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Mountain Lakes In Uttarakhand: उत्तराखंड की 5 माउंटेन लेक्स जिसके आगे फेल है स्विट्जरलैंड की खूबसूरती

उत्तराखंड में यूं तो बहुत सी झीलें हैं लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी झीलों के बारे में बारे में बताने जा रहे हैं जो समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित हैं. कुछ झीलें तो ऐसी भी हैं जो आधे से ज्यादा समय जमी ही रहती हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से.

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mountaine lakes of uttarakhand (photo credit: kedartaltrek) mountaine lakes of uttarakhand (photo credit: kedartaltrek)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • उत्तराखंड के खूबसूरत माउंटेन लेक्स
  • आसपास हैं बर्फ से ढके पहाड़
  • ऊंचाई पर स्थित हैं ये सुंदर झीलें

उत्तराखंड राज्य अपने खूबसूरत, ऊंचे पहाड़ों, हरे-भरे घास के मैदानों और घुमावदार सड़कों के लिए प्रसिद्ध है. यूं तो उत्तराखंड में बहुत सी झीलें हैं लेकिन यहां कुछ झीलें ऐसी भी हैं जो काफी ऊंचे पहाड़ों पर स्थित हैं. इन झीलों के बारे में बहुत कम ही लोगो को पता है. ऐसे में आज हम आपको उत्तराखंड के पर्वतों के बीच छिपी कुछ ऐसी झीलों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको स्विट्जरलैंड की याद दिला देंगी.

Roopkund Lake In Uttarakhand (Photo Credit: roopkundlake)

रूपकुंड लेक (Roopkund Lake)- इस लिस्ट में सबसे ऊपर नाम रूपकुंड लेक का है. रूपकुंड लेक उत्तराखंड की सबसे ऊंची झीलों में से एक है. रूपकुंड झील उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है. यहां से आप त्रिशूल पीक को आसानी से देख सकते हैं. इस झील को रहस्यमयी झील के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यहां पर बहुत साल पहले मानव कंकाल पाए गए थे. गर्मियों के मौसम में घूमने के लिए रूपकुंड लेक काफी अच्छी जगह है. यह लेक हर मौसम में जमी ही रहती है. 

kedal tal (Photo Credit: kedartaltrek)

केदार ताल (Kedar Tal) - केदार ताल उत्तरकाशी क्षेत्र में 5000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक ग्लेशियर झील है. केदार ताल से थलयासागर चोटी को आसानी से देखा जा सकता है. 

Hemkund Lake (Photo Credit: rashmi__1208)

हेमकुंड झील (Hemkund Lake)- इस झील को काफी पवित्र माना जाता है. इस झील का पानी साल में 8 महीने जमा ही रहता है. यह झील बर्फ से ढके पहाड़ों से घिरी है. मान्यताओं के अनुसार, सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह ने इस झील के किनारे तप किया था.

sattal lake (Photo Credit: photography.pramod)

सातताल झील (Sattal)- यह झील नैनीताल से 23 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.  यहां पर सात झीलों का एक समूह है. जिसमें से कुछ झीलें अब सूख चुकी हैं. यह घने बांज के पेड़ों से घिरी जगह पर स्थित है.यहां पर पक्षियों की आवाज आपको भी मंत्रंमुग्ध कर सकती है. 

deo taal (photo credit: himalayan___musafir)

देव ताल (Deo Taal) -  देव ताल को देवताओं के ताल के नाम से जाना जाता है. माना जाता है कि इस ताल में देवता स्नान करते थे.  यह जगह माना पास के जीरो पॉइंट से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर है. यह ताल चारों तरफ से बर्फ के पहाड़ों से घिरा हुआ है. 


 

 

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