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शीन काफ निजाम की शायरी- कहानी कोई अनकही भेज दे

शीन काफ निजाम की शायरी- कहानी कोई अनकही भेज दे

साहित्य आजतक 2017 के अंतिम दिन सातवें सत्र में मुशायरे का आयोजन किया गया. इस दौरान वसीम बरेलवी, मंजर भोपाली, आलोक श्रीवास्तव, शीन काफ निजाम, कलीम कैसर और शकील आजमी ने अपनी शायरियां पढ़ीं. शीन काफ निजाम ने अपनी शायरी के जरिए दादी-नानी की कहानियों की भी याद दिलाई.

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