हर कोई चाहता है कि उनकी स्किन जवां और खूबसूरत बनी रहे. इसके लिए लोग कई तरह के तरीके अपनाते हैं. इन्हीं में से एक तरीका स्किन सप्लीमेंट्स लेना भी है. कोई ग्लोइंग स्किन के लिए कैप्सूल खाता है तो कोई पिंपल्स के लिए दवा लेता है. सोशल मीडिया पर ऐसे कई इंफ्यूएंसर्स हैं, जो स्किन सप्लीमेंट्स के हेल्दी होने का दावा करते हैं और इन्हें खाने की सलाह भी देते हैं. लेकिन समस्या ये है कि ये स्किन सप्लीमेंट्स त्वचा को फायदा पहुंचाएं या न पहुंचाएं लेकिन सेहत को नुकसान जरूर पहुंचा सकते हैं. कई सप्लीमेंट्स हार्मोन, लिवर, डाइजेशन और यहां तक कि आपके खून पर भी असर डालते हैं. ऐसे में ये जानना बहुत जरूरी है कि कौन-से स्किन सप्लीमेंट्स सोच-समझकर लेने चाहिए और किन्हें ना लेना ही बेहतर होता है.
1. विटामिन ए सप्लीमेंट्स
विटामिन ए काफी पावरफुल सप्लीमेंट होता है. इसलिए डॉक्टर इसे गंभीर मुंहासों या खास स्किन प्रॉब्लम में ही लेने की सलाह देते है. उसमें भी डॉक्टर्स विटामिन ए को सीमित मात्रा और तय समय के लिए लेने का निर्देश देते हैं. लेकिन आजकल लोग बिना डॉक्टर को दिखाए ग्लोइंग स्किन के लिए खुद से ही विटामिन ए कैप्सूल लेने लगे हैं. लंबे समय तक ऐसा करने से अचानक बाल झड़ने, होंठों का ड्राई होना, सिरदर्द और चक्कर,लिवर पर दबाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
2. बायोटिन सप्लीमेंट
भारत में बायोटिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला सप्लीमेंट बन चुका है. बाल झड़ना, डल स्किन, कमजोर नाखून हर चीज का इलाज इसे बताया जाता है. लेकिन सच्चाई ये है कि असल में बायोटिन की कमी बहुत कम लोगों में देखने को मिलती है. अंडा, मूंगफली, बादाम, दालें, सीड्स और चावल जैसी ज्यादातर चीजों से लोगों को बायोटिन मिल ही जाता है. लगातार बायोटिन सप्लीमेंट लेने से स्किन ऑयली हो सकता है, मुंहासे बढ़ सकते हैं, थायरॉयड, हार्ट और हार्मोन टेस्ट की रिपोर्ट गलत आ सकती है.
3. कोलेजन पाउडर और पिल्स
आजकल लोग रोज सुबह पानी, कॉफी या स्मूदी में कोलेजन पाउडर मिलाकर पीते हैं. ऐसा कहा जाता है कि ऐसा करने से झुर्रियां कम होती है और स्किन ग्लो करती है. लेकिन कोलेजन जैसा विज्ञापन में दिखाया जाता है वैसा काम नहीं करता. शरीर कोलेजन को तोड़कर अमीनो एसिड बना देता है. ये सीधे चेहरे की स्किन तक नहीं पहुंचता. कुछ लोगों में हल्का फायदा दिख सकता है लेकिन हर किसी की स्किन पर नहीं. वहीं भारत में एक और समस्या क्वालिटी को लेकर भी है. कई कोलेजन सप्लीमेंट में हैवी मेटल हो सकते हैं, खासकर मरीन कोलेजन में कैल्शियम ज्यादा हो सकता है. ज्यादा कैल्शियम किडनी स्टोन का खतरा बढ़ा सकता है.
तो अगर आप भी बिना प्रॉपर टेस्ट कराए और डॉक्टर की सलाह के कोई सप्लीमेंट्स ले रहे हैं तो जरा रुके. पहले अपने खान-पान और लाइफस्टाइल को सही करें और डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही किसी भी सप्लीमेंट को लेना शुरू करें.