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Shane Warne Death: शेन वॉर्न का 52 की उम्र में निधन, कम उम्र के लोग हार्ट अटैक का क्यों हो रहे शिकार

Shane Warne: कलाई के सबसे बड़े जादूगर शेन वॉर्न का निधन हो गया है. शेन वॉर्न की उम्र 52 साल थी. उनके अचानक निधन के बाद क्रिकेट जगत हैरान है. उनकी मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है. कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के क्या कारण हैं, इस बारे में आर्टिकल में जानेंगे.

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शेन वॉर्न
शेन वॉर्न
स्टोरी हाइलाइट्स
  • शेन वॉर्न का 52 साल की उम्र में निधन
  • हार्ट अटैक से निधन की खबरें आई सामने
  • विला में बेहोशी की हालत में मिले थे

दुनिया के बेस्ट स्पिनर कहे जाने वाले शेन वॉर्न का दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है. उनकी उम्र मात्र 52 साल थी. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, वे अपने विला में बेहोश मिले थे. जब उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, तब उनकी मौत की पुष्टि हुई. पिछले कुछ सालों में कम उम्र के लोगों में दौरा पड़ने या हार्ट अटैक आने से काफी जानें जा रही हैं. 

आसान शब्दों में समझें तो दिल का दौरा तब पड़ता है, जब हृदय में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है. रक्त का प्रवाह रुकने का कारण फैट, कोलेस्ट्रॉल आदि हो सकते हैं. जैसे ही यह रक्त के रास्ते में आते हैं, तो थक्का जम जाता है, जिससे रक्त प्रवाह अवरुद्ध होने लगता है. यह बाधित रक्त प्रवाह हृदय की मांसपेशियों के हिस्से को नुकसान पहुंचा सकता है या फिर उन्हें डैमेज कर सकता है.

आज के समय में युवाओं में या फिर कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे हैं. जिसके ये कारण हो सकते हैं.

1.स्मोकिंग (Smoking)

Heart.org के मुताबिक, युवाओं में कोरोनरी धमनी की बीमारी के लिए सबसे बड़े जोखिम कारकों में से एक स्मोकिंग भी है. धूम्रपान करने वाले युवाओं में दिल का दौरा पड़ने की संभावना को कई गुना बढ़ा दिया है. विभिन्न रिसर्चों के मुताबिक,स्मोकिंग करने से हार्ट अटैक का जोखिम 8 गुना बढ़ जाता है.

2. हाई कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol)

कोलेस्ट्रॉल का हाई लेवल भी हार्ट डिसीज का एक मुख्य कारण है. रिसर्च के मुताबिक, 190 मिलीग्राम से ऊपर "खराब" या LDL कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों में हार्ट संबंधित बीमारी जैसे हार्ट अटैक या स्टोक का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए हमेशा कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखें.

3. जंक फूड (Junk food)

आज की अधिकतर युवा पीढ़ी भूख मिटाने के लिए घर के खाने की जगह जंक फूड खाना अधिक पसंद कर रही है. उनकी थाली में प्रोटीन, फाइबर वाले फूड्स की जगह जंक और तली-भुनी चीजें अधिक होती हैं, जिससे शरीर में काफी अधिक कैलोरी जाती है, जिसका असर हार्ट हेल्थ पर पड़ता है.

4. डिप्रेशन (Depression)

डिप्रेशन सिर्फ दिमाग ही नहीं बल्कि पूरे शरीर को प्रभावित करता है. डिप्रेशन तनाव हार्मोन जारी करता है और जिससे धमनियों पर गलत असर पड़ता है और वे सिकुड़ने लगती हैं. मिसौरी के कैनसस सिटी में रिसर्च मेडिकल सेंटर के डॉक्टर गजाला परवीन के मुताबिक, डिप्रेशन का जीवनशैली पर काफी प्रभाव पड़ता है और यह हार्ट संबंधित बीमारियां पैदा करता है.

5. हाई ब्लड प्रेशर और मोटापा (High blood pressure and obesity)

मोटे व्यक्तियों को अपने शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए अधिक रक्त की आवश्यकता होती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. इस ब्लड को सर्कुलेट करने के लिए शरीर को भी अधिक दबाव की आवश्यकता होती है. इसलिए हाई ब्लड प्रेशर भी दिल के दौरे का एक सामान्य कारण है, जो मोटे लोगों के लिए दुख की बात है.

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