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बच्चे अगर मोटे हैं तो मुंबई की इस क्लीनिक में कराएं इलाज...

आजकल की लाइफस्टाइल में बढ़ता मोटापा सबके लिए परेशानी का सबब बन रहा है. इसका सबसे ज्यादा शिकार 13 से 19 साल के बच्चे और टीनएजर हो रहे हैं. इसी समस्या के समाधान के लिए भारत में एक नई पहल हुई है...

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बच्चों में बढ़ता मोटापा
बच्चों में बढ़ता मोटापा

मोटापे को कम करने के लिए और इस बढ़ने से रोकने के लिए हम न जाने कितने ही उपाय करते हैं. कामकाजी लोगों के अलावा 13 से 19 साल के बच्चों और टीनएजर्स के बीच भी इस समस्या को काफी तेजी से बढ़ते देखा जा सकता है. इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए हाल में मुंबई में भारत का पहला ओबीसिटी क्लीनिक खोला गया है. इस क्लीनिक का उद्घाटन महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़नवीस की पत्नी और एक्सिस बैंक की वाइस प्रेसिडेंट अमृता फड़नवीस ने किया.

शहर के सूर्या हॉस्पिटल में इस क्लीनिक को ओपन किया गया है. पिछले दिनों हॉस्पिटल ने मुंबई और पुणे के स्कूली बच्चों पर एक सर्वे कराया था. इस सर्वे के मुताबिक 18 प्रतिशत बच्चे मोटापे के, 32 प्रतिशत बच्चे ओवर वेट के और 52 प्रतिशत बच्चे डायबिटीज का शिकार थे.

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हॉस्पिटल के डॉक्टरों का मानना है कि इस क्लीनिक के जरिए ऐसे बच्चों को सही इलाज किया जा सकता है और इसी के साथ मोटापे से होने वाली भी किया जा सकता है. 13 से 19 साल के बच्चों की मोटापे से जुड़ी सभी समस्याओं के लिए इस क्लीनिक में काउंसलर से लेकर न्यूट्रिशनिस्ट तक हर चीज की फैसिल्टी मौजूद है.

एक्सिस बैंक की वाइस प्रेसिडेंट अमृता फडनीस ने कहा कि मोटापे को इस उम्र में रोक लेने में ही भलाई है ताकी बीमारियों से बच्चों को बचाया जा सके. इसके लिए जरूरी है कि बच्चों के पैरेंट्स और टीचर्स के बीच जागरूकता को बढ़ाया जाए. इसी के साथ बच्चों में खेलने के लिए भी उत्साहित करना भी हमारी ड्यूटी है. इससे उनके भी होगा और संतुलन भी बना रहेगा.

इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ ओबिसिटी और इंटरनेशनल ओबिसिटी टास्क फोर्स का मानना है कि पिछले कुछ सालों में बहुत तेजी से बढ़ रहा है. सूर्या हॉस्पिटल के मैनजिंग डॉयरेक्टर का कहना है कि हम बच्चों के लिए केयर हॉस्पिटल चलाते हैं तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि इस तरह के प्रोग्राम को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाए.

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