32 किलो वजन कम करने के बाद भी अगर कोई लड़की 3–3 स्वेटर पहनकर ऑफिस जाए, तो बात चौंकाने वाली जरूर है लेकिन इसका कारण काफी लॉजिकल है. दरअसल, ब्रिटेन की एक वर्किंग वूमन जूलिया ने अपना करीब 32 किलो वजन कम किया और उनका कहना है कि जब से उन्होंने वेट लॉस किया है, उन्हें ठंड अधिक लगने लगी है. जिस कमरे में वो होती हैं दूसरे लोग तो कमर में नॉर्मल रहते हैं लेकिन उन्हें एक्स्ट्रा लेयर्स पहननी पड़ती हैं. जूलिया ने इंस्टाग्राम पर कहा, 'पहले ओवरवेट होने पर मुझे अक्सर पसीना आता था लेकिन अब मेरा शरीर बहुत ठंडा महसूस करता है और मुझे कई लेयर्स पहननी पड़ती हैं.'
डॉक्टरों के मुताबिक तेज या अधिक वेट लॉस के बाद शरीर का फिजियोलॉजीकल सेट‑अप बदल जाता है जो बार‑बार ठंड लगने की फीलिंग देने लगता है. लेकिन इसके पीछे का साइंटिफिक कारण क्या होता है, ये भी जान लीजिए.
वेट लॉस के बाद ठंड क्यों लगती है?
फैट हमारी बॉडी के लिए नैचुरल इंसुलेशन की तरह काम करता है जो गर्मी को अंदर रोके रखता है. लेकिन जब कोई तेजी से वेट लॉस करता है तो सबक्यूटेनियस फैट कम हो जाता है जिससे शरीर के पास ठंड से बचाने वाली यह कुशन परत पतली हो जाती है और तापमान जल्दी गिरने लगता है. इससे आपको सर्दी का अहसास होने लगता है.
मेटाबॉलिक रेट घट जाता है
तेजी से वजन कम करने पर रेस्टिंग मेटाबॉलिक रेट घट जाता है यानी शरीर रेस्ट की हालत में पहले जितनी कैलोरीज बर्न नहीं करता और ना ही हीट बनाता है इसलिए पहले जैसा वार्म महसूस नहीं होता.
क्या सिर्फ फैट कम होना ही वजह है?
वेट लॉस के दौरान अक्सर कुछ मसल मास भी कम हो जाता है जबकि मसल्स ठंड में हीट प्रोड्यूस करने के लिए जरूरी हैं. ऐसे में मसल का कम होने मतलब कम हीट और अधिक ठंड महसूस होना होता है.
कुछ लोगों में कैलरी रेस्ट्रिक्शन और हॉर्मोनल बदलाव के चलते थायरॉयड फ़ंक्शन और ब्लड फ्लो पर भी असर पड़ सकता है, जिससे हाथ‑पैर ठंडे रहना और हल्की ठंड भी अधिक लगना आम शिकायत बन जाती है.
एक्सट्रीम ठंड लगे तो क्या करें?
डॉक्टर सामान्य तौर पर सलाह देते हैं कि वेट लॉस के बाद भी बहुत लो‑कैलरी डाइट पर न टिकें, प्रोटीन और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मसल्स को मेन्टेन रखें और लेयरिंग वाले गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें.