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Soy Affect Sexual Health: पुरुषों की सेक्सुअल हेल्थ खराब करती है सोया? दावे पर छिड़ी बहस

कई गुणकारी तत्व होने के बावूजद सोया को लेकर न्यूट्रिशनिस्ट में बहस छिड़ी हुई है. कुछ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि पुरुषों को सोया खाने से बचना चाहिए. इसे खाने से पुरुषों की सेक्सुअल हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है. हालांकि कुछ एक्सपर्ट इस तर्क का बिल्कुल समर्थन नहीं करते हैं.

Photo Credit: Getty Images Photo Credit: Getty Images
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फाइटोएस्ट्रोजन की वजह से पुरुषों की सेक्सुअल हेल्थ पर बुरा असर
  • 2 महीने तक रोजाना 40 ग्राम सोया से कोई नुकसान नहीं

प्लांट बेस्ड प्रोटीन, एमीनो एसिड और हेल्थ को फायदा पहुंचाने वाले कई गुणकारी तत्व होने के बावूजद सोया को लेकर न्यूट्रिशनिस्ट में बहस छिड़ी हुई है. कुछ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि पुरुषों को सोया खाने से बचना चाहिए. इसे खाने से पुरुषों की सेक्सुअल हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है. हालांकि कुछ एक्सपर्ट इस तर्क का बिल्कुल समर्थन नहीं करते हैं.

सोया के खिलाफ बोलने वाले एक्सपर्ट कहते हैं कि सोया पॉलीफेनोन की एक खास क्लास से भरपूर होता है जिन्हें हम आइसोफ्लेवोन्स या फाइटोएस्ट्रोजेन के रूप में जानते हैं. इन पॉलीफेनोन को फीमेल हार्मोन एस्ट्रोजन की नकल करते पाया गया है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसमें मौजूद फाइटोएस्ट्रोजन की वजह से पुरुषों की सेक्सुअल हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए इसका सेवन नहीं करना चाहिए.

हालांकि, रिसर्च ये बताते हैं कि सोया आइसोफ्लेवोन्स और एस्ट्रोजन का मैकेनिज्म एकदम अलग है और आइसोफ्लेवोन के सेवन को मेल फर्टिलिटी से जोड़ने के साक्ष्य भी बहुत कम उपलब्ध हैं. इनमें से कई साक्ष्य वैज्ञानिक रूप से भी गलत हैं. 2008 में हुई एक क्रॉस सेक्शनल स्टडी में सोया के ज्यादा सेवन से पुरुषों का स्पर्म कॉन्सट्रेशन कम होने का दावा किया गया था. वैज्ञानिक रूप से इसे स्वीकार करना जरा मुश्किल है.

2015 में उसी रिसर्च ग्रुप ने एक सिमिलर डेटा जारी किया था जिसमें सोया के सेवन को पुरुषों की फर्टिलिटी से जोड़ने में शोधकर्ता असफल हुए थे. एक स्टडी के मुताबिक, दो महीने तक रोजाना 40 ग्राम सोया सप्लीमेंट का सेवन करने वाले हेल्दी पुरुषों की सीमेन क्वालिटी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है.

हाल ही में फिटनेस इंडस्ट्री ने सोया और इसके प्रोडक्ट्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है. लोग सब्जी, सलाद, कड़ी, स्मूदी, दूध और प्रोटीन सप्लीमेंट्स में इसका खूब इस्तेमाल कर रहे हैं. मांसपेशियों की मजबूती के लिए इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है. प्लांट प्रोटीन, अमीनो एसिड, फाइबर, विटामिन्स, मिनरल्स और पॉलीफेनोल्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट न सिर्फ कोशिकाओं को डैमेज होने से रोकते हैं, बल्कि कार्डियोवस्क्यूलर हेल्थ को भी सपोर्ट करते हैं.

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