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कफ क्यों होता है, बलगम ना बने तो कितनी बड़ी मुश्किल हो जाए? जानेंगे तो खांसी-जुकाम को नहीं समझेंगे दुश्मन

इंसानी शरीर रोजाना म्यूकस (बलगम) बनाता है जो फेफड़ों, पेट और आंखों को सूखने से बचाता है. संक्रमण या एलर्जी के कारण बलगम की मात्रा बढ़ जाती है जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर हो सकती है. बलगम शरीर के लिए कब फायदेमंद है और कब इसे गंभीरता से लेना चाहिए, इस बारे में आर्टिकल में जानेंगे.

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सर्दियों में बलगम की समस्या बढ़ जाती है. (Photo: ITG)
सर्दियों में बलगम की समस्या बढ़ जाती है. (Photo: ITG)

Mucus production causes health importance:

 शरीर सर्दी आते ही जो चीज लोगों को सबसे ज्यादा परेशान करती है, वह है सर्दी, खांसी-जुकाम. बलगम बनने से जब नाक और गला बंद होता है तो हम खांस-खांसकर आजिज आ जाते हैं. लेकिन इंसानी शरीर को यूं ही अजूबा नहीं कहा जाता है, इसमें हर अंग और हर प्रक्रिया की एक भूमिका है, यहां तक कि जिस बलगम से आप जूझते हैं, वह भी दरअसल आपको बचाने के लिए ही लड़ रहा होता है. 

हमारा शरीर रोजाना करीब 0.94 लीटर से 1.89 लीटर तक म्यूकस (बलगम) बनाता है जो फेफड़ों, पेट और आंखों जैसे अंगों को सूखने से बचाता है. जब किसी तरह का इंफेक्शन या एलर्जी होती है तो इसकी मात्रा बढ़ जाती है. ऐसा होने के पीछे भी एक खास कारण है. यह गाढ़ा लिक्विड पदार्थ होता है जो शरीर की नमी वाले अंगों में बनता है ताकि उन जगहों पर ड्राईनेस ना आए और बाहर से आने वाले प्रदूषण के कणों या रोगाणुओं को निकाल सके. 

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बलगम हमारे इम्यून सिस्टम का अहम हिस्सा है लेकिन कई बार अधिक बलगम बनना किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है. तो आइए जानते हैं बलगम कैसे बनता है और इसे कब गंभीरता से लेना चाहिए.

बलगम कैसे बनता है?

मेडिकल न्यूज टुडे के मुताबिक, बलगम मुख्यतः पानी और प्रोटीन के गुण वाले म्यूसिन नाम के जेल से बना होता है. शरीर में मौजूद गॉब्लेट सेल्स और सबम्यूकोसल ग्लैंड्स इसे बनाते हैं. बलगम में प्रोटीन, फैट, नमक और इम्यून मॉलिक्यूल्स भी मौजूद होते हैं जो इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं. सबसे अच्छी बात ये है कि बलगम धूल, धुआं, प्रदूषण, वायरस, बैक्टीरिया और फंगस जैसे सूक्ष्म कणों को बाहर निकाल देता है.

दरअसल, फेफड़ों की सतह पर छोटे-छोटे बालों जैसे ढांचे होते हैं जिन्हें सिलिया कहते  हैं. ये सिलिया एक साथ हिलते हैं और बलगम में फंसे कणों को ऊपर की ओर धकेलते हैं. ऐसे में बलगम गले के पीछे पहुंचता है और इसका अधिकांश हिस्सा स्वैलो होकर एसिड में ब्रेकडाउन होता है और शरीर से बाहर निकल जाता है.

बलगम शरीर के लिए काफी जरूरी है क्योंकि ये इंसानी शरीर में कई जरूरी काम करता है. यह अंदर जाने वाली सांस को नमी देता है, संक्रमण से बचाव करता है और पेट में अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है.

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सर्दी-जुकाम और एलर्जी में बलगम क्यों बढ़ जाता है?

वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब हवा में प्रदूषण, धूल या एलर्जन मौजूद होते हैं तो गॉब्लेट सेल्स और ग्लैंड्स एक्स्ट्रा बलगम बनाने लगते हैं. यही कारण है कि सर्दी, फ्लू या एलर्जी के दौरान बलगम बढ़ जाता है. संक्रमण के समय बलगम गाढ़ा भी हो जाता है क्योंकि उसमें इम्यून सेल्स, मृत जीवाणु और अन्य कण अधिक मात्रा में भर जाते हैं. हिस्टामीन, वेसोडाइलेशन और म्यूकस सिक्रेशन ट्रिगर करता है जिससे नाक बंद होना, गले में भारीपन या खांसी महसूस होने लगती है.

शरीर में बलगम की मात्रा कब बढ़ जाती है?

वैसे तो शरीर लगातार बलगम बनाता रहता है और खत्म करता रहता है. यह प्रक्रिया चौबीसों घंटे बिना रुके चलती रहती है. लेकिन कुछ स्थितियां ऐसी भी होती हैं जब इसका प्रोडक्शन अधिक होने लगता है. वो स्थितियां हैं...

  • एलर्जी या प्रदूषण के संपर्क में आना
  • श्वसन संक्रमण (वायरल, बैक्टीरियल या फंगल)
  • बहुत ठंडी या सूखी हवा के संपर्क में आना
  • हार्मोनल चैंजेज या अधिक उम्र
  • प्रेग्नेंसी या अस्थमा
  • कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट
  • गैस्ट्रोइसोफेगियल रिफ्लक्स
  • फेफड़ों की बीमारियां (COPD या ब्रॉन्किएक्टेसिस)

बलगम अधिक हो जाए तो क्या हो सकता है?

डॉक्टर्स कहते हैं अगर बलगम लंबे समय तक जमा रहे तो गंभीर मामलों में ऑक्सीजन लेवल गिरना और फेफड़ों से जुड़ी जटिलताएं भी हो सकती हैं. साथ ही बलगम के अधिक गाढ़े होने के कारण भी ये जोखिम बढ़ सकता है और नीचे बताई हुई समस्याएं पैदा कर सकता है.

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  • गले में खराश या जलन पैदा होना
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • साइनस का दर्द होना या दबाव महसूस होना
  • लगातार खांसी चलना या सांस लेने में दिक्कत होना
  • पाचन संबंधी समस्याएं होना
  • वजन घटने लगना या थकान महसूस होना
  • बार-बार संक्रमण की शिकायत होना
  • गंभीर स्थिति में फेफड़ों का सिकुड़ना या हार्ट फेल्योर

बलगम साफ करने के आसान तरीके

वैसे तो बलगम प्राकृतिक रूप से अधिक नहीं बढ़ता लेकिन सर्दी या एलर्जी के कारण यदि बलगम का जमाव बढ़ गया है तो इसे साफ करने के लिए कुछ तरीके अपना सकते हैं.

  • सलाइन नेजल स्प्रे का इस्तेमाल करें
  • गर्म पानी की भाप लें
  • नॉन-ड्रॉजी एंटीहिस्टामिन या डी-कंजेस्टेंट लें
  • यूक्लिप्टस ऑयल की भाप लें या छाती पर रगड़ें
  • हवा में नमी बढ़ाने के लिए ह्यूमिडिफायर का प्रयोग करें
  • गुनगुने पानी या गर्म पानी से नहाएं
  • ठंडी हवा में स्कार्फ से नाक ढंकना
  • धूम्रपान और सेकंड हैंड स्मोक से बचें
  • बॉडी को हाइड्रेट रखें

डॉक्टर से कब मिलें

म्यूकस का रंग क्लियर या हल्का सफेद होता है लेकिन यदि उसका रंग बदल गया है या फिर वो बाहर नहीं निकल रहा है तो आपको डॉक्टर की सलाह की जरूरत होगी. यदि यह समस्या आपको लंबे समय से बनी हुई है, आपको बुखार आ रहा है, सीने में दर्द है या वजन कम होने जैसे लक्षण दिख रहे हैं तो उसे अनदेखा ना करें.

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