भारत के कई प्रदेशों में इस समय कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप अपने चरम पर है. दिल्ली से लेकर पंजाब सभी ठंड की मार झेल रहे हैं और इस कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग तरह-तरह के तरीके भी अपनाते हैं. कहीं अंगीठी जलाई जाती है तो कहीं कोयले की आग से कमरे को गर्म किया जाता है. लेकिन कई बार यही तरीके जानलेवा साबित हो जाते हैं.हाल ही में पंजाब के तरनतारन से दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां ठंड से बचने के लिए पति-पत्नी ने कमरे में आग जलाई थी, लेकिन दोनों अगली सुबह का सूरज ही देख पाएं.
तरनतारन में रहने वाले गुरमीत सिंह और जसबीर कौर ने ठंड से बचने के लिए कमरे में एक बर्तन में आग जलाई थी, लेकिन उन दोनों की दम घुटने से दोनों की मौत हो गई. इस खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है, दोनों परिवारों पर कहर टूट पड़ा है, महज 6 महीने पहले ही इनकी शादी हुई थी.
वैसे यह कोई पहला मामला नहीं है, देश में इस तरह के कई मामले सामने आते रहते हैं. लेकिन लोगों को सर्दियों में आग जलाने से पहले कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए, वरना यह उनकी जानलेवा भी साबित हो सकता है.
अंगीठी, कोयला या लकड़ी जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलती है, बंद कमरे में यह गैस जमा होकर ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर देती है. इसकी वजह से धीरे-धीरे इंसान का दम घुटने लगता है. कई मामलों में लोगों को पता भी नहीं चलता और वे नींद में ही बेहोश होकर जान गंवा देते हैं.
बंद कमरे में आग न जलाएं
सर्दियों में लोग अक्सर ही आग जलाते हैं, लेकिन आग जलाने से पहले हमेशा खिड़की या दरवाजा थोड़ा खोल देने चाहिए. इससे हवा का आवागमन बना रहता है और घर के अंदर ऑक्सीजन की मात्रा में कमी नहीं होती है.
सोते समय अंगीठी बुझा दें
थोड़ी देर आग सेंकने के बाद और सोने से पहले आग पूरी तरह बुझाना बेहद जरूरी होता है. बंद कमरे में कभी भी आग को जला नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि इससे निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस आपके लिए हानिकारक होती है.
कोयले या लकड़ी से दूरी रखें
कोयले और लकड़ियों से निकलने वाला धुआं हमारी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है, इसलिए जितना हो सके, इनका इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.