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Raju Srivastav Heart Attack: राजू श्रीवास्तव को ट्रेडमिल पर दौड़ते हुए आया हार्ट अटैक, जिम जाने वाले ना करें ये गलती

58 साल के राजू श्रीवास्तव को ट्रेडमिल पर दौड़ते वक्त हार्ट अटैक आया था. उनके सीने में अचानक दर्द उठा और वे नीचे गिर गए. जिम में एक्सरसाइज या किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी के दौरान हार्ट अटैक के मामले अब तेजी से बढ़ रहे हैं. डॉक्टर्स कहते हैं कि जिम में एक्सरसाइज करने वाले किसी शख्स का अगर बीपी या कॉलेस्ट्रोल लेवल ठीक है तो इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि उसके हार्ट में कोई परेशानी नहीं हो सकती.

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कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को ट्रेडमिल पर दौड़ते हुए आया हार्ट अटैक (Righ Side Photo: Getty Images) कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को ट्रेडमिल पर दौड़ते हुए आया हार्ट अटैक (Righ Side Photo: Getty Images)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ट्रेडमिल पर दौड़ते हुए राजू श्रीवास्तव को पड़ा हार्ट अटैक
  • हार्ट अटैक के इन लक्षणों को भूलकर भी ना करें इग्नोर

मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को हार्ट अटैक की परेशानी के चलते दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 58 साल के राजू श्रीवास्तव को ट्रेडमिल पर दौड़ते वक्त हार्ट अटैक आया था. उनके सीने में अचानक दर्द उठा और वे नीचे गिर गए. जिम में एक्सरसाइज या किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी के दौरान हार्ट अटैक के मामले अब तेजी से बढ़ रहे हैं.

डॉक्टर्स कहते हैं कि जिम में एक्सरसाइज करने वाले किसी शख्स का अगर बीपी या कॉलेस्ट्रोल लेवल ठीक है तो इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि उसके हार्ट में कोई परेशानी नहीं हो सकती. अक्सर आनुवांशिक कारणों से भी दिल की सेहत को खतरा होता है. हमारी खराब लाइफस्टाइल इसे गंभीर बीमारी का रूप दे सकता है.

ज्यादा उम्र के लोगों को खतरा
दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कितना बड़ा हो सकता है, ये हमारी उम्र पर भी निर्भर करता है. रेगुलर एक्सरसाइज करने वाले कम उम्र के लोगों में दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है. लेकिन बढ़ती उम्र के साथ एक्सरसाइज जारी रखने पर भी दिल की बीमारियों का खतरा ज्यादा हो सकता है. 

इस विषय में एक्सरसाइज फिजियोलॉजिस्ट, माइकल जॉयनर कहते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रोल का खतरा भी बढ़ने लगता है. इसलिए बढ़ती उम्र के लोगों को अपना नियमित चेकअप कराते रहना चाहिए. 

एक्सरसाइज के वक्त हार्ट अटैक का खतरा क्यों?
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इंसान को अपनी शारीरिक क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए एक्सरसाइज करनी चाहिए. शरीर की भी एक लिमिट होती है. कई बार अनफिट लोग जिम में ज्यादा पसीना बहा देते हैं. ज्यादा कसरत कर लेते हैं. दिल की सेहत पर इसका बुरा असर होता है. मैराथन रनर्स पर हुई एक स्टडी बताती है कि जब लोग अपना रनिंग ईवेंट पूरा कर लेते हैं तो उनके ब्लड सैंपल में हार्ट डैमेज से जुड़े बायोमार्कर बन जाते हैं. हालांकि, ये समय के साथ अपने आप रिकवर भी हो जाते हैं. लेकिन जब हमारे हार्ट पर लगातार स्ट्रेस रहता है तो ये टेंपरेरी डैमेज गंभीर रूप ले लेते हैं. इसके अलावा, जो लोग पहले से ही किसी हार्ट की बीमारी का शिकार होते हैं, उनके साथ भी यह समस्या हो सकती है.

हैवी वेट ट्रेनिंग से बचें
अमेरिका के लॉस एंजलिस में एक हार्ट इंस्टिट्यूट के एसोसिएट डायरेक्टर सुमित चौग के मुताबिक, कुछ लोग जल्दी मस्क्यूलर बॉडी बनाने के चक्कर में ज्यादा वजन उठाने लगते हैं. अगर आप कुछ दिन जिम जाकर ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं तो ये आपके लिए दिक्कत पैदा कर सकता है. बेहतर होगा कि आप फिट रहने के लिए पहले अपना एक गोल सेट करें और उसके हिसाब से ही ट्रेनिंग करें.

शरीर के ये लक्षण ना करें इग्नोर
जब भी आप किसी गंभीर बीमारी से घिरते हैं तो आपका शरीर कुछ संकेत देना शुरू कर देता है. यहां तक कि जिन लोगों को अचानक हार्ट अटैक आता है, उनमें भी ज्यादातर लोग शरीर के संकेतों को इग्नोर कर देते हैं. एक्सपर्ट का दावा है कि एक-तिहाई से ज्यादा लोग हार्ट अटैक से एक सप्ताह पहले ही कई तरह लक्षण महसूस करना शुरू कर देते हैं. अगर इन संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए तो जोखिम कम हो सकता है. इस बारे में यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन के स्पोर्ट्स कार्डियोलॉजिस्ट के डायरेक्टर जोनाथन ए. ड्रेजनर कहते हैं कि अगर आपकी बॉडी ठीक से फंक्शन नहीं कर रही है तो कुछ खास लक्षणों पर जरूर ध्यान दें. सांस में तकलीफ, सीने में दर्द या ज्यादा थकान महसूस होने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें.

 

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