वन हेल्थ ट्रस्ट के संस्थापक और महामारी विशेषज्ञ रामानन लक्ष्मीनारायण ने भारत को ड्रग रेसिस्टेंस पैथोजेन्स (दवा रोधी रोगजनक) संकट के प्रति आगाह किया. उन्होंने कहा कि देश में ये समस्या तेजी से बढ़ रही है.
Drug Resistant Pathogens दवा रोधी रोगजनक का अर्थ है कि जब बीमारी फैलाने वाले माइक्रोऑर्गैनिज्म (सूक्ष्मजीव) जैसे बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोध विकसित कर लेते हैं यानी वे लगातार इन दवाओं के संपर्क में आने के कारण शरीर (होस्ट) को इन दवाओं के अनुरूप में ढाल लेते हैं जिसके बाद रोगजनक पर एंटीबायोटिक दवाएं बेअसर होने लगती हैं. इस स्थिति को दवा रोधी रोगजनक कहा जाता है.
पिछले कुछ समय में देश में दवा रोधी रोगजनक यानी एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेन्स (एएमआर) बड़ी तेजी से पैर पसार रहा है. एंटीबायोटिक दवाएं इलाज में अहम भूमिका निभाती हैं लेकिन बिना किसी डॉक्टरी परामर्श और रोक-टोक के इनका धड़ल्ले से उपयोग होता है जो इंसानी शरीर के लिए सही नहीं है.
महामारी विशेषज्ञ ने कही ये बात
महामारी विशेषज्ञ रामानन लक्ष्मीनारायण ने भारत में दवा रोधी रोगजनक संकट पर कहा कि देश में दवा रोधी रोगजनक की संख्या सबसे अधिक है. इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2024 में वन हेल्थ ट्रस्ट के संस्थापक और निदेशक ने कहा, "एएमआर दुनिया में मौत का तीसरा प्रमुख कारण है.
दवा रोधी रोगजनक (एएमआर) के बारे में बात करते हुए लक्ष्मीनारायण ने कहा, 'यह भविष्य की समस्या नहीं है. बल्कि यह हमारे सामने है. पूरे दक्षिण एशिया में एएमआर का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जाता है. हमारे पास सस्ती एंटीबायोटिक दवाएं हैं, आय बढ़ रही है इसलिए हम वहन कर सकते हैं. खासकर ये बिना डॉक्टरी प्रिस्क्रिप्शन के बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं.'
ध्यान रखें ये बात
ज्यादातर लोगों को यह नहीं पता होगा कि उनकी दवा एक एंटीबायोटिक है क्योंकि यह लेबल पर नहीं लिखा है. ज्यादातर लोगों को यह नहीं पता है कि एंटीबायोटिक्स केवल बैक्टीरिया में काम करते हैं, वायरस में नहीं.
एएमआर के संकट को कम करने के बारे में बात करते हुए लक्ष्मीरायण ने कहा कि जब तक हम बेहतर टीकाकरण रणनीति के माध्यम से बीमारी को रोक नहीं सकते, बेहतर स्वच्छता सुनिश्चित नहीं कर सकते, बिना नुस्खे के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन बंद नहीं कर सकते और अस्पतालों में स्वच्छता सुनिश्चित नहीं कर सकते, तब तक इस वृद्धि को को रोका नहीं जा सकता है.