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Camphor Vs Naphthalene Balls: कपड़ों को बचाने के चक्कर में बिगाड़ न लें सेहत! जानिए कपूर या नेप्थलीन बॉल्स में से क्या है आपके लिए सुरक्षित

Camphor Vs Naphthalene Balls: अलमारी में रखी कपूर और नेप्थलीन की गोलियां कीड़े तो भगाती हैं, लेकिन क्या ये सेहत के लिए सुरक्षित हैं? ये सवाल बहुत बड़ा है क्योंकि ज्यादातर घरों में इनका इस्तेमाल किया जाता है. जानिए दोनों के फायदे, नुकसान और सही ढंग से इस्तेमाल का तरीका.

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कपूर या नेप्थलीन बॉल्स को बहुत ज्यादा मात्रा में रखना खतरनाक साबित हो सकता है. (Photo: ITG)
कपूर या नेप्थलीन बॉल्स को बहुत ज्यादा मात्रा में रखना खतरनाक साबित हो सकता है. (Photo: ITG)

अकसर अलमारी खोलते ही अजीब सी तेज खुशबू या महक आने लगती है, जिसे बहुत ही नॉर्मल समझा जाता है. ये आज कल लोगों की नजर में छोटी-सी बात है. क्योंकि ये महक कपड़ों को कीड़ों से बचाने के लिए रखी गईं कपूर या नेप्थलीन बॉल्स की होती है. कपड़ों को कीड़ों से बचाने का ये तरीका पिछले कई दशकों से इस्तेमाल किया जा रहा है और आज भी बहुत नॉर्मल है.

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो चीज कीड़ों को दूर भगाती है, वही आपकी सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकती है? दरअसल, ये नेप्थलीन बॉल्स या कपूर की गोलियां सिर्फ कीड़ों को ही नहीं मारती, बल्कि इनके धुएं या महक से आपकी नाक, फेफड़े और आंखों पर भी असर पड़ सकता है. चलिए जानते हैं कि नेप्थलीन बॉल्स और कपूर की गोलियों में से आपकी हेल्थ के लिए क्या बेहतर है और किन उपायों से हम कीड़ों से बचाव करते हुए सुरक्षित रह सकते हैं.

क्यों अलमारी में रखी जाती हैं नेप्थलीन बॉल्स और कपूर की गोलियां?
कपूर और नेप्थलीन बॉल्स अलमारी में इसलिए रखी जाती हैं क्योंकि ये दोनों चीजें कीड़ों-मकोड़ों को दूर भगाती हैं और कपड़ों में बदबू नहीं आने देतीं. इसके अलावा, अलमारी और स्टोर किए हुए कपड़े सेफ रहते हैं. इसी वजह से लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे इन्हें इस्तेमाल करते हैं.

नेप्थलीन बॉल्स से फायदा कम, खतरा ज्यादा
नेप्थलीन बॉल्स केमिकल से बनी होती है, जिसकी तेज महक से कीड़े तो भाग जाते हैं, लेकिन ये आपकी हेल्थ के लिए अच्छी नहीं होती. अगर इसकी महक लंबे समय तक सांस में जाए, तो आपको सिरदर्द, उल्टी जैसा मन, सांस लेने में परेशानी और आंखों या नाक में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

नेप्थलीन बॉल्स जितनी असुरक्षित आपके लिए हैं, उससे कहीं ज्यादा बच्चों के लिए खतरनाक होती हैं. अगर गलती से बच्चा इसे मुंह में डाल ले, तो गंभीर नुकसान हो सकता है. ऐसे में नेप्थलीन बॉल्स आपकी हेल्थ के लिए सुरक्षित नहीं मानी जातीं, इसलिए इनका इस्तेमाल सोच-समझकर ही करना चाहिए.

कपूर की गोलियां बेहतर, लेकिन सुरक्षित नहीं 
कपूर एक नेचुरल इंग्रेडिएंट है, जो पेड़ से मिलता है. इसे अक्सर पूजा-पाठ में या घर में खुशबू फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. नेप्थलीन की तुलना में कपूर थोड़ा कम जहरीला होता है, लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं कि ये आपकी सेहत के लिए पूरी तरह सुरक्षित है.

ध्यान रखने की बात ये है कि ज्यादा कपूर की खुशबू भी सेहत पर असर डाल सकती है. इससे सिरदर्द, चक्कर, नाक और गले में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसकी खुशबू से अस्थमा के मरीजों और बच्चों को बहुत परेशानी हो सकती है. इसका मतलब ये है कि कपूर नेप्थलीन से बेहतर है, लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल भी नुकसानदायर हो सकता है.

तेज महक का मतलब सुरक्षित नहीं
अक्सर लोग सोचते हैं कि तेज खुशबू वाली कोई भी चीज अच्छी और सुरक्षित होती है. लेकिन सच ये है कि तेज महक का मतलब सिर्फ ये है कि केमिकल हवा में घुल रहा है. ये हवा केवल कीड़ों पर ही असर नहीं करती, बल्कि इंसानों की सेहत पर भी असर डाल सकती है. लंबे समय तक अगर कोई भी इसके संपर्क में आता है तो सिरदर्द, सांस की तकलीफ और कई अन्य हेल्थ प्रॉबलम्स हो सकती हैं. इसलिए तेज महक का मतलब सुरक्षित होना नहीं होता.

इस्तेमाल करने में रखें ये सावधानियां 

  • बहुत ज्यादा गोलियां न रखें
  • अलमारी को समय-समय पर खोलकर हवा लगाएं
  • बच्चों की पहुंच से दूर रखें
  • बंद और छोटे कमरों में ज्यादा इस्तेमाल न करें
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