा किया. परिवार ने आरोप लगाया कि हादसे के दौरान क्रू मेंबर्स ने यात्रियों को पहले सुरक्षित नहीं किया और खुद कूद गए.

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परिवार ने किया भगवान का शुक्रिया.(Photo: Dheeraj Shah/Ravish Pal Singh/ITG)
परिवार ने किया भगवान का शुक्रिया.(Photo: Dheeraj Shah/Ravish Pal Singh/ITG)

जबलपुर के बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बीच एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने मातम के माहौल में उम्मीद की किरण जगाई है. हादसे में एक ऐसा बच्चा जीवित बचा जिसका अगले ही दिन पहला जन्मदिन था. परिवार ने इस खुशी को भव्य तरीके से मनाने के बजाय मृतकों को श्रद्धांजलि देकर और मंदिर जाकर सादगी से उसका जन्मदिन मनाया.

दरअसल, यह कहानी एडवोकेट रोशन आनंद वर्मा के परिवार की है. रोशन ने बताया कि वह दिन उनके परिवार के लिए हमेशा यादगार और भावुक रहेगा, क्योंकि जिस दिन बेटे के पहले जन्मदिन की तैयारियां होनी थीं, उसी दिन परिवार जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा था.

रोशन अपने एक साल के बेटे समेत परिवार के नौ लोगों के साथ बरगी घूमने गए थे. परिवार के लिए यह खास मौका था क्योंकि उनकी साली 16 साल बाद इजराइल से जबलपुर आई थीं और बेटे का पहला जन्मदिन मनाने की तैयारी थी.

यह भी पढ़ें: जबलपुर: बरगी क्रूज हादसे में बड़ी कार्रवाई, पायलट-हेल्पर समेत कई जिम्मेदारों पर गिरी गाज

मौसम बदला और शुरू हुआ हादसा

रोशन के अनुसार, 30 अप्रैल गुरुवार को मौसम अच्छा होने पर परिवार बरगी घूमने गया. इसमें उनकी पत्नी, बेटी, अगले दिन एक साल का होने वाला बेटा, सालियां और एक साडू शामिल थे. क्रूज पर चढ़ने से पहले सभी ने बरगी डैम के पास बने शिव मंदिर में दर्शन किए और फिर टिकट लेकर क्रूज पर सवार हो गए.

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करीब 45 मिनट के सफर में से 35 मिनट पूरे हो चुके थे और क्रूज डॉकिंग स्टेशन की ओर लौट रहा था. इसी दौरान अंतिम 10 मिनट में मौसम अचानक बदल गया और पानी में समुद्र जैसी ऊंची लहरें उठने लगीं.

रोशन और उनके साडू ने हालात बिगड़ते देख ऊपरी डेक से लाइफ जैकेट निकालकर यात्रियों में बांटना शुरू किया. लेकिन तभी क्रूज में पानी भरना शुरू हो गया और देखते ही देखते वह डूबने लगा.

पानी में छलांग और किनारे तक संघर्ष

रोशन ने बताया कि उनके परिवार के सभी सदस्य लाइफ जैकेट पहनकर पानी में कूद गए. उन्होंने अपने एक साल के बेटे का हाथ पकड़े हुए पानी में छलांग लगाई. जिस स्थान पर क्रूज डूबा, वहां से किनारा करीब 150 मीटर दूर था.

उन्होंने पूरे समय अपने बेटे का हाथ पकड़े रखा और एक-एक कर परिवार के सभी सदस्य किनारे पहुंच गए. रोशन को बचाव दल ने सबसे आखिर में सुरक्षित निकाला. यह अनुभव परिवार के लिए जीवनभर का सबसे कठिन और भावुक क्षण बन गया.

मातम के बीच सादगी से जन्मदिन

परिवार ने बच्चे के पहले जन्मदिन के लिए भव्य आयोजन की तैयारी कर रखी थी. लेकिन हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया. हादसे में कई लोगों की जान चली गई, इसलिए परिवार ने अगले दिन बेटे का पहला जन्मदिन सादगी से मनाने का फैसला किया. शुक्रवार को परिवार मंदिर गया, जहां मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और परिवार की सुरक्षा के लिए भगवान का धन्यवाद किया गया.

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रोशन ने बताया कि परिवार अब 5 मई को वैष्णो देवी जाकर माथा टेकने की योजना बना रहा है.

क्रूज क्रू पर लापरवाही के आरोप

रोशन और उनके साडू ने क्रूज के चालक दल पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि क्रूज का पायलट मीडिया में खुद को बेगुनाह बताने की कोशिश कर रहा है.

परिवार का आरोप है कि हादसे के समय क्रूज का पायलट और उसका हेल्पर पर्यटकों को छोड़कर सबसे पहले लाइफ जैकेट पहनकर कूद गए. उनका कहना है कि चालक दल को यात्रियों को पहले सुरक्षित करना चाहिए था. यह आरोप हादसे की जांच में एक महत्वपूर्ण पहलू बन गया है.

मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 10

इस बीच बरगी बांध हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है. शनिवार शाम एक बच्चे का शव बरामद किया गया, जिसे संभवतः छह वर्षीय वीराज सोनी का बताया जा रहा है. पहचान परिजनों द्वारा की जाएगी.

अब भी तीन पर्यटक लापता हैं, जिनमें खमरिया आयुध फैक्ट्री के कर्मचारी कमराज, उनका पांच वर्षीय बेटा तमिल और दक्षिण भारत से आया पांच वर्षीय मायूरम शामिल हैं. प्रशासन ने गहरे पानी में खोज के लिए विशेष उपकरण और जनरेटर की व्यवस्था की है.

यह भी पढ़ें: जब डूबने लगा क्रूज, तब जाकर लोगों को बांटे लाइफ जैकेट... जबलपुर हादसे का नया VIDEO

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बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन

डाइवर्स और आपदा राहत टीमों ने खोज का दायरा पांच किलोमीटर तक बढ़ा दिया है. सुबह पांच बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, जिसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर शामिल हैं.

करीब 200 से अधिक बचावकर्मी अभियान में लगे हैं, जिनमें आगरा से एयरलिफ्ट किए गए करीब 20 सेना के गोताखोर भी शामिल हैं. तेज हवाओं के कारण कुछ समय के लिए अभियान प्रभावित हुआ, लेकिन बाद में फिर शुरू कर दिया गया.

पोस्टमार्टम नौ मृतकों का पूरा हो चुका है और प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों की तलाश प्राथमिकता है.

जांच के आदेश और कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, नाव पर सवार 41 यात्रियों की पहचान हो चुकी है, जबकि सीसीटीवी फुटेज में 43 लोग नाव की ओर जाते दिखाई दिए थे. राज्य सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं और तीन क्रू मेंबर को बर्खास्त कर दिया गया है. साथ ही राज्य में इसी तरह के जहाजों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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