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54 की उम्र में 35 जैसी एनर्जी! जयपुर की राजकुमारी की फिटनेस का खुला राज, अपनाती हैं ये आसान तरीके

राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमारी अपनी बिजी लाइफ के बावजूद खुद को फिट रखती हैं. ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि इस उम्र में भी जयपुर की राजकुमारी दीया की एनर्जी का राज क्या हैं. जानिए उनकी आसान फिटनेस रूटीन और हेल्दी लाइफस्टाइल से जुड़े टिप्स.

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एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी है. (PHOTO:ITG)
एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी है. (PHOTO:ITG)

Princess Diya Kumari Fitness Routine: राजस्थान की डिप्टी सीएम और जयपुर राजघराने की राजकुमारी दीया कुमारी अक्सर ही किसी ना किसी वजह से सुर्खियों में रहती हैं. राजकुमारी दीया कुमारी अपनी सादगी और खूबसूरती के लिए काफी मशहूर हैं. वह हमेशा लोगों से मिलने, सामाजिक अभियानों में हिस्सा लेने और लगातार मीटिंग्स में बिजी रहती हैं. इतनी भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को फिट, एनर्जेटिक और मेंटल तौर से शांत रखना आसान नहीं होता, लेकिन उनकी फिटनेस रूटीन इसमें बड़ी भूमिका निभाती है. 54 साल की उम्र में भी दिया कुमारी की फिटनेस का कोई जवाब नहीं है, ऐसे में हर कोई उनकी फिटनेस सीक्रेट के बारे में जानना चाहता है.

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में दीया कुमारी ने खुलकर बताया कि उनका खानपान और एक्सरसाइज रूटीन इन दिनों बहुत परफेक्ट नहीं है, फिर भी वह हफ्ते में 2 से 3 बार किसी न किसी तरह की एक्सरसाइज जरूर करती हैं. उनका मानना है कि थोड़ा-बहुत नियमित व्यायाम भी शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद होता है.

किससे मिलती है राजकुमारी दीया को एनर्जी?

राजकुमारी दीया कुमारी ने बताया कि इस भागदौड़ भरी जिंदगी में वो कैसे अपनी मेंटल हेल्थ का ख्याल रखती हैं. उन्होंने कहा, 'जब भी मुझे समय मिलता है, मैं पिलाटे और योग करती हूं. इससे मुझे मानसिक शांति मिलती है और दिनभर एक्टिव रहने की एनर्जी मिलती है.' जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने योग और पिलाटे को ही क्यों चुना, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने कई दोस्तों को ये एक्सरसाइज करते देखा है. वे लोग फिट, हेल्दी और लचीले नजर आते थे. यह देखकर उन्होंने भी इसे अपनाने का फैसला किया, और यह तरीका उन्हें खूब सूट भी कर गया. 

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खेल और वॉक भी हैं रूटीन का हिस्सा

दीया कुमारी की फिटनेस का सीक्रेट सिर्फ योग और पिलाटे नहीं है, वो इसके अलावा सुबह-शाम वॉक करना, स्विमिंग करना, बैडमिंटन और बास्केटबॉल खेलना भी पसंद करती हैं. उनका मानना है कि शरीर को एक्टिव रखने के लिए एक ही तरह की एक्सरसाइज काफी नहीं होती, बल्कि अलग-अलग एक्टिविटी करना भी जरूरी होता हैं.

पिलाटे क्यों है खास?

फिटनेस एक्सपर्ट दीपिका शर्मा बताती हैं कि पिलाटे का मतलब सिर्फ पसीना बहाना या मुश्किल मूव्स दिखाना नहीं है.इसका असली मकसद अपनी बॉडी की अंदरूनी ताकत बढ़ाना है. पिलाटे की एक्सरसाइज धीमी और कंट्रोल्ड होती हैं, लेकिन इसका असर शरीर पर गहरा और लंबे समय तक रहता है.

  • सही पोश्चर बनाए रखना
  • शरीर को लचीला बनाना
  • सांसों पर कंट्रोल सीखना

क्या स्ट्रेचिंग से कम होता है चोट का खतरा? 

योग और पिलाटे में स्ट्रेचिंग बहुत जरूरी हिस्सा है. इससे हमारी मसल्स लचीली रहती हैं और जकड़न कम होती है.जो लोग रोजाना वर्कआउट करते हैं, उनके लिए यह और भी जरूरी हो जाता है ताकि शरीर में अकड़न न आए और चोट लगने का खतरा कम हो.

हालांकि एक्सपर्ट्स की सलाह है कि शुरुआत में एक्सरसाइज किसी ट्रेंड ट्रेनर की निगरानी में ही करें, ताकि गलत तरीका अपनाने से मसल्स पर ज्यादा दबाव न पड़े.

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हफ्ते में कितने दिन करना सही

फिटनेस कोच गरिमा गोयल के मुताबिक, हफ्ते में 2 से 3 बार पिलाटे करना एकदम सही रहता है. इससे बॉडी को आराम भी मिलता है और मसल्स को रिकवर होने का समय भी मिल जाता है.

इन बातों का रखें ध्यान

  • हर सेशन के बीच एक दिन का गैप रखें
  • धीरे-धीरे लेवल बढ़ाएं
  • नियमित प्रैक्टिस करें
  • वॉक, योग और हल्की एक्सरसाइज के साथ बैलेंस बनाएं

दीया कुमारी की फिटनेस रूटीन यह सिखाती है कि जरूरी नहीं कि आप रोज घंटों जिम में पसीना बहाएं. अगर आप नियमित रूप से योग, पिलाटेस, वॉक या खेल-कूद को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल कर लें, तो आप भी फिट, एनर्जेटिक और स्ट्रेस फ्री रह सकते हैं.

डिस्क्लेमर: कोई भी नई फिटनेस रूटीन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या फिटनेस एक्सपर्ट से सलाह ज़रूर लें.

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