क्या पैरेंटिंग भी बुरी हो सकती है? क्या कोई भी पैरेंट्स अपने बच्चों का
बुरा कर सकता है? दुर्भाग्य से कई बार ऐसा हो जाता है. कई बार पैरेंट्स
अनजाने में ऐसी पैरेंटिंग कर बैठते हैं जिससे बच्चों पर उसका बुरा असर लंबे
समय तक रह जाता है. भले ही पैरेंट्स ये जानबूझकर नहीं करते हों लेकिन एक
बार बच्चे पर गलत असर पड़ गया तो फिर कुछ नहीं किया जा सकता है. फिर चाहे
आप कितना भी चीजों को सही करने की कोशिश करें, वे नहीं सुधरतीं. कई बार आप
अपने बच्चों से इतना दुखी हो जाते हैं कि हार मानकर बैठ जाते हैं.
आप कई बार खराब परवरिश के पलों को महसूस नहीं कर पाती होंगी, इसीलिए हम आपको बता रहे हैं कि कौन सी चीजें आपको इस कतार में लाकर खड़ी कर सकती हैं और किन तरीकों से आप अच्छे पैरेंट्स साबित हो सकते हैं. खराब परवरिश केवल किसी एक काम या आदत का नतीजा नहीं है बल्कि गलत कामों और व्यवहार की एक पूरी कड़ी है जिससे आपके छोटे से बच्चे के दिल और दिमाग पर धीरे-धीरे बुरा असर पड़ता रहता है. कई बार आपको गलती का एहसास हो भी जाए लेकिन शायद फिर सब कुछ सही ना हो.
अगर आपमें भी हैं ये 15 आदतें तो आप भी अपने बच्चे की खराब परवरिश कर रहे हैं-
1-सच बोलने के बावजूद भी डांटना-
मान लीजिए कि आपके बच्चे ने कोई गलत काम किया और फिर खुद आकर अपनी गलती मान ली लेकिन इसके बावजूद आप उसे डांटते हैं. आप यह भूल जाते हैं कि उसने कम से कम सच बोलने की हिम्मत जुटाई.
2-बच्चे को सबके सामने डांटना और मारना या सजा देना-
सबके सामने, जगह और लोगों की परवाह किए बिना आपको अपने बच्चे को डांटने में कोई झिझक महसूस
नहीं होती है. आप उसे भाइयों-बहनों, दादा-दादी या फिर पड़ोसियों के सामने
डांट देते हैं या कई बार दो थप्पड़ भी लगा देते हैं.
3-सलाह ज्यादा, मोटिवेशन कम-
आप ज्यादातर उसे यही बताते हैं कि उसे क्या करना है. जैसे- आपको अच्छे ग्रेड के लिए सुबह उठना है जबकि आपको अपने बच्चे को मोटिवेट करने के लिए कहना चाहिए कि 'बेटा, तुम बहुत इंटेलिजेंट हो, मैं तुम्हें सुबह उठाने में मदद करूंगी ताकि तुम अच्छे ग्रेड्स ला सको.'
4-अपने बच्चे के प्रति प्यार ना दिखाना-
क्या आपने कभी सोचा है कि आपका बच्चा अपनी शरारतों से आपका ध्यान खींचने की कोशिश क्यों करता है? ऐसा हो सकता है कि वह आपसे भावनात्मक रूप से जुड़ाव की कमी महसूस कर रहा हो और आपसे प्यार की उम्मीद कर रहा हो.
5-जब उसे जरूरत हो, तब आपका साथ ना देना-
हो सकता है कि आपके बच्चे के स्कूल के एग्जाम्स चल रहे हो और उसे आपकी सबसे ज्यादा जरूरत हो लेकिन आप अपने ऑफिस के काम या दूसरी चीजों में इतना ज्यादा व्यस्त हैं कि आपका बच्चा खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा हो.
10-आप उसे रास्ता तो दिखाती हैं पर रास्ते पर चलना नहीं-
आपको केवल अपने बच्चे को सही रास्ता बताकर नहीं छोड़ देना है बल्कि अपने बच्चे के साथ कुछ कदम चलना भी है. जैसे आप बच्चे को साइकिल चलाने के लिए कुछ दिन हैंडल थामती हैं, वैसे ही हर एख चीज में पहले उसके साथ कुछ कदम चलें. शब्दों से ज्यादा आपकी मदद उसके लिए जरूरी है.
7-कभी भी उसकी उपलब्धियों पर खुश ना होना-
आपका बच्चा कोई कॉन्टेस्ट जीतकर आया है लेकिन आप बिल्कुल भी खुशी या एक्साइटमेंट का इजहार नहीं करते हैं. यहां तक कि आपने अपनी पैरेंटिंग के दौरान शायद ही उसकी किसी उपलब्धि पर गर्व महसूस किया हो.
8- हमेशा कमियां निकालना-
आपका बच्चा कुछ भी करे, आप उसे गलत रूप में ही देखती हैं और हमेशा उसकी आलोचना करती हैं. यह तारीफ ना करने या उदासीन रहने से भी ज्यादा नुकसानदेह है क्योंकि आप उसकी हर एक बात से असहमत होती हैं और उसकी आलोचना करती हैं.
6-हर वक्त तुलना करते रहना-
यह अच्छा है कि आप उसके सामने रोल मॉडल्स पेश करें लेकिन हर वक्त अपने बच्चों की दूसरों से तुलना करते रहना खराब पैरेंटिंग की ही निशानी है. ऐसा करके आप उसके अंदर असुरक्षा और हीनभावना भर रहे हैं.
9- बच्चे की बातों या राय के लिए समय ना देना-
आप उसे कई सारी अच्छी बातें बताने में तो बहुत सारा समय खर्च करते हैं लेकिन उसकी बात सुनने या उसकी राय समझने के लिए आपके पास बिल्कुल वक्त नहीं देते हैं. वह जब भी आपको कुछ बताता है आप उसे नकार देती हैं और उसे बिल्कुल गंभीर तरीके से नहीं लेती हैं.
11- गलत उदाहरण पेश करना-
बच्चे अपने पैरेंट्स से ही ज्यादातर अच्छी-बुरी आदतें सीखते हैं. अगर आपका बच्चा कभी भी कोई गलती करता है तो सबसे पहले थोड़ा सा वक्त लेकर यह सोचें कि कहीं उसने आपसे ही तो ये आदत नहीं सीखी है?
12-बिगाड़ने की हद तक बच्चे को दुलार करना-
बच्चे को प्यार करना और उसकी जरूरतों को पूरा करना अच्छी बात है लेकिन ये सब उस हद तक ही करें कि वो हर चीज को ग्रान्टेड ना लेने लगे और उसे किसी चीज की कद्र ही ना रह जाए. ऐसा करने से वह बनावटी हो सकता है और आगे चलकर उसकी समाज में नकारात्मक छवि बन जाएगी.
13-उसे कोई भी काम अकेले ना करने देना-
एक हद तक यह अच्छी बात है कि आप अपने बच्चे की मदद करती हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आपने अपने बच्चे को इस कदर खुद पर निर्भर बना दिया है कि वह अकेले कोई भी काम नहीं कर सकता है. ऐसा करने से बच्चे के अंदर आत्मविश्वास कम होता जचला जाएगा और उसके अंदर आत्म-सम्मान जैसी भावनाएं खत्म हो जाएंगी.
14-बच्चे से मारपीट करना-
आप हर बार अपने बच्चे के कुछ गलत करने पर हाथ उठा देती हैं या फिर उससे भी ज्यादा उसे पीट देती हैं. अपने बच्चे को अनुशासन में रखने के लिए आपके पास बस एक ही हथियार रह गया है- मारपीट. ऐसा करने से आपके बच्चे के मन में आपको लेकर एक तरह का डर पैदा हो जाएगा जोकि गलत है. यह भी हो सकता है कि कुछ दिन बाद आपका बच्चा ढीठ हो जाए और उस पर आपकी मारपीट का भी असर ना हो. इससे बुरी स्थिति नहीं हो सकती है.
15-बच्चों की बातों का छोटे-छोटे जवाब देना-
बच्चे को कई बार आपके गाइडेंस की जरूरत होती है लेकिन आप अपना जवाब हां या नहीं या कुछ छोटे-छोटे शब्दों से देती हैं जिससे आपके बच्चे को निराशा होती है. वह कई बार आपकी सही प्रतिक्रिया जानने के लिए आपके पास आ सकता है लेकिन हर बार आप उसे नजरअंदाज करती हैं.