World Tuberculosis Day 2023: दुनिया भर में हर साल 24 मार्च को वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे (World Tuberculosis Day 2023) मनाया जाता है. टीबी की बीमारी के प्रति लोगों को अवेयर करना ही इस दिन का उद्देश्य है. टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नाम के बैक्टीरिया की वजह से होती है.यह एक बैक्टीरियल संक्रमण है जो फेफड़ों पर असर डालता है. यह दिमाग और रीढ़ जैसे शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है.आज वर्ल्ड टीबी डे के मौके पर आइए जानते हैं कि ट्यूबरक्लोसिस होने के क्या लक्षण हैं और किस तरह इससे बचा जा सकता है.
2 तरह की होती है टीबी
ट्यूबरक्लोसिस दो तरह के होते हैं. पहला है लेटेंट टीबी जिसमें आमतौर पर लोग बीमार नहीं पड़ते हैं. इसमें शरीर में कीटाणु तो होते हैं लेकिन आपका इम्यून सिस्टम इसे फैलने से बचा लेता है. ये संक्रामक नहीं होता है और इसमें लक्षण साफतौर पर दिखाई नहीं देते हैं. हालांकि शरीर में होने की वजह से ये कभी भी एक्टिव हो सकता है. दूसरे तरह के टीबी को एक्टिव टीबी कहते हैं. इसमें कीटाणु बहुत जल्दी पूरे शरीर में फैलने लगते हैं जिससे आप बीमार पड़ जाते हैं.एक्टिव टीबी संक्रामक होता है.
टीबी के लक्षण
लेटेंट टीबी के कोई लक्षण नहीं होते हैं. स्किन या ब्लड टेस्ट के जरिए इसे पता लगाता या सकता है. वहीं एक्टिव टीबी में 3 हफ्ते से ज्यादा तक कफ बना रह सकता है. छाती में दर्द, खांसी में खून आना, थकान, रात में पसीना आना, ठंड लगना, बुखार, भूख ना लगना और वजन कम हो जाना इसके मुख्य लक्षण हैं. अगर आपको इनमें से कोई लक्षण महसूस हो रहे हैं तो डॉक्टर से संपर्क कर अपना टेस्ट कराएं.
टीबी के कारण
फ्लू की तरह हवा के जरिए फैलने वाले बैक्टीरिया से टीबी होता है. ये एक संक्रामक बीमारी है और किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से ही फैलती है. इसके अलावा HIV के मरीजों, अस्पताल में काम करने वाले लोगों और सिगरेट पीने वालों में इसका खतरा ज्यादा होता है.
हेल्दी इम्यून सिस्टम के जरिए टीबी बैक्टीरिया से लड़ा जा सकता है लेकिन अगर आपको HIV, डायबिटीज, किडनी की बीमारी, सिर या गर्दन का कैंसर है या फिर आपका वजन बहुत कम है तो आपको ये बीमारी आसानी से हो सकती है. इसके अलावा अर्थराइटिस, क्रोहन रोग और सोरायसिस की दवाएं लेने वालों में भी टीबी होने की संभावना ज्यादा होती है.
टीबी कैसे फैलती है
टीबी की बीमारी संक्रामक तो है लेकिन ये आसानी से नहीं फैलती है. अगर आप किसी एक्टिव टीबी मरीज के साथ बहुत लंबे समय तक रहते हैं तो ही आपको ये होने की संभावना है. आमतौर पर ये ऑफिस में काम करने वाले लोगों, दोस्तों या परिवार के सदस्यों से होता है. इसके किटाणु किसी सतह पर नहीं होते हैं और ना ही हाथ मिलाने या खाने पीने की चीजें शेयर करने से फैलती है.
टीबी का इलाज
टीबी के इलाज के शुरुआती दौर में भी जरूरी एहतियात बरतना चाहिए. मरीज इलाज के दौरान खूब पौष्टिक खाना खाएं, एक्सरसाइज करें, योग करें और सामान्य जिंदगी जिए. समय-समय पर डॉक्टर की सलाह लेते रहें. वहीं 6 से 9 महीने तक कई दवाओं का सेवन करके टीबी का इलाज हो सकता है.