How To Reuse Oil: होली पर घर में तरह-तरह की मिठाइयां और नमकीन बनती हैं. गुजिया और मठरी तली जाए और कड़ाही में तेल न बचे, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. इन सब चीजों को तलने के में अक्सर काफी तेल इस्तेमाल होता है और तलने के बाद कड़ाही में अच्छा-खासा तेल बच जाता है. ऐसे में ज्यादातर लोग या तो उसे ठंडा होते ही सिंक में उड़ेल देते हैं या कूड़ेदान में फेंक देते हैं.
लेकिन सच ये है कि ऐसा करना बिल्कुल सही नहीं है. तेल नाली में डालने से पाइप जाम हो सकते हैं और सीवर सिस्टम पर भी बुरा असर पड़ता है. वहीं दूसरी ओर, बिना सोचे-समझे उसी तेल को बार-बार गरम करके दोबारा इस्तेमाल करना भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. ज्यादा गरम या कई बार इस्तेमाल किया हुआ तेल पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ा सकता है और खाने का स्वाद भी खराब कर देता है.
तो फिर सवाल ये उठता है कि आखिर बचे हुए तेल का किया क्या जाए? अगर आपके मन में भी यही सवाल उठता है तो ये खबर आपके लिए है. अगर तेल ज्यादा जला, काला या बदबूदार नहीं हुआ है, तो उसे सीधे फेंकने की जरूरत नहीं है. आसान और समझदारी भरे तरीकों से आप इस तेल का सही इस्तेमाल कर सकते हैं, वो भी बिना अपनी सेहत से समझौता किए. आज हम आपको गुजिया-मठरी तलने के बाद बचे तेल को दोबारा घर में इस्तेमाल करने के 25 तरीके बताने जा रहे हैं.
सबसे पहले करें ये काम
सबसे पहले तेल को पूरी तरह ठंडा होने दें. गर्म तेल को छूना या स्टोर करना खतरनाक हो सकता है. ऐसे में जब तेल ठंडा हो जाए उसके बाद एक बारीक छलनी या मलमल के कपड़े से तेल को छान लें, ताकि उसमें मौजूद जले हुए टुकड़े या मसाले अलग हो जाएं.
अब इस साफ तेल को कांच की बोतल या जार में भरकर ढक्कन बंद कर दें. ध्यान रखें कि उसमें पानी या खाने के जले कण बिल्कुल न रहें, वरना तेल जल्दी खराब हो सकता है.
टिप: अगर तेल बहुत ज्यादा काला, गाढ़ा या बदबूदार हो चुका है, तो उसे दोबारा खाने में इस्तेमाल न करें.
घर के छोटे-मोटे कामों में आएगा काम
1. दरवाजे से आने वाली आवाज करता है खत्म: अगर आपके घर के दरवाजे खोलते-बंद करते समय आवाज आती है तो कुंडी या हिंज पर थोड़ा सा बचा हुआ तेल लगा दें. इससे रगड़ कम होगी और दरवाजा स्मूद चलेगा. दरअसल, तेल बढ़िया लुब्रिकेंट है.
2. अटकता ताला ठीक करें: अगर चाबी बार-बार फंसती है तो उस पर हल्का सा तेल लगाकर ताले में घुमाएं. ताले के अंदर की रगड़ कम होगी और लॉक आसानी से खुल जाएगा.
3. ऑयल लैम्प में करें इस्तेमाल: घर में अगर तेल वाला दिया या लैम्प है तो ये छाना हुआ तेल उसमें डाला जा सकता है. ध्यान रहे तेल साफ हो और उसमें पानी या जले टुकड़े न हों.
4. लकड़ी के फर्नीचर की चमक: अगर आप अपने लकड़ी के फर्नीचर को दोबारा से चमकदार बनाना चाहते हैं तो बराबर मात्रा में तेल और सफेद सिरका मिलाकर मुलायम कपड़े से फर्नीचर पर रगड़ें. इससे लकड़ी पर आई हल्की खरोंचें भी छिप जाती हैं और पुरानी चमक वापस आती है.
5. चमड़े का बैग या सोफा: बहुत हल्की मात्रा में तेल लेकर चमड़े की सरफेस पर धीरे-धीरे लगाएं. इससे लेदर सॉफ्ट रहता है, लेकिन ज्यादा तेल लगाने से लेदर चिकना हो जाएगा.
6. बेंत का फर्नीचर: बेंत सूखकर फटने लगता है, जिसकी वजह से उसका फर्नीचर भी खराब होने लगता है. ऐसे में हल्का तेल कपड़े से उसपर रगड़ देना सही रहता है. इससे उसमें नमी बनी रहती है और दरारें पड़ने की संभावना कम होती है.
7. हाथों से पेंट हटाना: अगर पेंट हाथों पर सूख गया है तो उस पर तेल लगाकर 5 मिनट छोड़ दें. फिर साबुन से धोने पर पेंट आसानी से निकल जाएगा.
8. कांटा निकालना आसान: अगर आपकी स्किन में कहीं कांटा फंस गया हो तो उस जगह को कुछ देर तेल में भिगोकर रखें. स्किन सॉफ्ट हो जाएगी और कांटा निकालना आसान हो जाएगा.
ब्यूटी और केयर में भी आता है काम
9. बालों के लिए: तेल को हल्का गुनगुना करके सिर और बालों में अच्छे से मसाज करें और करीब 15 मिनट तक लगा रहने दें. इसके बाद माइल्ड शैंपू से धो लें, इससे बालों में सॉफ्टनेस बनी रहती है.
10. सूखी स्किन पर लगाएं: अगर आपकी स्किन बहुत ड्राई हो रही है तो नहाने के बाद हल्का सा तेल लगाकर मसाज करें. इससे स्किन में मॉइश्चर लॉक होता है और ड्राइनेस कम महसूस होती है.
11. लिप बाम/घरेलू क्रीम: अगर आप घर पर लिप बाम या हर्बल क्रीम बनाना चाहते हैं तो इसे बनाते समय तेल बेस की तरह काम करता है. ये बाकी इंग्रेडिएंट्स को बांधकर रखता है और होंठों या स्किन को मुलायम बनाए रखने में मदद करता है.
किचन में भी आएगा काम:
12. कास्ट आयरन तवा/कड़ाही सीजनिंग: कास्ट आयरन के बर्तन पर तेल की बहुत हल्की परत लगाकर उसे गैस पर गर्म करें. इससे बर्तन पर नेचुरल नॉन-स्टिक लेयर बनती है और जंग नहीं लगता है.
13. नए बर्तनों को जंग से बचाएं: अगर आप चाहते हैं कि आपके लोहे या स्टील के नए बर्तन खराब न हों तो उनपर तेल लगा सकते हैं. बर्तनों को धोकर सुखाएं और उन पर हल्का तेल रगड़ दें. इससे नमी का असर कम होगा और जंग लगने की संभावना घटेगी.
14. मेजरिंग कप में शहद न चिपके: शहद या गुड़ की चाशनी नापने से पहले मेजरिंग कप के अंदर हल्का तेल लगा लें. इससे चिपचिपी चीजें आसानी से बाहर निकल जाएंगी और बर्बादी नहीं होगी.
15. चिपके गिलास अलग करें: अगर दो गिलास आपस में फंस गए हैं तो नीचे वाले गिलास के किनारे पर थोड़ा तेल डालें. तेल अंदर पहुंचकर रगड़ कम करेगा और गिलास आसानी से अलग हो जाएंगे.
16. जार का लेबल हटाएं: कांच के जार पर चिपका लेबल हटाने के लिए उस पर तेल लगाकर 10 मिनट छोड़ दें. चिपक ढीली हो जाएगी और लेबल बिना ज्यादा मेहनत के उतर जाएगा.
17. फंसा ढक्कन खोलें: अगर जार का ढक्कन बहुत टाइट हो गया है तो उसके किनारों पर थोड़ा तेल लगा दें. तेल से पकड़ ढीली होगी और ढक्कन खोलना आसान हो जाएगा.
गार्डन में ऐसे करें इस्तेमाल
18. गार्डन टूल्स पर लगाएं: अगर आपके गार्डन के टूल्स जैसे फावड़ा, कैंची या घास काटने वाले औजारों पर जंग लग गया है तो उसपर हल्का सा तेल रगड़ दें. इससे मिट्टी और घास कम चिपकेगी और औजारों पर जंग भी नहीं लगेगी.
19. कीड़ों से बचाव: पानी और वेजिटेबल ऑयल का हल्का घोल बनाकर पौधों पर स्प्रे किया जा सकता है. तेल की लेयर छोटे कीड़ों को हटाने में मदद करती है, लेकिन मात्रा बहुत कम रखें.
ये काम भी करता है तेल
20. गाड़ी की सफाई: कपड़े पर थोड़ा सा तेल लेकर जमी हुई गंदगी पर हल्के हाथ से रगड़ें. इससे धूल, कीचड़ या चिपकी गंदगी ढीली हो जाती है और साफ करना आसान होता है.
21. मेटल के औजारों पर जंग से बचाव: लोहे के औजारों पर तेल की पतली सी लेयर लगा सकते हैं. ये नमी से बचाव करता है और जंग लगने की संभावना कम करता है.
22. कम्पोस्ट में थोड़ी मात्रा: अगर घर में कम्पोस्ट पिट है तो बहुत कम मात्रा में वेजिटेबल ऑयल मिलाया जा सकता है. ये ऑर्गेनिक कचरे के साथ मिलकर सड़ता है, लेकिन ज्यादा मात्रा नुकसान कर सकती है.
23. पालतू जानवरों के खाने में: बहुत कम मात्रा में पालतू जानवरों के खाने में तेल मिलाने से स्वाद बढ़ सकता है. हालांकि, नियमित देने से पहले जानवरों के डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है.
24. घरेलू साबुन बनाना: इस्तेमाल किए गए वेजिटेबल ऑयल से घर पर साबुन बनाया जा सकता है. इसके लिए सही रेसिपी और सुरक्षा सावधानियां जरूर अपनाएं.
25. रिन्यूएबल फ्यूल: प्रोफेशनल प्रोसेस के बाद यही इस्तेमाल किया हुआ तेल बायोडीजल जैसे फ्लूय में बदला जा सकता है.
इससे कचरा कम होता है और पर्यावरण के लिए बेहतर ऑप्शन मिलता है.