
Arijit Singh and Zakir Khan Break: म्यूजिक इंडस्ट्री के दिग्गज सिंगर अरिजीत सिंह और स्टैंड-अप कॉमेडियन जाकिर खान ने अचानक से अपने ब्रेक का ऐलान कर सभी को चौंका दिया है. दोनों ही अपनी फील्ड में इस समय टॉप पर थे. इस मुकाम पर आकर सबकुछ एक बार में छोड़ने का फैसला कुछ लोगों को क्रांतिकारी लग सकता है. मगर उनके इस फैसले के पीछे की सच्चाई से लोग अभी कोसों दूर हैं. हालांकि उनके इस फैसले ने सक्सेस, स्ट्रेस और बैलेंस के बदलते स्वरूप को एक बड़ी बहस का मुद्दा बना दिया है.
पर्दे के सामने और उसके पीछे की जिंदगी में जमीन-आसमान का फर्क होता है और सबसे बड़ी बात यह है कि उस फर्क को बहुत ही कम लोग समझ पाते हैं. लोग सिर्फ एक पहलू देखकर ही किसी को जज करते हैं, उसकी असल जिंदगी में क्या चल रहा है . उसके बारे में उनको कोई खबर नहीं होती है.जहां सिंगर अरिजीत ने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कर ऐलान किया है कि वो अपने इस प्रोफेशन को अलविदा कह रहे हैं. दूसरी तरफ हैदराबाद में लाइव शो के दौरान जाकिर खान ने ऐलान किया कि वो लंबे समय के लिए स्टैंड-अप कॉमेडी से ब्रेक ले रहे हैं और उन्होंने अपने इस फैसले के पीछे हेल्थ इश्यूज और पर्सनल मामलों का हवाला दिया.
जाकिर और अरिजीत दोनों के इस फैसले की कुछ लोग आलोचना भी कर रहे हैं, लेकिन यह बहुत मुश्किल फैसला होता है, उस मुकाम से पीछे हटना, जहां पहुंचने के लिए आपने काफी मेहनत की हो और अब सबकी नजरें बस आप पर ही टिकी हों. देखने में भले ही यह फैसला जल्दबाजी या उलझन में लिया लग सकता है, लेकिन कई बार यह फैसला इंसान की मेंटल हेल्थ के लिए सही होते हैं. इन दोनों के इस फैसले ने बर्नआउट को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है, जिसे अक्सर ही लोग नजरअंदाज कर देते हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, बर्नआउट एक ऐसी समस्या है जो अक्सर लंबे समय तक बने रहने वाले काम के स्ट्रेस से जन्म लेती है, खासकर तब जब उस तनाव को ठीक से संभाला न जाए. यह सिर्फ ऑफिस में ज्यादा काम होने की वजह से ही नहीं होता, बल्कि कई बार इंसान की पर्सनल लाइफ की परेशानियां भी इसे बढ़ा देती हैं. आसान शब्दों में कहें तो जब इंसान लगातार मानसिक दबाव में रहता है और उसे आराम या राहत नहीं मिलता, तो वही स्थिति बर्नआउट कहलाती है.
मगर सबसे ज्यादा सोचने वाली बात ये है कि बर्नआउट पर कोई बात नहीं करता है, जब तक कोई बड़ा सेलिब्रेटी या इन्फ्लुएंसर इसे लेकर सोशल मीडिया पर कुछ बड़ा पोस्ट नहीं करता है या इस पर खुलकर बात नहीं करता है.
आकाश हेल्थकेयर में मनोचिकित्सा विभाग की एसोसिएट कंसल्टेंट डॉ. पवित्रा शंकर के मुताबिक, सक्सेस के शिखर पर भी जानबूझकर ब्रेक लेना अक्सर कमजोरी नहीं बल्कि इमोशनल इंटेलिजेंस का इशारा होता है. अरिजीत सिंह और जाकिर खान जैसे पब्लिक फिगर पर लगातार दूसरे से अच्छा परफॉर्म करने, सुर्खियों में रहने के साथ-साथ अपने चाहने वालों की एक्सपेक्टेशन पर खरा उतरने का प्रेशर भी बना रहता है. यही सब चीजें धीरे-धीरे चुपचाप ही बर्नआउट, स्ट्रेस और इमोशनल बर्नआउट की वजह बन जाती हैं.
स्वीडन की एक मेडिकल यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के मुताबिक, क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोग डिप्रेशन के ज्यादा शिकार होते हैं. 2010 में आई Health.com की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि आर्ट फील्ड के लोग उन 10 बड़े ग्रुप्स की लिस्ट में पांचवे नंबर पर हैं जो अधिक डिप्रेशन में रहते हैं.
इसी बारे में लाइफ कोच और साइकोथेरेपिस्ट डॉ.चांदनी तुगनाइट ने बताया कि करीबन 20 साल की एक लाइफस्टाइल इन्फ्लुएंसर ने उनको बताया था कि वो भावनात्मक रूप से खुद को खाली महसूस करती हैं, लेकिन इसके साथ ही वो सोशल मीडिया पर एक्टिव भी रहती हैं. सबकुछ अच्छा चल रहा है और वो लोगों के साथ ऐसी वीडियोज शेयर करती हैं, जिससे उनके चेहरे पर खुशी आए. मगर वो खुद अंदर से पूरी तरह से टूटी हुई हैं, उनको अपनी जिंदगी में कोई खुशी महसूस नहीं होती है और वो खुद स्ट्रेस और नींद न आने की समस्या से परेशान हैं.
अरिजीत और जाकिर से पहले आमिर खान और विक्रांत मेसी भी ब्रेक का ऐलान कर चुके हैं. व्रिकांत ने कहा था कि साल 2025 में दो मूवीज के बाद वो लंबे समय तक कोई फिल्म नहीं करेंगे. एक्टर ने अपने ब्रेक को लेकर कहा था कि एक्टिंग की वजह से उनकी मेंटल और फिजिकल हेल्थ पर बुरा असर पड़ा है और उन्हें ऊब सी महसूस हो रही है और वह अपने परिवार और हेल्थ पर ध्यान देने के लिए कुछ समय का ब्रेक ले रहे हैं.
साइकेट्रिस्ट डॉ. हरीश शेट्टी के अनुसार, लगातार डबल शिफ्ट में काम करने वाले स्टार्स और यंग एक्टर्स को साइकोलॉजिकल प्रॉब्लम होने के चांस ज्यादा होते हैं. इसे कम करने के लिए कई बार लोग गलत चीजों में भी फंस जाते हैं.
एक्टर विनीत सिंह कहते हैं कि वो स्ट्रेस को कम करने के लिए बीच-बीच में काम से ब्रेक लेते रहते हैं. उनका मानना है कि अगर लाइफ में लगातार स्ट्रेस बना हुआ है, तो बेहतर है कि आप थोड़ा स्लो हो जाएं.
साइकोलॉजिस्ट कैंडिस लाम यू तुंग ने बताया था कि आम लोगों की तुलना में बड़े सेलिब्रेटी और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े लोग ज्यादा डिप्रेशन, बर्नआउट और बाइपोलर डिसॉर्डर जैसी समस्याओं से जूझते हैं. इन लोगों पर पब्लिक प्रेशर ज्यादा होता है, इसकी वजह से यह लोग सुसाइड, इंसोमेनिया, घबराहट, एडिक्शन और ईंटिग डिसॉर्डर की चपेट में आ जाते हैं.

सुसाइड सिंह राजपूत के सुसाइड के बाद भी पुलिस को जांच में मिला था कि वो पिछले 6 महीने से डिप्रेशन में थे, उनकी मौत ने फिल्म इंडस्ट्री पर कई सवाल भी खड़े कर दिए थे.
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मीशा अग्रवाल ने 24 अप्रैल 2025 को आखिरी सांस ली थी, उनके अचानक सुसाइड ने उनकी फैमिली, फ्रेंड के साथ-साथ फैंस को भी हिलाकर रख दिया था. मीशा लगातार इंस्टाग्राम पर अपनी फोटोज और वीडियो शेयर कर रही थीं और फनी रील्स पोस्ट करती थीं.
मगर उनकी अचानक मौत के पीछे की वजह सबके लिए किसी आई ओपनर से कम नहीं थी. उनकी बहन ने बताया था कि मीशा डिप्रेशन में थीं, हालांकि वो अपने घटते फॉलोअर्स की वजह से स्ट्रेस और डिप्रेशन में चली गई थीं. मगर सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट देखकर कोई उनके अंदर चल रहे खालीपन को समझ नहीं पाया.