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एक्स हसबैंड ने जिंदगी बनाई नर्क, उधार लेकर तलाक की लड़ाई लड़ रही महिला

पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी कहासुनी तब बड़ी बन जाती है जब बात तलाक तक पहुंच जाए. तलाक के बाद दो लोग अपने अलग-अलग राह पर आगे बढ़ जाते हैं और जिंदगी को फिर से एक नए तरीके से जीते हैं. हालांकि हर किसी की जिंदगी इतनी आसान नहीं होती है. एक महिला ने रिलेशनशिप पोर्टल पर बताया है कि किस तरह पति से अलग होने का फैसला उस पर भारी पड़ा है.

स्टोरी हाइलाइट्स
  • एक्स हसबैंड की प्रताड़ना
  • महिला ने शेयर की दुख भरी कहानी
  • तलाक के लिए लड़ाई जारी

पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी कहासुनी तब बड़ी बन जाती है जब बात तलाक तक पहुंच जाए. तलाक के बाद दो लोग अपनी अलग-अलग राह पर आगे बढ़ जाते हैं और जिंदगी को फिर से एक नए तरीके से जीते हैं. हालांकि हर किसी की जिंदगी इतनी आसान नहीं होती है. एक महिला ने रिलेशनशिप पोर्टल पर बताया है कि किस तरह पति से अलग होने का फैसला उस पर भारी पड़ा है और उसका एक्स हसबैंड किस-किस तरह से उसे प्रताड़ित कर रहा है.

महिला ने लिखा है, 'मेरे पति का नाम कुर्त है और उसे हमेशा से बहुत ज्यादा गुस्सा आता था. अगर उसे कोई चीज पसंद नहीं आती थी तो इसका पता उसके आस-पास मौजूद हर किसी को चल जाता था. हालांकि वो मस्ती-मजाक भी बहुत करता था और उसकी इस आदत के पीछे मैं उसके गुस्से को नजरअंदाज कर देती थी. हमने 18 महीने तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद शादी की थी. शादी के 2 साल होने तक मेरे दो बच्चे हो गए थे. जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा था मैं अपने पति का कोई और ही रूप देखती जा रही थी. वो पहले से ज्यादा चिड़चिड़ा और गुस्सैल हो गया था. वो मुझ पर हमेशा चिल्लाता रहता था.'

'ऑफिस में कुर्त का जल्द ही प्रमोशन हो गया और उस पर काम का बोझ बढ़ गया. वो बहुत ज्यादा व्यस्त रहने लगा और घर पर भी बहुत कम समय देता था. बच्चों पर तो उसका बिल्कुल भी ध्यान नहीं था. घर के सारे काम से लेकर बच्चों की पूरी परवरिश मैं अकेले ही करती थी और जब भी मैं इसके बारे में कुर्त से बात करती तो वो मेरा मजाक उड़ाता था या फिर मुझ पर चिल्लाता. कभी-कभी वो कहता था कि मैं और कर भी क्या सकती हूं. अगर तलाक देना चाहती हूं तो वो भी कर के देख लूं और ये बोलकर वो जोर-जोर से हंसता था.'


'मेरे घर वाले और दोस्त कुर्त के बारे में अच्छे से जानते थे और मैंने भी अपने घर पर लोगों को बुलाना बंद कर दिया था क्योंकि कुर्त को भी ये पसंद नहीं था. एक दिन मेरे मना करने के बावजूद मेरे कुछ दोस्त मेरा हालचाल लेने मेरे घर आ गए. उसी दिन कुर्त की ऑफिस में किसी से कहासुनी हो गई थी और वो भी घर जल्दी आ गया था. घर आते ही वो बच्चों और सब लोगों के सामने मुझ पर जोर-जोर से चिल्लाने लगा. मैंने अपने दोस्तों को उसी समय वापस भेज दिया. अगले दिन सुबह तक मैं ये फैसला कर चुकी थी कि मैं अब इस आदमी के साथ और नहीं रह सकती.'

'कुर्त जब ऑफिस गया तो मैं अपने बच्चों को और उनके कुछ जरूरी सामान लेकर अपनी एक दोस्त के घर चली आई. मैंने कुर्त को फोन कर अपना फैसला सुनाया. पहले तो वो जोर-जोर से हंसा उसके बाद वो मुझे धमकाने लगा. उसने कहा कि मैं अपने जिंदगी के कुछ दिन एंजॉय कर लूं क्योंकि ये मेरे बच्चों के साथ आखिरी दिन हैं. उसने कहा कि अगर मुझे लगता है कि उससे शादी करना मेरे लिए मुश्किल था तो मुझे जल्द पता चल जाएगा कि उससे तलाक लेना और भी मुश्किल होगा.'

'कुर्त ने तुरंत एक वकील रख लिया और हम दोनों का शेयरिंग बैंक अकाउंट बंद कर दिया.कुर्त हर दिन मेरे लिए एक नई मुश्किल खड़ी कर रहा था. मुझे लगता था कि उसके पास ऑफिस का बहुत काम रहता है पर अब उसने अपना सारा समय मेरी जिंदगी नर्क बनाने में लगा दिया है. हम दोनों के बीच अब एक लड़ाई शुरू हो चुकी है. तलाक के लिए चल रहे कानूनी लड़ाई जारी रखने के लिए मुझे अपने परिवार और दोस्तों पर बहुत अधिक निर्भर रहना पड़ रहा है. हाल में मैंने अपने पेरेट्स से एक बहुत बड़ी रकम उधार ली है ताकि मैं कानूनी बिल चुका सकूं.'

'अब वो मेरे बच्चों को मुझसे दूर करने की कोशिशों में लगा है. वो उन्हें बीच रास्ते में रोक कर गिफ्ट्स देता है, उन्हें पढ़ने नहीं देता है, हमेशा बाहर खाना खिलाने के लिए ले जाता है. बच्चों के सामने वो बिल्कुल संत बन जाता है और फोन पर मुझे उल्टे-सीधे मैसेज भेजता है और कहता है कि वो मुझे सबक सिखा कर रहेगा. पता नहीं एक्स हसबैंड के साथ ये लड़ाई कहां जाकर खत्म होगी और कब मैं आधिकारिक तौर पर उससे अलग हो पाउंगी.'

कुर्त का सलाह देते हुए एक डिवोर्स कोच ने लिखा, 'आपसी सहमति की तुलना में लड़ाई-झगड़े और दुश्मनी में लिए जाने वाले तलाक हमेशा महंगे होते हैं और इसके कई नुकसान भी उठाने पड़ते हैं. ऐसे केस में अकेले तलाक का फैसला लेने से पहले खुद को आर्थिक रूप से सुरक्षित कर लेना चाहिए. दोस्तों और परिवार के लोगों को भरोसे में लेकर और उनसे बातचीत करने के बाद ही कोई कदम उठाना चाहिए. अपने ईमेल अकाउंट और पासवर्ड सब कुछ बदल लेना चाहिए. रिश्ते से बाहर निकलने के लिए पार्टनर के साथ बैठकर अच्छे से एक-एक मुद्दे पर बात करना ज्यादा सही रहता है.

 

 

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