शादी के बाद कपल की आदतें, पसंद-नापसंद और हर छोटी बात का पता होना हमेशा से ही एक सक्सेसफुल रिलेशनशिप की निशानी मानी जाती है. लेकिन सोचिए अगर किसी पुराने रिश्ते या फिर शादी के 10-20 साल बाद यदि आपको पता चले कि आप अपने पार्टनर को सही से नहीं जान पाए हैं तो ये काफी मुश्किल भरा पल हो सकता है. ब्रिटेन की एक महिला के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है.
दरअसल, उसे अपने पति के बारे में शादी के 20 साल बाद ऐसी बात पता चली है कि वो असल लाइफ में दर्जनों बच्चों का 'गुमनाम पिता' और अजीबोगरीब आदत का शिकार है. ये पूरी कहानी क्या है, आइए विस्तार से जानते हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के रहने वाले इस कपल के बीच सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन एक अनजान मैसेज ने इस 20 साल पुराने रिश्ते में दरार डाल दी है. दरअसल, महिला को सोशल मीडिया पर एक मैसेज आया जिससे उसे पता चला कि उसका पति उसकी जानकारी के बिना सालों से स्पर्म डोने कर रहा है.
शुरुआत में उसे लगा कि शायद यह केवल एक आर्थिक मदद या चैरिटी का जरिया था, लेकिन जब उसने गहराई से जांच की तो पता चला कि उसने क्लीनिक की हेल्प नहीं ली थी बल्कि वह खुद महिलाओं से संपर्क करता था.
रिपोर्ट के मुताबिक, जब महिला को पता चला है कि पति केवल स्पर्म डोनेट नहीं कर रहा था, बल्कि वह उन महिलाओं के साथ लगातार संपर्क में था जो प्रेग्नेंट होना चाहती थीं. उसे प्रेग्नेंट महिलाओं को देखने और इस पूरी प्रोसेस का हिस्सा बनने का मेंटल ऑब्सेशन (Mental Obsession) था.
वह चोरी-छिपे उन महिलाओं से मिलता था और उनके कंसेप्शन प्रोसेस (Conception Process) में शामिल होकर उसे सुकून मिलता था. पत्नी का कहना है कि यह उसके लिए एक धोखा नहीं बल्कि एक ऐसा मेंटल शॉक था जिसे वो एक्सेप्ट नहीं कर पा रही है.
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक डोनर ग्रुप से जुड़ी महिला ने गलती से स्पर्म डोनर की पत्नी को मैसेज कर दिया. दरअसल, पति ने अपनी एक अलग डिजिटल पहचान बना रखी थी और वह 'फ्री डोनर' के तौर पर फेमस था.
उसने क्लीनिक के बजाय सीधे तौर पर महिलाओं से संपर्क करने का रास्ता चुना था ताकि वह उनके करीब रह सके. जब पत्नी ने उसके लैपटॉप और फोन को देखा तो उसमें सैकड़ों ऐसी चैट्स और फोटोज मिलीं जिन्होंने उसके पति की डबल लाइफ की पोल खोल दी.
बिना किसी मेडिकल निगरानी या कानूनी दस्तावेज के इस तरह का 'प्राइवेट डोनेशन' न केवल सेहत के लिए खतरनाक है बल्कि ये आने वाली पीढ़ियों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है.
पीड़ित महिला ने अब तलाक की अर्जी दे दी है और वह अन्य महिलाओं को भी सतर्क कर रही है कि वे ऐसे 'फ्री डोनर्स' के झांसे में न आएं क्योंकि इसके पीछे कोई अच्छी सोच नहीं बल्कि एक बीमारी मानसिकता हो सकती है.