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बहन की शादी कराने के लिए मां ने करा दिया अपनी बेटी का खतना! लड़की ने सुनाई दर्दनाक कहानी

मिस्र में रोक के बावजूद खतना जारी है. महिलाओं को खतना की खतरनाक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है जिस दौरान कईयों की मौत तक हो जाती है. खतना से पीड़ित महिलाए जिंदगी भर पूर्णता का एहसास नहीं कर पाती. ऐसी महिलाओं के लिए मिस्र के क्लिनिक सामने आ रहे हैं जो खतने का इलाज कर रहे हैं.

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खतना के कारण कई लड़कियों की मौत तक हो जाती है (Representational Image- Reuters) खतना के कारण कई लड़कियों की मौत तक हो जाती है (Representational Image- Reuters)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कई देशों में प्रचलित है खतना
  • लड़कियों पर पड़ता है मानसिक और शारीरिक असर
  • खतना के इलाज के लिए महिलाएं आ रहीं सामने

28 साल की मरियम (बदला हुआ नाम) जब उस पल को याद करती हैं जब उनका खतना हुआ था तो सिहर उठती हैं. मानव विज्ञान की छात्रा मरियम जब महज 11 साल की थीं तब एक दिन उनकी मां और मौसी एक महिला को लेकर एलेक्जेंड्रिया (मिस्र) स्थित उनके घर पर आईं. उस महिला ने मरियम से कहा कि वो बिस्तर पर लेट जाए और अपने पैरों को फैला दे. इसके बाद उस महिला ने सुन्न करने वाली क्रीम मरियम के जननांगों के आस-पास लगाई और और एक रेजर ब्लेड से उनका खतना कर दिया.

मरियम समाचार एजेंसी अलजजीरा से बात करते हुए कहती हैं, 'मुझे याद नहीं कि उस वक्त मेरे साथ क्या हुआ लेकिन बाद में जो हुआ वो मुझे अच्छी तरह याद है. उस महिला ने खतना किया हुआ हिस्सा मुझे दिया. फिर मेरी मौसी को वो टुकड़ा देकर उसे दफनाने के लिए कहा गया. उन्हें विश्वास था कि इस तरह मेरी मौसी को एक सुंदर वर मिलेगा. मुझे बस ये लगा कि मौसी का वर ढूंढने के लिए मैंने अपना कुछ बलिदान दिया है.'

क्या होता है खतना?

खतना जिसे FGM (Female Genital Mutilation) कहा जाता है, एक प्रक्रिया है जिसक तहत बिना किसी कारण महिला के जननांग के बाहरी हिस्से को पूर्णतः या आंशिक रूप से काटकर अलग कर दिया जाता है. दुनियाभर में लगभग 20 करोड़ महिलाओं का खतना कर दिया जाता है. हैरान करने वाली बात ये है कि खतना की ये प्रक्रिया गैर-प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा किया जाता है.

मरियम कहती हैं कि उन्हें ऐसा लगता है जैसे उनके शरीर से उनका कोई हिस्सा गायब है और वो पूरी नहीं है. इसके बाद उन्होंने फैसला किया कि उनके परिवार की कोई दूसरी लड़की खतना की इस प्रक्रिया से नहीं गुजरेगी. उनके इस फैसले का परिवार और रिश्तेदारों ने विरोध भी किया लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी.

मरियम को अपने बॉयफ्रेंड के जरिए मिस्र के एक क्लिनिक का पता चला जो खतना का इलाज करता है. क्लिनिक का पता चलते ही वो इलाज के लिए परिवार को बिना बताए क्लिनिक पहुंच गईं.

खतना का इलाज करने वाला क्लिनिक

मिस्र के क्लिनिक Restore FGM के संस्थापक डॉ अमर सेफेल्डिन और डॉ रेहम अवाद हैं. सेफेल्डिन मध्य पूर्व में पहली कॉस्मेटिक स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं जो योनि और जननांग को दोबारा बनाने वाली सर्जरी में माहिर हैं. अवध एक प्लास्टिक सर्जन हैं जिन्होंने क्लिटोरल रिकंस्ट्रक्शन (clitoral reconstruction) में मास्टर डिग्री पूरी की है. क्लिनिक जून 2020 में खोला गया था.

दुनियाभर में खतना का इलाज करने वाले कई क्लिनिक हैं लेकिन मिस्र के इस क्लिनिक की खासियत ये है कि ये विश्व का अकेला ऐसा क्लिनिक है जो बिना सर्जरी भी खतना का इलाज करता है.

क्लिनिक में आनेवाली हर महिला की व्यापक जांच की जाती है. अगर महिला को खतना से कोई मनोवैज्ञानिक आघात या यौन आघात पहुंचा है तो उस मनोवैज्ञानिक के पास भेजा जाता है. अगर खतना से जुड़ी शारीरिक समस्या होती है तो बिना सर्जरी के उसका इलाज किया जाता है. लेकिन अगर बिना सर्जरी
के इलाज संभव नहीं तो अंत में जाकर महिला की सर्जरी की जाती है.

डॉ रेहम अवाद कहती हैं, 'हम केवल 40 प्रतिशत मामलों में सर्जरी करते हैं और लगभग 20 प्रतिशत को या तो इलाज की आवश्यकता नहीं होती है या हम यौन शिक्षा और मनोवैज्ञानिक चिकित्सा के माध्यम से उनका इलाज करते हैं. बाकियों का हम बिना सर्जरी के उपचार करते हैं.'

इलाज का मनोवैज्ञानिक पक्ष

क्लिनिक में इलाज के लिए प्लाज्मा एमनियोटिक फ्लुइड के इंजेक्शन दिए जाते हैं. ये एक स्टेम सेल आधारित इलाज की प्रक्रिया है. रेडियो फ्रीक्वेंसी और विशेष लेजर का इस्तेमाल कर खतना वाले हिस्से में संवेदनशीलता को बढ़ाने की कोशिश की जाती है.

डॉ रेहम अवाद बताती हैं, 'मैं क्लिनिक में आने वाली प्रत्येक महिला को लेकर ऐसा मानती हूं कि उसे मनोवैज्ञानिक सपोर्ट की जरूरत है. भले ही किसी महिला को इलाज की जरूरत न हो, लेकिन उसे किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत होती है जो उसे ये कह सके कि वो भी औरों की तरह सामान्य है. इलाज का मनोवैज्ञानिक पहलू निश्चित रूप से सबसे जरूरी है.'

मरियम ने कहा कि उन्हें अपने इलाज की शुरुआत से ही ये महसूस हुआ कि उन्हें भी किसी के मनोवैज्ञानिक सपोर्ट की जरूरत है.

'मुझे बस ये जानकर ही मुझे बहुत हिम्मत मिली कि खतना का इलाज किया जा सकता है. डॉ रेहम ने मुझे इलाज के सभी विकल्पों के बारे में विस्तार से और तसल्ली से समझाया.'

मरियम को डॉक्टरों ने बताया कि उनके इलाज के लिए सर्जरी करनी पड़ेगी. वो पहले तो डरी हुई थीं लेकिन डॉक्टरों और उनके बॉयफ्रेंड ने उनका हौसला बढ़ाया. जब वो तैयार हुई तो बात सर्जरी में आने वाले खर्च पर रुक गई. मरियम जैसी जितनी भी महिलाएं इलाज के लिए आती हैं, उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती. रिस्टोर की डॉक्टर दूसरी सर्जरी से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल खतना के इलाज के लिए करती हैं. मरियम के मामले में पैसों का इंतजाम भी इसी तरह से हुआ.

डॉ सेफेल्डिन के अनुसार, ज्यादातर मामलों में संवेदनशीलता में लगभग 80 प्रतिशत तक सुधार हो सकता है, लेकिन इलाज के बाद महिलाओं की मानसिक स्थिति में 90% से ज्यादा सुधार होता है.

डॉक्टर कहती हैं, 'मैंने एक महिला के खतना का इलाज किया. जब उसका ऑपरेशन सफल रहा तो वो बेड से खुशी से फिसल पड़ी और नाचने लगी. ये देखना खुशी देने वाला था. ये इलाज महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाकर उन्हें पूर्णता का आभास कराता है. ऐसी महिलाओं के संबंध अपने मां-बाप से ज्यादा अच्छे नहीं होते क्योंकि वे सोचती हैं कि वो ये रोक सकते थे. लेकिन इलाज के बाद माता-पिता से उनके रिश्ते भी सुधरते हैं.'

परिवार को अपनी सर्जरी के बारे में नहीं बताना चाहती हैं मरियम

मरियम ने अपनी सर्जरी के बारे में अपने परिवार को नहीं बताने का फैसला किया है. वो कहती हैं कि उनकी मां पहले से ही खुद को उनका दोषी मानती हैं. इसलिए जब तक वो पूरी तरह ठीक नहीं हो जातीं, अपने मां को इसके बारे में नहीं बताएंगी.

मरियम कहती हैं, 'मेरा खतना कराने में मेरी मां शामिल थी, इसे लेकर वो खुद दो दोषी मानती हैं. जब मैंने अपने रिश्ते की अन्य लड़कियों को खतना से बचाने का काम शुरू किया तो मेरी मां ने मेरा साथ दिया. लेकिन मुझे लगता है कि मां को बताने के लिए मुझे थोड़ा और वक्त चाहिए.'

मिस्र में कम हो रहे खतना के मामले

काहिरा स्थित टैडविन सेंटर फॉर जेंडर स्टडीज के एक नए अध्ययन में पाया गया है कि केवल 38.5 प्रतिशत महिलाएं और 58 प्रतिशत पुरुष खतना को जारी रखने का समर्थन करते हैं. पहले खतना के लिए महिलाओं में 50 प्रतिशत समर्थन था. वहीं, जिन महिलाओं का खतना हुआ है, उनकी बेटियों के खतना होने की संभावना लगभग 57.4 प्रतिशत कम है.

मिस्र में 2021 में किए गए संयुक्त राष्ट्र के सर्वेक्षण के अनुसार, देश में खतना के मामलों में गिरावट आई है.

मिस्र ने खतना को लेकर कानून सख्त किए हैं जिसके बाद से मामलों में गिरावट देखी गई है. जो लोग भी खतना के दोषी पाए जाते हैं, उन्हें पांच से सात साल की जेल होती है. यदि खतना के दौरान लड़की की मृत्यु हो जाती है तो सजा बढ़कर 10 साल हो जाती है. 

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