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रिलेशनशिप में उम्र का फासला क्यों है जरूरी?

हमारे देश में सदियों से यही मान्यता रही है कि आदमी को अपने से कम उम्र की लड़की के साथ ही शादी करनी चाहिए. माना जाता है कि इस तरह दांपत्य जीवन बेहतर रहता है.

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शादी शादी

हमारे देश में सदियों से यही मान्यता रही है कि आदमी को अपने से कम उम्र की लड़की के साथ ही शादी करनी चाहिए. माना जाता है कि इस तरह दांपत्य जीवन बेहतर रहता है. पर क्या वाकई एक रिश्ते में उम्र का अंतर होना चाहिए?

शादी का बंधन दो लोगों के बीच का एक वादा होता है जिसे वो एक-दूसरे से करते हैं. दोनों को ही अपनी कई पुरानी आदतों और बातों को बदलना पड़ता है लेकिन ये सबकुछ उस रिश्ते के लिए होता है.

आप शायद इस बात पर यकीन न करें लेकिन उम्र के इस अंतर के पीछे बॉयोलॉजिकल, फिजिकल, इमोशनल और फाइनेंशियल कारण होते हैं. उम्र का बहुत गहरा प्रभाव व्यक्तित्व पर पड़ता है. यह एक शख्स की मैच्योरिटी के लिए भी जरूरी होता है. हालांकि इसके कई अपवाद भी हो सकते हैं लेकिन इस बात को भी सिरे से नकारा नहीं जा सकता है.

1. बायो‍लॉजिकल पक्ष
बॉयोलॉजी के आधार पर देखें तो औरत और मर्द के बीच उम्र का फासला होना चाहिए. पुरुषों में ढलती उम्र के लक्षण महिलाओं की तुलना में देर से नजर आते हैं. महिलाएं जल्दी उम्रदराज नजर आने लगती हैं, तो इस आधार पर उनका उम्र में छोटा होना ही सही है.

2. भावनात्मक पक्ष
मैच्योर होने के साथ ही शख्स में भावनात्मक ठहराव आने लगता है. ऐसे में एज-गैप होने से रिलेशनशिप का संतुलन बना रहता है. इस तरह के रिश्ते हमेशा तरोताजा बने रहते हैं और इनमें नीरसता नहीं आती.

3. आर्थिक सुरक्षा
आर्थिक सुरक्षा और स्थायित्व उम्र के साथ आता है. अगर कोई शख्स अभी स्ट्रगल ही कर रहा है या फिर उसने अभी-अभी नौकरी शुरू की है तो घर संभालने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इस लिहाज से देखा जाए तो शादी के लिए पुरुष और महिला में एज-गैप होना ठीक है.

4. रिलेशनशिप इश्यू
हर रिश्ते में प्यार का होना जरूरी है. ऐसे में अगर एक शख्स बड़ा होगा तो वह छोटे को लाड-दुलार करेगा. इससे रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी. इसके अलावा महिलाओं के मेनोपॉज से जुड़ी और गर्भ धारण करने की स्थिति भी इस बात का समर्थन करती है कि अगर लड़की की उम्र कम होगी तो रिश्ता बेहतर निभेगा.

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