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पहली बार के अंतरंग संबंध दे सकते हैं दर्द

अगर आप पहली बार प्यार के उन हसीन लम्हों का लुत्फ लेने जा रहे हैं तो समझ लीजिए कि यह उतना आसान नहीं होने वाला है, जितना आप सोच रहे हैं. हालांकि पहली बार सेक्स के साथ कई तरह के डर भी जुड़े होते हैं. आपको समझना होगा कि पहली बार सेक्स के दौरान क्या करना चाहिए और उससे भी ज्यादा जरूरी यह है कि क्या नहीं करना चाहिए.

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अगर आप पहली बार प्यार के उन हसीन लम्हों का लुत्फ लेने जा रहे हैं तो समझ लीजिए कि यह उतना आसान नहीं होने वाला है, जितना आप सोच रहे हैं. हालांकि पहली बार सेक्स के साथ कई तरह के डर भी जुड़े होते हैं. आपको समझना होगा कि पहली बार सेक्स के दौरान क्या करना चाहिए और उससे भी ज्यादा जरूरी यह है कि क्या नहीं करना चाहिए.

हर किसी की चाहत यही होती है कि पहली बार सेक्स के दौरान सब कुछ सही हो और वह लंबी रेस का घोड़ा साबित हो. मन में कई तरह की उधेड़बुन के साथ रोचक कहानियां भी उबाल मारती रहती हैं. हालांकि इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन यह समझना भी जरूरी है कि पहली बार में शायद वो सब ना हो जो आपके मन में है. आदमी चाहता है कि पहली बार के वो हसीन प्यार भरे लम्हें जितनी ज्यादा देर तक हो सकें चलें. लेकिन ऑर्गेज्म जल्दी हो जाए तो घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. पहली बार में कई लोगों के साथ तो उत्तेजित होने को लेकर ही समस्या सामने आ जाती है, लेकिन इस सबसे परेशान ना हों. इसके बाद अगर आप कुंठा में हैं तो आप गलत हैं. अगर पहली बार में वैसा कुछ नहीं हुआ, जैसा आप सोच रहे थे तो जान लें कि दूसरा मौका हमेशा आपके पास रहेगा.

महिलाओं के लिए पहली बार प्यार के वो लम्हे दर्दनाक हो सकते हैं, लेकिन घबराएं नहीं. असल में ये दर्द नहीं उनका डर है. ज्यादातर मामलों में दर्द सिर्फ चिंकोटी काटने जैसा होता है. सिर्फ दर्द का डर ही उन हसीन लम्हों को बर्बाद कर सकता है. इसी डर के कारण छुअन मात्र से भी महिलाएं घबराने लगती हैं. ऐसे समय में उनके पार्टनर की जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है. ऐसे वक्त में महिला को इस बात का आश्वासन दें कि आप उनके साथ हैं. प्यार के उन हसीन लम्हों का भरपूर और आरामदायक लुत्फ लेने के लिए पर्याप्त फोरप्ले का सहारा जरूर लें. शुरुआत में उंगली और फिर आगे इंटरकोर्स की ओर बढ़ें. धीमी गति और संयम ही सफलता की कुंजी है.

पहली बार सेक्स को लेकर सबसे ज्यादा भ्रामक बात यही है कि पहली बार महिला को ब्लीडिंग यानी खून आना जरूरी है. जबकि ऐसा नहीं है. शील भंग के कारण खून आता है और हमें यह समझने की भी जरूरत है कि शीलभंग साइकिल चलाने, व्यायाम, आदि कई अन्य कारणों से भी भंग हो सकता है. कई मामलों में तो यह जन्म से ही नहीं होती है. महिलाओं के हस्तमैथुन के कारण भी शीलभंग हो सकता है. ब्लीडिंग हो या ना हो, जब आप अपने पार्टनर के पास है तो आपको उसमें विश्वास जताना और करना होगा. अगर कोई भी शक हो तो इसे बेडरूम तक ले जाने की बजाय पहले ही सुलझा लेना चाहिए.

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