उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'साहित्य आजतक 2026' का मंच सज चुका है. पहले दिन 'धर्म और अध्यात्म की ध्वजा' सेशन में स्पिरिचुअल गुरु आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण जी महाराज ने शिरकत की. जिसमें उन्होंने प्रेम की प्रचलित धारणाओं से लेकर सनातन धर्म में प्रेम का अर्थ बताया. देखें वीडियो.